पीबीएम अस्पताल का ट्रॉमा सेंटर बना ‘भट्ठी’: 45 डिग्री गर्मी में बिना पंखे-एसी तड़प रहे मरीज, साहबों के कमरों में चिलिंग और वार्डों में टॉर्चर

🏥 जन सरोकार | बीकानेर | पीबीएम बदहाली

बीकानेर में पारा 45 डिग्री के पार पहुँच चुका है, लेकिन संभाग के सबसे बड़े पीबीएम अस्पताल का ट्रॉमा सेंटर इन दिनों मरीजों के लिए किसी ‘भट्ठी’ से कम नहीं है। जहाँ मरीजों को सुकून मिलना चाहिए, वहां उन्हें भीषण गर्मी का टॉर्चर झेलना पड़ रहा है।

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📍 बीकानेर (PBM अस्पताल)
🔥 भीषण गर्मी का कहर

📌 बदहाली के मुख्य बिंदु

  • ट्रॉमा सेंटर: इमरजेंसी, ग्रीन और येलो एरिया से पंखे गायब, छतों पर सिर्फ पाइप लटक रहे हैं।
  • चोरी की वारदात: पिछले 2 महीनों में ट्रॉमा और ओटी से करीब 50 एसी के कॉपर वायर चोरी।
  • प्रशासनिक मौन: रिपोर्ट मिलने के बावजूद अधीक्षक ने अब तक पुलिस में दर्ज नहीं कराई FIR।
  • दोहरा मापदंड: अधिकारियों और HOD के कमरों में चकाचक एसी, वार्डों और ओटी में डॉक्टर-मरीज बेहाल।

बीकानेर। मरुधरा में सूरज की तपिश अपना प्रचंड रूप दिखा रही है और पारा 45 डिग्री के करीब पहुँच गया है। लेकिन बीकानेर के संभाग स्तरीय पीबीएम अस्पताल का प्रबंधन इस भीषण गर्मी में भी गहरी नींद में सोया हुआ है। अस्पताल का ट्रॉमा सेंटर इन दिनों मरीजों के लिए किसी सजा से कम नहीं है। इमरजेंसी वार्डों से पंखे तक नदारद हैं और छत पर केवल खाली पाइप लटकते दिखाई दे रहे हैं।

हैरानी की बात यह है कि अस्पताल परिसर में करीब 1500 एसी लगे होने का दावा किया जाता है, लेकिन मेंटेनेंस के नाम पर बजट और ठेकेदार दोनों ही नदारद हैं। ऑपरेशन थिएटर (OT) में डॉक्टरों के पसीने छूट रहे हैं और पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड में एसी बंद पड़े हैं, जिससे संक्रमण का खतरा भी बढ़ गया है।

🛡️ सुरक्षा में भारी चूक और लापरवाही:

पीबीएम के विभिन्न विभागों, जिनमें ए-ब्लॉक ओटी, नर्सरी और ट्रॉमा शामिल हैं, वहां से पिछले 60 दिनों में लगभग 50 एसी के कॉपर वायर चोरी हो चुके हैं। ईएमडी (EMD) शाखा ने इसकी विस्तृत रिपोर्ट अधीक्षक को सौंप दी है, लेकिन अब तक इस मामले में पुलिस में एफआईआर दर्ज न होना प्रबंधन की संवेदनहीनता को दर्शाता है।

अधिकारियों की ‘ठंडी’ हवा, जनता का ‘टॉर्चर’

जहाँ एक ओर मरीज और उनके परिजन गर्मी से बेहाल होकर हाथ के पंखों का सहारा ले रहे हैं, वहीं मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल, अस्पताल अधीक्षक और सभी विभागाध्यक्षों (HOD) के कमरों में एसी पूरी रफ़्तार पर चल रहे हैं। सवाल यह उठता है कि जब संसाधनों की कमी है, तो सबसे पहले सुविधा वार्डों और मरीजों को क्यों नहीं दी जा रही?

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⚠️ जनहित अपील / Disclaimer

यह खबर अस्पताल के विभिन्न वार्डों की वर्तमान स्थिति और ईएमडी शाखा की रिपोर्ट पर आधारित है। ‘ख़बर बीकानेर’ प्रशासन से अपील करता है कि मरीजों के स्वास्थ्य को देखते हुए तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था की जाए और चोरी के मामलों पर पुलिस कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

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© ख़बर बीकानेर | विशेष रिपोर्ट

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