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खबर के मुख्य बिंदु:
- लूणकरणसर के जलदाय विभाग परिसर में लेपर्ड की मौजूदगी की आशंका।
- वन विभाग की टीम ने निगरानी के लिए परिसर में लगाए 4 ‘ट्रैप कैमरे’।
- रेंजर के नेतृत्व में वन कर्मियों की टीमें दिन-रात कर रही हैं गश्त।
- स्थानीय निवासियों और कर्मचारियों को अकेले बाहर न निकलने की हिदायत।
- कैमरों की फुटेज मिलने के बाद ही हो पाएगी जंगली जानवर की पुख्ता पहचान।
तकनीकी निगरानी: ट्रैप कैमरों के साये में परिसर
बीकानेर। लूणकरणसर कस्बे में जंगली जानवर की सक्रियता की सूचना ने क्षेत्र में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। ग़ौरतलब है कि जलदाय विभाग (PHED) परिसर में पिछले कुछ दिनों से किसी भारी जंगली जानवर के पैरों के निशान और संदिग्ध हलचल देखी जा रही थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग की टीम रविवार को दिनभर सक्रिय रही। स्थानीय रेंजर के निर्देशन में विभाग ने परिसर के रणनीतिक स्थानों पर 4 अत्याधुनिक ट्रैप कैमरे स्थापित किए हैं। ये कैमरे किसी भी प्रकार की हलचल होने पर स्वचालित रूप से फोटो और वीडियो कैप्चर करेंगे, जिससे जानवर की प्रजाति का सटीक पता लगाया जा सके।
सुरक्षा एडवाइजरी: अकेले बाहर निकलने पर पाबंदी
वन विभाग के अनुसार, जब तक जानवर की पहचान नहीं हो जाती और उसे रेस्क्यू नहीं कर लिया जाता, तब तक सावधानी बरतना ही एकमात्र विकल्प है। तफ्तीश और गश्त के दौरान विभाग ने स्थानीय निवासियों और विशेषकर जलदाय विभाग के रात्रि ड्यूटी वाले कर्मचारियों के लिए कड़ी हिदायत जारी की है। उन्हें रात के समय अकेले बाहर न निकलने, हाथों में टॉर्च और डंडा रखने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना वन विभाग को देने को कहा गया है।
सूत्रों के अनुसार, वन विभाग के कर्मचारियों की विशेष टीमें पूरे लूणकरणसर क्षेत्र में सघन गश्त कर रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि भीषण गर्मी के कारण पानी की तलाश में कोई वन्यजीव रिहायशी इलाकों की ओर आ सकता है। फिलहाल प्रशासन फुटेज का इंतज़ार कर रहा है ताकि आगे की रणनीति तैयार की जा सके।
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