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नौतपा की मुख्य बातें:
- वर्ष 1980 के बाद फिर से 25 मई को शुरू हो रहा है नौ दिवसीय नौतपा।
- शुरुआती 6 दिनों में सूर्यदेव का रौद्र रूप, पारा 50 डिग्री छूने की संभावना।
- 30 मई के बाद धूलभरी आंधी और हल्की बूंदाबांदी से मिल सकती है राहत।
- रोहिणी नक्षत्र के पहले नौ दिन मानसून की बारिश का आधार तय करेंगे।
- चिकित्सकों की सलाह: दोपहर 12 से 3 बजे तक घरों से बाहर निकलने से बचें।
दुर्लभ संयोग: रोहिणी नक्षत्र में सूर्य का प्रवेश
बीकानेर। मरुधरा में जेठ की तपिश अब अपने चरम पर पहुँचने वाली है। ग़ौरतलब है कि सोमवार से शुरू हो रहे नौतपा को लेकर ज्योतिषियों ने बड़ी चेतावनी दी है। 1980 के बाद यह पहला मौका है जब 25 मई को ही नौतपा का आगाज़ हो रहा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, सूर्य जब रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है, तो पृथ्वी पर ऊष्मा का प्रभाव बढ़ जाता है। यदि इन नौ दिनों में नौतपा खंडित नहीं होता है, तो आने वाले मानसून के मेघों की मेहरबानी अधिक रहती है। इस बार 29 मई तक रेगिस्तानी इलाकों में तापमान 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुँचने की पुख्ता संभावना जताई जा रही है।
डॉक्टरों की सलाह: हाइड्रेटेड रहना ही एकमात्र बचाव
भीषण लू के खतरे को देखते हुए प्राकृतिक चिकित्सक डॉ. निधि शर्मा ने आमजन के लिए विशेष परामर्श जारी किया है। तफ्तीश और चिकित्सा अनुभवों के आधार पर उन्होंने बताया कि दोपहर के समय सूर्य की किरणें सबसे अधिक प्रभावी होती हैं, इसलिए 12 से 3 बजे के बीच घर में रहना ही सुरक्षित है। शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए पर्याप्त पानी, सत्तू और ताजे फलों का सेवन करें। सूत्रों के अनुसार, तला-भुना और मसालेदार भोजन इस मौसम में पाचन तंत्र पर बुरा असर डाल सकता है। सनस्क्रीन, चश्मे और हल्के सूती कपड़ों का उपयोग कर ही बाहर निकलें। बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर विशेष निगरानी रखने की आवश्यकता है।
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