बीकानेर: 45 लाख की लिमिट और 6.60 करोड़ का खेल; SBI सॉफ्टवेयर की चूक से ‘करोड़पति’ बना सरपंच प्रतिनिधि गिरफ्तार

💳 बैंकिंग फ्रॉड | बीकानेर | नोखा

बीकानेर के नोखा में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के सॉफ्टवेयर में आई एक तकनीकी खामी ने एक साधारण व्यापारी को रातों-रात करोड़पति बना दिया। आरोपी ने 45 लाख की स्वीकृत लिमिट के बदले साढ़े छह करोड़ से अधिक का अवैध लेनदेन कर लिया। पुलिस ने आरोपी सरपंच प्रतिनिधि को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया है।

📰 ख़बर बीकानेर | 📅 ताज़ा अपडेट | 📍 नोखा, बीकानेर



📲 ‘ख़बर बीकानेर’ के WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — पल-पल की ताज़ा ख़बरों के लिए!

धोखाधड़ी के मुख्य बिंदु:

  • SBI की तकनीकी खामी का फायदा उठाकर 6.60 करोड़ का किया फर्जी लेनदेन।
  • आरोपी अमृतलाल जाट की फर्म ‘श्री बालाजी एग्रो’ की लिमिट मात्र 45 लाख थी।
  • रसूखदार आरोपी नंबा ग्राम पंचायत का सरपंच प्रतिनिधि और पूर्व सरपंच का पति है।
  • नोखा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को 3 दिन के रिमांड पर लिया।
  • अवैध रूप से ट्रांसफर की गई बड़ी रकम की रिकवरी के लिए जाँच हुई तेज।

सॉफ्टवेयर की ‘चूक’ और करोड़ों की ‘लूट’

बीकानेर। जिले के नोखा थाना क्षेत्र में डिजिटल बैंकिंग सुरक्षा और बैंक सॉफ्टवेयर की विश्वसनीयता पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। ग़ौरतलब है कि सांडवा निवासी अमृतलाल जाट का नोखा स्थित एसबीआई (SBI) शाखा में ‘मैसर्स श्री बालाजी एग्रो इंडस्ट्रीज’ के नाम से सीसी लिमिट खाता संचालित था। बैंक ने इस खाते के लिए मात्र 45 लाख रुपये की नकद साख सीमा (Cash Credit Limit) निर्धारित की थी। लेकिन, सॉफ्टवेयर में आई किसी अज्ञात तकनीकी खामी को आरोपी ने अपनी ‘कमाई’ का जरिया बना लिया और स्वीकृत सीमा से कई गुना अधिक यानी लगभग 6.60 करोड़ रुपये का अवैध ट्रांजेक्शन कर डाला।

“आरोपी ने बैंक की सॉफ्टवेयर ग्लिच को अपना अधिकार समझ लिया और विभिन्न फर्मों के खातों में करोड़ों रुपये ट्रांसफर कर दिए। बैंक की इंटरनल ऑडिट में इस महाघोटाले का खुलासा हुआ।”

तफ्तीश: रसूख और रिमांड का खेल

नोखा थानाधिकारी अरविंद भारद्वाज के अनुसार, आरोपी अमृतलाल जाट क्षेत्र का एक रसूखदार व्यक्ति है। वह नंबा ग्राम पंचायत में सरपंच प्रतिनिधि के रूप में सक्रिय है और उसका परिवार लंबे समय से स्थानीय राजनीति में दखल रखता है। पुलिस की तफ्तीश में यह सामने आया है कि आरोपी ने बैंक से मिली इस अनचाही ‘सुविधा’ का उपयोग अवैध रूप से धनशोधन और निवेश के लिए किया।

सूत्रों के अनुसार, पुलिस टीम ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। इस दौरान एएसआई ताराचंद और उनकी टीम यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि गबन की गई यह भारी-भरकम राशि अब कहाँ है। क्या इस मामले में बैंक के किसी अधिकारी की मिलीभगत है या यह पूरी तरह सॉफ्टवेयर आधारित त्रुटि थी? फिलहाल, बीकानेर के व्यापारिक हलकों में इस गिरफ्तारी के बाद से ही हड़कंप मचा हुआ है।



✅ अभी क्लिक करें और ‘ख़बर बीकानेर’ WhatsApp ग्रुप जॉइन करें!

⚖️ विधिक सूचना एवं डिस्क्लेमर (Legal Notice): ‘ख़बर बीकानेर’ पोर्टल पर प्रकाशित सभी समाचार, लेख और सूचनाएं उपलब्ध विश्वसनीय स्रोतों, सार्वजनिक जानकारी और प्रारंभिक रिपोर्ट्स के आधार पर केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए तैयार की जाती हैं। यद्यपि हम सटीकता सुनिश्चित करने का अटूट प्रयास करते हैं, फिर भी तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि समय के साथ अपडेट हो सकती है। ‘ख़बर बीकानेर’ किसी भी अनजाने मानवीय त्रुटि, तथ्यों में बदलाव या सामग्री के उपयोग से होने वाले किसी भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष नुकसान के लिए कानूनी रूप से उत्तरदायी नहीं होगा। पाठक किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले संबंधित आधिकारिक विभाग या दस्तावेज़ से पुष्टि अवश्य करें। इस पोर्टल की समस्त सामग्री के सर्वाधिकार (Copyright) सुरक्षित हैं। किसी भी विवाद की स्थिति में न्यायिक क्षेत्र बीकानेर होगा।

#BikanerNews #SBIFraud #NokhaPolice #AmritlalJat #BankingScam #BikanerCrime #NokhaNews #KhabarBikaner
© ख़बर बीकानेर | सभी अधिकार सुरक्षित

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top