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बदहाली की मुख्य बातें:
- वार्ड 53 (सुभाषपुरा) में पिछले 20 दिनों से नहीं पहुँची कचरा संग्रहण गाड़ी।
- गली-मोहल्लों में कचरे की सड़ांध से बीमारियों के फैलने का बना बढ़ा खतरा।
- मण्डल अध्यक्ष अब्दुल रहमान लोदरा ने नगर निगम को घेरा, की नियमित टिपर की मांग।
- प्रशासन से लापता ऑटो टिपर की तलाश और नई व्यवस्था लागू करने का आग्रह।
- भीषण गर्मी में सड़ता हुआ कचरा राहगीरों और निवासियों के लिए बना मुसीबत।
लापरवाही का मंजर: सड़कों पर कचरा, प्रशासन मौन
बीकानेर। शहर के पॉश इलाकों के दावों के बीच वार्ड नंबर 53 की हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। ग़ौरतलब है कि बीकानेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के सुभाषपुरा मण्डल अध्यक्ष अब्दुल रहमान लोदरा ने आज क्षेत्र के दयनीय हालातों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। लोदरा ने बताया कि घर-घर से कचरा उठाने वाला ऑटो टिपर पिछले करीब 15 से 20 दिनों से मोहल्ले से नदारद है। इसके चलते लोगों को अपना कचरा खुले मैदानों या सड़कों के किनारे फेंकने पर मजबूर होना पड़ रहा है। सड़ते हुए कचरे और प्लास्टिक की वजह से इलाके में भीषण दुर्गंध फैल गई है, जिससे लोगों का सांस लेना तक दूभर हो गया है।
बीमारियों का डर और जनता की गुहार: समीक्षा
क्षेत्र की इस गंभीर समस्या की समीक्षा करने पर सामने आया कि डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण की विफलता से डेंगू और मलेरिया जैसी संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे नियमित रूप से सफाई करों का भुगतान करते हैं, फिर भी उन्हें बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। पड़ताल में यह भी सामने आया है कि नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा वार्डों की निगरानी में बड़ी कोताही बरती जा रही है।
अब्दुल रहमान लोदरा ने नगर निगम प्रशासन से पुरजोर अपील की है कि वे इस मामले में त्वरित दखल दें और वार्ड 53 में नियमित रूप से ऑटो टिपर भेजने की व्यवस्था सुनिश्चित करें। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि अगले 48 घंटों में सफाई व्यवस्था सुचारू नहीं की गई, तो क्षेत्रवासी उग्र विरोध प्रदर्शन के लिए मजबूर होंगे। सूत्रों के अनुसार, निगम के बेड़े में कई गाड़ियां तकनीकी खराबी के चलते खड़ी हैं, लेकिन उनका कोई वैकल्पिक इंतजाम नहीं किया गया है।
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समाचार प्रेषक: अब्दुल रहमान लोदरा