बीकानेर PBM अस्पताल की सुरक्षा ‘भगवान भरोसे’: 4 दिन से हड़ताल पर बैठे गार्ड, वार्डों में बेखौफ घूम रहे असामाजिक तत्व, मरीज़ और तीमारदार परेशान! (देखें Video)

🚨 प्रदर्शन व हड़ताल | बीकानेर | पीबीएम अस्पताल अलर्ट

बीकानेर के पीबीएम अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। सुरक्षा गार्ड्स पिछले 4 दिनों से हड़ताल पर हैं। अस्पताल के वार्डों में अब कोई रोक-टोक नहीं है, जिसके कारण असामाजिक तत्व बेखौफ घूम रहे हैं और मरीजों व उनके परिजनों की जान सांसत में आ गई है।

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📍 पीबीएम अस्पताल, बीकानेर
🛑 कार्य बहिष्कार (चौथा दिन)

📌 खबर के मुख्य बिंदु

  • संभाग के सबसे बड़े पीबीएम अस्पताल में लगातार चौथे दिन भी जारी रही सुरक्षा गार्ड्स की हड़ताल
  • मुख्य मांग: एक दागी और ‘ब्लैकलिस्ट’ की गई पन्नाधाय कंपनी को अस्पताल का नया ठेका देने का भारी विरोध
  • गार्ड्स का आरोप: पुराने ठेके में भी कंपनी द्वारा उनका ईपीएफ (EPF) और एरियर बकाया रखा गया है
  • सुरक्षा व्यवस्था ठप होने के कारण वार्डों में बिना रोक-टोक घूम रहे हैं असामाजिक और बाहरी तत्व
  • अस्पताल में भर्ती मरीजों, महिलाओं और उनके तीमारदारों (परिजनों) को सता रहा है चोरी और असुरक्षा का डर

बीकानेर। मरीजों को नया जीवन देने वाला बीकानेर का पीबीएम (PBM) अस्पताल इन दिनों खुद सुरक्षा की गंभीर बीमारी से जूझ रहा है। अस्पताल की संपूर्ण सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से ‘भगवान भरोसे’ हो गई है। अपने हकों और वेतन की मांगों को लेकर अस्पताल के सुरक्षा गार्ड लगातार चौथे दिन भी कार्य बहिष्कार (हड़ताल) पर बैठे हुए हैं, जिसका सीधा और सबसे बुरा खामियाज़ा दूर-दराज़ से आए निर्दोष मरीजों और उनके परिजनों को भुगतना पड़ रहा है।

🛑 आखिर क्यों 4 दिन से ठप है सुरक्षा?

आंदोलनकारी सुरक्षा गार्ड्स और उनके प्रतिनिधियों ने अपने कार्य बहिष्कार की दो मुख्य वजहें बताई हैं। पहली और सबसे बड़ी वजह ‘पन्नाधाय कंपनी’ है।

प्रदर्शनकारियों में इस बात को लेकर भारी रोष है कि पीबीएम अस्पताल प्रबंधन द्वारा कर्मचारियों की सुरक्षा और अन्य सेवाओं का ठेका जानबूझकर ‘पन्नाधाय’ नामक एक ऐसी कंपनी को दिया जा रहा है, जिसे पूर्व में ‘ब्लैकलिस्ट’ (Blacklisted) किया जा चुका है।

गार्ड्स का आरोप है कि इसी कंपनी के पिछले ठेके के दौरान भी उनका खून-पसीने की कमाई का ईपीएफ (कर्मचारी भविष्य निधि) और पिछला बकाया एरियर (Arrears) आज तक जमा नहीं किया गया है। आर्थिक तंगी से जूझ रहे गार्ड्स की बार-बार की अपीलों को प्रशासन लगातार अनसुना कर रहा है।

वार्डों में बेखौफ घूम रहे असामाजिक तत्व

लगातार चार दिनों से गार्ड्स के अपनी ड्यूटी (ड्यूटियों) पर नहीं होने के कारण, पूरे पीबीएम अस्पताल परिसर और संवेदनशील वार्डों की स्थिति बद से बदतर हो चुकी है। मुख्य प्रवेश द्वारों (Gate) और वार्डों के बाहर किसी भी तरह की कोई रोक-टोक या जांच नहीं हो रही है।

इसका सीधा फायदा उठाकर कई संदिग्ध और असामाजिक तत्व (Anti-social elements) दिन और रात के समय बेखौफ होकर वार्डों के अंदर तक घूम रहे हैं। भीड़-भाड़ का आलम यह है कि मरीजों को आराम तो दूर, चैन की सांस लेना भी मुश्किल हो गया है।

“अस्पताल में भर्ती मरीजों के तीमारदारों (परिजनों) ने गहरी चिंता जताते हुए कहा है कि रात के समय वार्डों में भारी असुरक्षा और डर का माहौल रहता है। चोरी, झपटमारी और महिलाओं के साथ किसी भी अप्रिय घटना का खतरा लगातार मंडरा रहा है।”

हैरानी की बात यह है कि इस पूरे मामले पर पीबीएम अस्पताल प्रबंधन और जिला प्रशासन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठा पाया है। प्रशासन द्वारा समझाइश के कुछ प्रयास जरूर किए गए, लेकिन वे पूरी तरह विफल रहे। यदि यह हड़ताल ऐसे ही लंबी खिंचती रही, तो आने वाले दिनों में पीबीएम में कोई बड़ा हादसा या अप्रिय घटना घटित होने से इनकार नहीं किया जा सकता। आमजन अब प्रशासन से इस ओर तुरंत ध्यान देकर सुरक्षा सुनिश्चित करने की कड़ी मांग कर रहे हैं।

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इस पोर्टल पर प्रकाशित सभी समाचार उपलब्ध स्रोतों, सार्वजनिक जानकारी, और आंदोलनकारी सुरक्षा गार्ड्स द्वारा मीडिया व प्रशासन को दी गई प्राथमिक रिपोर्ट्स (मांगों) के आधार पर तैयार किए जाते हैं। ‘ख़बर बीकानेर’ पन्नाधाय कंपनी के ‘ब्लैकलिस्ट’ होने या टेंडर संबंधी आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है। तथ्य आगे आने वाली आधिकारिक पुष्टि, अस्पताल प्रशासन के जवाब या जांच के अनुसार अपडेट किए जा सकते हैं। पोर्टल किसी भी त्रुटि या परिवर्तन के लिए उत्तरदायी नहीं है।

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