🗳️ सियासी घमासान | बीकानेर मेयर चुनाव
बीकानेर नगर निगम में महापौर की ताजपोशी को लेकर सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। जैसलमेर के रिसॉर्ट में कांग्रेस पर्यवेक्षक की ‘वन-टू-वन’ रायशुमारी में 28 पार्षदों के समर्थन के साथ वरिष्ठ पार्षद अनिल कल्ला सबसे आगे चल रहे हैं। वहीं, आज नगर निगम में सुबह 10 से दोपहर 3 बजे तक नामांकन दाखिल होने हैं, जहां भाजपा भी सेंधमारी के दावे के साथ अपना उम्मीदवार उतारने जा रही है।
📍 स्थान: बीकानेर / जैसलमेर
🕒 अपडेटेड: नामांकन स्पेशल बुलेटिन
📂 सियासत: महापौर ताजपोशी 2026
📌 मेयर चुनाव के 5 सबसे बड़े सियासी अपडेट:
- नामांकन का समय: नगर निगम परिसर में आज सुबह 10:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक दाखिल होंगे पर्चे।
- जैसलमेर में रायशुमारी: रिसॉर्ट में बाड़ेबंदी के बीच 28 पार्षदों ने अनिल कल्ला के नाम पर सीधे सहमति जताई।
- गहलोत दरबार में लॉबिंग: अल्पसंख्यक कोटे से जावेद पड़िहार, मकसूद अहमद तथा अश्वनी मिड्ढा व नवरतन डागा के नाम भी चर्चा में।
- कांग्रेस का डमी दांव: किसी भी कानूनी अड़चन या तकनीकी पेच से बचने के लिए पार्टी दो सेटों में पर्चा दाखिल करा सकती है।
- भाजपा की घेराबंदी: संख्याबल कम होने के बावजूद भाजपा ने श्याम सिंह हाडलां, सुरेंद्र सिंह शेखावत और भगवान सिंह मेड़तिया के जरिए ‘क्रॉस वोटिंग’ की बिसात बिछाई।
ख़बर बीकानेर। बीकानेर नगर निगम के नए प्रथम नागरिक यानी महापौर के चुनाव को लेकर जोड़-तोड़ और रणनीतिक घेराबंदी अब अपने निर्णायक मुकाम पर पहुंच गई है। 80 वार्डों में से 42 सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज कर पूर्ण बहुमत हासिल कर चुकी कांग्रेस के भीतर शीर्ष पद की उम्मीदवारी को लेकर जबर्दस्त रस्साकशी जारी है। मंगलवार देर रात तक चले सियासी घटनाक्रम में वरिष्ठ नेता डॉ. बी.डी. कल्ला के भतीजे और वार्ड 73 से विजयी पार्षद अनिल कल्ला का पलड़ा सबसे भारी नजर आ रहा है।
जैसलमेर बाड़ेबंदी में पर्यवेक्षक का मंथन: 28 पार्षदों ने कल्ला पर लगाई मुहर
ग़ौरतलब है कि टूट-फूट और विरोधी दल की कथित सेंधमारी की आशंका के मद्देनजर कांग्रेस के तमाम नवनिर्वाचित पार्षदों को जैसलमेर के एक आलीशान रिसॉर्ट में बाड़ेबंदी में रखा गया है। मंगलवार को पार्टी द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षक ने रिसॉर्ट में मौजूद प्रत्येक पार्षद से एकांत में ‘वन-टू-वन’ संवाद स्थापित किया। सूत्रों के अनुसार, इस गोपनीय रायशुमारी के दौरान स्पष्ट रूप से 28 से अधिक पार्षदों ने अनिल कल्ला के नाम की खुलकर वकालत की, जबकि बाकी पार्षदों ने पार्टी आलाकमान के हर फैसले के साथ एकजुट रहने का भरोसा जताया।
हालांकि, महापौर पद की दौड़ में कल्ला के अलावा अन्य कद्दावर नाम भी तेजी से उभरे हैं। अल्पसंख्यक समुदाय की ओर से मजबूत दावेदारी पेश करते हुए पार्षद जावेद पड़िहार और मकसूद अहमद के नामों की पैरोकारी की गई है। वहीं वैश्य कोटे से दिलीप बांठिया और नवरतन डागा के नाम भी आलाकमान के टेबल पर पहुंचे हैं। इधर, वार्ड 41 से विजयी पार्षद अश्वनी मिड्ढा के समर्थन में उनके भाई व वरिष्ठ नेता अरविन्द मिड्ढा ने सीधे पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से संपर्क साधकर अपनी मजबूत दावेदारी पेश की है।
“सूत्रों के मुताबिक, ऐन वक्त पर किसी तकनीकी आपत्ति या पर्चा खारिज होने के जोखिम से बचने के लिए कांग्रेस संगठन मुख्य उम्मीदवार के साथ एक ‘डमी कैंडिडेट’ का भी पर्चा भरवाने की तैयारी में है। दोपहर तक पार्टी के अधिकृत सिंबल के साथ नामांकन पत्र रिटर्निंग अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत कर दिया जाएगा।”
भाजपा का चौंकाने वाला रुख: 27 सीटों के बावजूद मैदान में उतारेगी उम्मीदवार
दूसरी तरफ, 27 सीटों पर सिमट चुकी भारतीय जनता पार्टी ने मैदान खाली छोड़ने से साफ इनकार कर दिया है। भाजपा संगठन में भी महापौर पद की दावेदारी को लेकर देर रात तक मंथन चला, जिसमें श्याम सिंह हाडलां, वार्ड 13 से विजयी सुरेंद्र सिंह शेखावत और वार्ड 8 से जीते भगवान सिंह मेड़तिया के नाम प्रमुखता से उभरे हैं।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि भाजपा के इन तीनों नेताओं ने पार्टी आलाकमान को आश्वस्त किया है कि वे अपने व्यक्तिगत संपर्कों, निर्दलीयों और विरोधी खेमे के असंतुष्ट पार्षदों के जरिए जरूरी आंकड़ों का ‘जुगाड़’ बिठाने में सक्षम हैं। नगर निगम परिसर में आज सुबह 10:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक नामांकन की प्रक्रिया चलेगी, जिसके बाद यह साफ हो जाएगा कि बीकानेर के नगर सत्ता के शीर्ष पर किसका कब्जा होगा।