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📍 मदरसा तालीमुल इस्लाम, बीकानेर
🤝 जमीअत उलमा-ए-हिन्द
📌 कैंप से जुड़ी अहम मालूमात
- ▶ आयोजन: खड़गावतों के मोहल्ले में स्थित ‘मदरसा तालीमुल इस्लाम’ में आज संपन्न हुआ शानदार ‘हज ट्रेनिंग कैंप’
- ▶ आयोजक: जमीअत उलमा-ए-हिन्द शाखा (बीकानेर) के तत्वावधान में किया गया यह दीनी कार्यक्रम
- ▶ विशेषज्ञ: जयपुर से पधारे मुख्य ट्रेनर हाजी परवेज साहब ने दी हज के अरकान, वाजिबात और सुन्नतों की बारीकी से जानकारी
- ▶ प्रायोगिक मार्गदर्शन: स्थानीय हज गाइड हाजी सैयद अख्तर अली और हाजी इंसाफ अली ने भी साझा किए अपने पुराने और बहुमूल्य अनुभव
- ▶ मकसद: हाजियों को मक्का और मदीना में सही इबादत के तरीकों से रूबरू कराना और उनके मुकद्दस सफर को रूहानी तौर पर आसान बनाना
बीकानेर। इस्लाम का पांचवां और सबसे मुकद्दस फरीज़ा यानी हज अदा करने की चाहत हर अकीदतमंद के दिल में होती है। इस साल मुकद्दस सफर पर जाने वाले बीकानेर के हाजियों की बेहतरीन रहनुमाई और मुकम्मल तैयारी के लिए आज चार अप्रैल को शहर में एक बेहद शानदार और रूहानी आयोजन किया गया।
🕋 ‘मदरसा तालीमुल इस्लाम’ में उमड़े आज़मीन-ए-हज
जमीअत उलमा-ए-हिन्द (शाखा बीकानेर) की जानिब से आगामी 4 अप्रैल 2026 को एक अहम ‘हज ट्रेनिंग कैंप’ का आयोजन किया जा रहा है।
यह मुकद्दस कैंप खड़गावतों के मोहल्ले में स्थित ‘मदरसा तालीमुल इस्लाम’ के प्रांगण में लगाया जाएगा। आयोजकों ने बताया कि यह ट्रेनिंग प्रोग्राम सुबह ठीक 09:30 बजे शुरू होगा और दोपहर 01:00 बजे तक चलेगा, जिसमें हाजियों को सफर से जुड़ी हर बारीकी से वाकिफ कराया जाएगा।
📸 हज ट्रेनिंग कैंप की खास तस्वीरें 📸

सफर को आसान और मुकम्मल बनाने की दी गई तरबियत
इस ट्रेनिंग कैंप को खास और मुफीद बनाने के लिए जयपुर से तशरीफ लाए मुख्य ट्रेनर हाजी परवेज साहब ने अपनी खास मौजूदगी दर्ज कराई। उन्होंने हाजियों को मक्का और मदीना के मुकद्दस सफर के दौरान पेश आने वाले अहम पहलुओं— जैसे हज के अरकान, वाजिबात, तवाफ, सई और सुन्नतों के बारे में बड़ी ही बारीकी से और विस्तार से समझाया।
सिर्फ किताबी ही नहीं, बल्कि प्रायोगिक मार्गदर्शन के लिए बीकानेर के जाने-माने और अनुभवी हज गाइड हाजी सैयद अख्तर अली और हाजी इंसाफ अली ने भी इस कैंप में अपने पुराने तजुर्बात हाजियों के साथ साझा किए। उन्होंने सफर की अहम तैयारियों और वहां के जरूरी मसाइल समझाए, ताकि हाजियों को मुकद्दस धरती पर जाकर किसी भी तरह की परेशानी या घबराहट का सामना न करना पड़े।
जमीअत उलमा-ए-हिन्द (बीकानेर शाखा) के महासचिव मौलाना मोहम्मद इरशाद कासमी ने जोर देकर कहा कि: “सही जानकारी और सही रहनुमाई के साथ किया गया हज ही अल्लाह की बारगाह में मकबूल होता है। हमारी संस्था पिछले कई वर्षों से लगातार यह नेक सेवा दे रही है ताकि हाजियों का सफर आसान और रूहानी तौर पर पूरी तरह से समृद्ध हो सके।”
दुआ-ए-खैर के साथ हुआ कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम का समापन एक बेहद रूहानी और शांतिपूर्ण माहौल में ‘दुआ-ए-खैर’ के साथ हुआ। इस दौरान वहां मौजूद सभी उलेमाओं और हाजियों ने अपने हाथ उठाकर अल्लाह की बारगाह में सभी हाजियों के सफर की सलामती, सेहत और उनके हज की कुबूलियत के लिए सामूहिक दुआ मांगी।
इस ट्रेनिंग कैंप में शिरकत करने वाले सभी आज़मीन-ए-हज ने इस शानदार और मालूमाती आयोजन की दिल खोलकर तारीफ की और इसे अपने आने वाले सफर के लिए अत्यंत लाभकारी बताया।
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⚠️ कानूनी अस्वीकरण
इस पोर्टल पर प्रकाशित सभी समाचार उपलब्ध स्रोतों, सार्वजनिक जानकारी और ‘जमीअत उलमा-ए-हिन्द शाखा बीकानेर’ द्वारा जारी की गई आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के आधार पर तैयार किए गए हैं। हज कैंप के समय और स्थान में आयोजकों द्वारा कोई परिवर्तन किया जा सकता है। ‘ख़बर बीकानेर’ किसी भी त्रुटि या परिवर्तन के लिए उत्तरदायी नहीं है।
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