बीकानेर: हज़रत इमाम हुसैन की याद में सजेगी अदबी महफ़िल; 26 जून को होगा ‘तरही बज़्मे-मुसालमा’, शायर देंगे खिराज-ए-अक़ीदत

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🏴 यौम-ए-आशूरा | बीकानेर | अदबी नज़राना

हज़रत इमाम हुसैन और अहले बैत की लासानी शहादत को याद करने के लिए बीकानेर के साहित्यकार अपनी कलम से अक़ीदत के फूल पेश करेंगे। ‘नज़ीर ग़ौरी उर्दू अकादमी’ और ‘अदब सराय’ द्वारा 10 मोहर्रम के अवसर पर एक भव्य तरही बज़्मे-मुसालमा का आयोजन किया जा रहा है।

📰 ख़बर बीकानेर | 📅 23 जून, 2026 | 📍 नज़ीर ग़ौरी सभागार, बीकानेर | 👤 स्रोत: क़ासिम बीकानेरी



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आयोजन की मुख्य बातें:

  • दिनांक: 26 जून 2026 (10 मोहर्रम, शुक्रवार) को होगा आयोजन।
  • स्थान: सिटी कोतवाली के सामने, नज़ीर ग़ौरी सभागार, बीकानेर।
  • मिसर-ए-तरह: ‘कर्बला में है अजब महशर का मंज़र देखिये’।
  • नगर के प्रतिष्ठित शायर हज़रत इमाम हुसैन की शान में पढ़ेंगे अपना कलाम।
  • वरिष्ठ शायर इरशाद अज़ीज़ करेंगे कार्यक्रम की शानदार निज़ामत।

शहादत-ए-कर्बला: कलम के जरिए खिराज-ए-अक़ीदत

बीकानेर। शहर की साहित्यिक और रूहानी फिजाओं में एक बार फिर कर्बला के शहीदों की याद ताज़ा होने जा रही है। ग़ौरतलब है कि नज़ीर ग़ौरी उर्दू अकादमी और अदब सराय, बीकानेर के संयुक्त तत्वावधान में आगामी 26 जून को एक विशेष तरही बज़्मे-मुसालमा का आयोजन किया गया है। यह दिन इस्लामी कैलेंडर के अनुसार 10 मोहर्रम का मुबारक मौका है, जिसे पूरी दुनिया में हज़रत इमाम हुसैन की महान शहादत की याद में मनाया जाता है। नज़ीर ग़ौरी उर्दू अकादमी के संस्थापक व वरिष्ठ शाइर वली मोहम्मद ग़ौरी ने जानकारी दी कि शुक्रवार (जुम्मा) को दोपहर 3:00 बजे से यह अदबी महफ़िल नज़ीर ग़ौरी सभागार में शुरू होगी।

मिसर-ए-तरह (काव्य पंक्ति):
“कर्बला में है अजब महशर का मंज़र देखिये”

शायरी की समीक्षा और चुनिंदा कलाम

अदब सराय के संस्थापक और चर्चित शायर क़ासिम बीकानेरी ने बताया कि इस बार शायरों को विशेष मिसर-ए-तरह (काव्य पंक्ति) दी गई है, जिस पर वे अपनी रचनाएं पेश करेंगे। इस बज़्मे-मुसालमा में बीकानेर के चुनिंदा और नामचीन शायर शिरकत करेंगे और अहले बैत की शान में अपनी मोहब्बत और अक़ीदत का नज़राना पेश करेंगे। कार्यक्रम की सफलता और व्यवस्थाओं को लेकर आयोजकों द्वारा व्यापक समीक्षा की गई है।

सूत्रों के अनुसार, इस गरिमामयी महफ़िल की निज़ामत (संचालन) वरिष्ठ शाइर इरशाद अज़ीज़ करेंगे। बीकानेर का साहित्य जगत हमेशा से ही इंसानियत और बलिदान के पैगाम को आगे बढ़ाने में अग्रणी रहा है। यह आयोजन न केवल उर्दू अदब को बढ़ावा देगा, बल्कि समाज में एकता और भाईचारे का संदेश भी प्रसारित करेगा। आयोजकों ने शहर के अदब पसंद लोगों से इस कार्यक्रम में पहुँचने की अपील की है।



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