बीकानेर: आखातीज पर फिर चला मांझे का खूनी खेल, पतंगबाज़ी के दौरान 42 लोग हुए घायल, पीबीएम अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में लगी कतारें!

🚨 पब्लिक अलर्ट | बीकानेर | पतंगबाजी के हादसे

बीकानेर में आखातीज (अक्षय तृतीया) का त्योहार एक बार फिर कई लोगों के लिए जानलेवा साबित हुआ है। सोमवार को भी आसमान में उड़ रही पतंगों की डोर (मांझा) ने ज़मीन पर कई लोगों को खून से लथपथ कर दिया। अलग-अलग हादसों में बयालीस (42) से अधिक घायल लोग पीबीएम अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर पहुंचे।

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📍 पीबीएम अस्पताल, बीकानेर
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📌 खबर के मुख्य बिंदु

  • अक्षय तृतीया (आखातीज) के पावन अवसर पर बीकानेर शहर में सोमवार को भी जमकर हुई पतंगबाज़ी
  • पतंगबाज़ी के दौरान छतों से गिरने, सड़क पर पतंग लूटने और गले में मांझा फंसने के कई गंभीर मामले आए सामने
  • एक ही दिन (सोमवार) में अलग-अलग हादसों का शिकार होकर कुल बयालीस (42) लोग पहुंचे पीबीएम अस्पताल
  • बड़ी राहत: पीबीएम के ट्रॉमा सेंटर इंचार्ज डॉक्टर लवलीन कपिल ने बताया कि गनीमत रही कि किसी को बहुत गहरी (जानलेवा) चोट नहीं लगी
  • फ्लैशबैक: देशनोक में चाइनीज़ मांझे से आठ वर्षीय मासूम ‘विराट’ की मौत के बाद पुलिस ने भारी ज़ब्ती और तीन गिरफ्तारियां की थीं

बीकानेर। मरुधरा के पारंपरिक त्योहार अक्षय तृतीया (आखातीज) के मौके पर बीकानेर के आसमान में भले ही सतरंगी पतंगें उड़ रही हों, लेकिन ज़मीन पर यही पतंगें कई परिवारों के लिए खौफ और आंसुओं का कारण बन रही हैं। पुलिस प्रशासन की भारी सख्ती और ताबड़तोड़ छापेमारी के बावजूद, शहर में चाइनीज़ मांझे (कांच लगे खतरनाक धागे) का खूनी खेल सोमवार को भी बदस्तूर जारी रहा।

🛑 पीबीएम (PBM) के ट्रॉमा सेंटर में लगी कतारें

सोमवार सुबह से ही शहर की छतों पर बच्चों, युवाओं और परिवारों का हुजूम पतंगबाज़ी का लुत्फ उठा रहा था। लेकिन इस जश्न के बीच, हादसों का सिलसिला भी शुरू हो गया।

शाम ढलते-ढलते बीकानेर के सबसे बड़े पीबीएम सरकारी अस्पताल के आपातकालीन (ट्रॉमा) सेंटर में घायलों की कतारें लग गईं। कोई छत से नीचे गिरकर लहुलूहान हुआ, कोई सड़क पर पतंग लूटने के चक्कर में वाहनों से टकराया, तो कई राहगीरों के गले और हाथ हवा में लटकते धारदार मांझे से कट गए।

बयालीस लोग पहुंचे अस्पताल, डॉक्टर ने दी राहत की खबर

पीबीएम अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (इंचार्ज) डॉक्टर लवलीन कपिल ने आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि सोमवार को एक ही दिन में पतंगबाज़ी से जुड़े हादसों में घायल होकर बयालीस (42) मरीज़ अस्पताल पहुंचे।

डॉक्टर कपिल ने कहा कि, “इन बयालीस घायलों में से कई लोगों के शरीर और गले पर मांझे से कटने के गहरे निशान थे। कई घायलों ने खुद दावा किया कि उन्हें जो मांझा चीरते हुए निकला, वह पूरी तरह से ‘चाइनीज़ मांझा’ था।” हालांकि, राहत की सबसे बड़ी बात यह रही कि किसी भी घायल की चोटें जानलेवा (गंभीर) नहीं थीं। डॉक्टरों ने तुरंत सभी का प्राथमिक उपचार किया, टांके लगाए और कुछ ही घंटों की निगरानी के बाद सभी घायलों को सुरक्षित अस्पताल से छुट्टी (डिस्चार्ज) दे दी गई। चूंकि घाव श्वास नली तक नहीं पहुंचे थे, इसलिए मेडिकल रिपोर्ट में इसे ‘चाइनीज़ मांझा’ होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

“याद रहे, इसी रविवार को आखातीज के मुख्य पर्व पर भी शहरभर से करीब एक सौ पचास (150) से ज्यादा लोग मांझे से कटकर और छतों से गिरकर बुरी तरह से चोटिल हुए थे। इतनी बड़ी संख्या में लोगों का घायल होना पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।”

मासूम विराट की मौत के बाद जागी थी पुलिस

ग़ौरतलब है कि कुछ ही दिनों पहले बीकानेर के देशनोक इलाके (पुलिया के पास) चाइनीज़ मांझे की चपेट में आने से आठ साल के एक हंसते-खेलते मासूम ‘विराट’ की दर्दनाक मौत हो गई थी। धारदार मांझे ने उस मासूम की पूरी श्वास नली को बीच से काट डाला था।

इस खौफनाक हादसे और जनता के भारी आक्रोश (गुस्से) के बाद ही बीकानेर का जिला और पुलिस प्रशासन कुंभकर्णी नींद से जागा था। आनन-फानन में पुलिस ने पूरे शहर में ताबड़तोड़ छापेमारी (रेड) शुरू की। गोगागेट (लाल गुफा रोड) और अन्य इलाकों से भारी मात्रा में प्रतिबंधित चाइनीज़ मांझा ज़ब्त किया गया और इस मौत के सामान को चोरी-छिपे बेचने वाले तीन लालची व्यापारियों को सलाखों के पीछे (गिरफ्तार) भी डाला गया। लोगों द्वारा बरती गई अतिरिक्त सतर्कता के कारण ही सोमवार को कोई भी हादसा जानलेवा साबित नहीं हुआ।

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⚠️ कानूनी अस्वीकरण एवं जनहित अपील (Public Safety Alert)

यह समाचार पीबीएम अस्पताल (ट्रॉमा सेंटर) के चिकित्सा अधिकारियों द्वारा दी गई आधिकारिक प्राथमिक जानकारी और पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है।

‘ख़बर बीकानेर’ शहर के सभी अभिभावकों और युवाओं से हाथ जोड़कर अपील करता है कि अपने चंद पलों के शौक और मनोरंजन के लिए किसी बेगुनाह राहगीर की ज़िंदगी से खिलवाड़ न करें। जानलेवा चाइनीज़ मांझे (प्लास्टिक या कांच लगे धागे) का इस्तेमाल बिल्कुल भी न करें, न इसे खरीदें और न ही इसे बेचें। यह एक जघन्य और गैर-जमानती अपराध है। दोपहिया वाहन चलाते समय हमेशा गले में मफलर (सुरक्षा कवच) या अच्छी गुणवत्ता का फुल-फेस हेलमेट पहनें। पोर्टल किसी भी त्रुटि या प्रशासनिक परिवर्तन के लिए उत्तरदायी नहीं है।

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