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धोखाधड़ी के मुख्य बिंदु:
- SBI की तकनीकी खामी का फायदा उठाकर 6.60 करोड़ का किया फर्जी लेनदेन।
- आरोपी अमृतलाल जाट की फर्म ‘श्री बालाजी एग्रो’ की लिमिट मात्र 45 लाख थी।
- रसूखदार आरोपी नंबा ग्राम पंचायत का सरपंच प्रतिनिधि और पूर्व सरपंच का पति है।
- नोखा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को 3 दिन के रिमांड पर लिया।
- अवैध रूप से ट्रांसफर की गई बड़ी रकम की रिकवरी के लिए जाँच हुई तेज।
सॉफ्टवेयर की ‘चूक’ और करोड़ों की ‘लूट’
बीकानेर। जिले के नोखा थाना क्षेत्र में डिजिटल बैंकिंग सुरक्षा और बैंक सॉफ्टवेयर की विश्वसनीयता पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। ग़ौरतलब है कि सांडवा निवासी अमृतलाल जाट का नोखा स्थित एसबीआई (SBI) शाखा में ‘मैसर्स श्री बालाजी एग्रो इंडस्ट्रीज’ के नाम से सीसी लिमिट खाता संचालित था। बैंक ने इस खाते के लिए मात्र 45 लाख रुपये की नकद साख सीमा (Cash Credit Limit) निर्धारित की थी। लेकिन, सॉफ्टवेयर में आई किसी अज्ञात तकनीकी खामी को आरोपी ने अपनी ‘कमाई’ का जरिया बना लिया और स्वीकृत सीमा से कई गुना अधिक यानी लगभग 6.60 करोड़ रुपये का अवैध ट्रांजेक्शन कर डाला।
तफ्तीश: रसूख और रिमांड का खेल
नोखा थानाधिकारी अरविंद भारद्वाज के अनुसार, आरोपी अमृतलाल जाट क्षेत्र का एक रसूखदार व्यक्ति है। वह नंबा ग्राम पंचायत में सरपंच प्रतिनिधि के रूप में सक्रिय है और उसका परिवार लंबे समय से स्थानीय राजनीति में दखल रखता है। पुलिस की तफ्तीश में यह सामने आया है कि आरोपी ने बैंक से मिली इस अनचाही ‘सुविधा’ का उपयोग अवैध रूप से धनशोधन और निवेश के लिए किया।
सूत्रों के अनुसार, पुलिस टीम ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। इस दौरान एएसआई ताराचंद और उनकी टीम यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि गबन की गई यह भारी-भरकम राशि अब कहाँ है। क्या इस मामले में बैंक के किसी अधिकारी की मिलीभगत है या यह पूरी तरह सॉफ्टवेयर आधारित त्रुटि थी? फिलहाल, बीकानेर के व्यापारिक हलकों में इस गिरफ्तारी के बाद से ही हड़कंप मचा हुआ है।
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