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📍 लूणकरनसर, बीकानेर
📋 शिक्षा निदेशालय
📌 खबर के मुख्य बिंदु
- ▶ माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने मंगलवार को लूणकरनसर के स्कूलों का औचक निरीक्षण किया
- ▶ बामनवाली स्कूल: निरीक्षण के दौरान एक भी विद्यार्थी स्कूल में उपस्थित नहीं मिला, प्राचार्य की भारी लापरवाही उजागर
- ▶ हंसेरा स्कूल: सोलह में से केवल नौ कार्मिक (स्टाफ) मिले, दो बिना किसी पूर्व सूचना के पाए गए गायब
- ▶ बड़ी कार्रवाई: बामनवाली के प्राचार्य, हंसेरा की अंग्रेजी अध्यापिका और एक विद्यालय सहायक को तुरंत प्रभाव से निलंबित किया गया
- ▶ निरीक्षण के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक और माध्यमिक) किशन दान चारण भी रहे मौजूद
बीकानेर। राजस्थान सरकार द्वारा सरकारी स्कूलों में बच्चों का नामांकन (दाखिला) बढ़ाने के लिए चलाए जा रहे ‘प्रवेशोत्सव सघन अभियान’ को कई स्कूलों के प्राचार्यों और शिक्षकों ने मज़ाक बनाकर रख दिया है। कागज़ों में चल रहे इस अभियान की जमीनी हकीकत परखने के लिए मंगलवार को माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट खुद मैदान में उतर आए।
निदेशक ने बीकानेर जिले के लूणकरनसर ब्लॉक स्थित कई राजकीय (सरकारी) विद्यालयों का औचक निरीक्षण (छापा) किया। इस दौरान उन्होंने जो हालात देखे, उससे शिक्षा विभाग की लचर व्यवस्थाओं की पूरी तरह पोल खुल गई। भारी उदासीनता और लापरवाही बरतने वाले स्कूलों के स्टाफ पर निदेशक की गाज गिरनी तय थी।
🛑 बामनवाली स्कूल में नहीं मिला एक भी बच्चा
सबसे चौंकाने वाला नज़ारा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, बामनवाली में देखने को मिला। जब निदेशक सीताराम जाट इस स्कूल में पहुंचे, तो वहां एक भी विद्यार्थी (छात्र) उपस्थित नहीं था।
पूछताछ करने पर संस्था प्रधान (प्राचार्य) ने बताया कि अब तक केवल पांच नए बच्चों का ही प्रवेश (एडमिशन) हुआ है। आंगनबाड़ी से सीधे स्कूल आने वाले बच्चों का भी कोई दाखिला नहीं करवाया गया था। यहां तक कि प्राचार्य के पास प्रवेशोत्सव अभियान की कोई कार्ययोजना (प्लानिंग) तक मौजूद नहीं थी।
बामनवाली के प्राचार्य को किया सस्पेंड
राज्य सरकार के इस अत्यंत महत्वपूर्ण अभियान (प्रवेशोत्सव) में इतनी घोर लापरवाही और उदासीनता देखकर निदेशक भड़क गए। उन्होंने माना कि अभियान को सफल बनाने के लिए बामनवाली स्कूल के प्राचार्य द्वारा कोई समर्पण (मेहनत) और उत्तरदायित्वपूर्ण कार्य नहीं किया जा रहा है।
इस भारी लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए, निदेशक ने बामनवाली के प्राचार्य को तुरंत प्रभाव से निलंबित (सस्पेंड) करने के आदेश जारी कर दिए। साथ ही, उनके खिलाफ ‘राजस्थान सिविल सेवा नियम 1958 के नियम सोलह’ (Rule 16) के तहत कड़ी अनुशासनात्मक कार्यवाही के प्रस्ताव भिजवाने के भी सख्त निर्देश दिए गए हैं।
हंसेरा स्कूल से मास्टर गायब, 2 सस्पेंड
बामनवाली के बाद निदेशक का काफिला राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, हंसेरा पहुंचा। यहाँ भी अव्यवस्थाओं का अंबार लगा हुआ था। स्कूल में कुल सोलह कार्मिक (स्टाफ) नियुक्त हैं, लेकिन मौके पर केवल नौ लोग ही उपस्थित पाए गए।
“जांच में सामने आया कि स्कूल की अध्यापिका रजनी बाला (अंग्रेजी) और विद्यालय सहायक गिरधारी लाल मूंड बिना किसी पूर्व सूचना या प्रार्थना पत्र के स्कूल से गायब (अनुपस्थित) थे। निदेशक ने काम में इस तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की और दोनों को तुरंत निलंबित करने के आदेश थमा दिए।”
हंसेरा के कार्यवाहक प्राचार्य द्वारा भी प्रवेशोत्सव को लेकर कोई मॉनिटरिंग नहीं की जा रही थी। आंगनबाड़ी से राजकीय विद्यालय में आने योग्य नौ बच्चों का अभी तक कोई अस्थायी प्रवेश (एडमिशन) भी नहीं करवाया गया था। इस भारी नाकामी पर कार्यवाहक प्राचार्य के खिलाफ भी नियम सोलह के तहत सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं।
धीरेरा गांव के स्कूल की हुई तारीफ
हालांकि, हर जगह सिर्फ निराशा ही हाथ नहीं लगी। निदेशक ने लूणकरनसर के ही धीरेरा गांव स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय का भी निरीक्षण किया। यहाँ का नज़ारा बिल्कुल अलग था। स्कूल में प्रवेशोत्सव कार्यक्रम से संबंधित सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह से संतोषजनक पाई गईं।
निदेशक ने वहां उपस्थित अभिभावकों, ग्रामीण जनों और विद्यालय के स्टाफ के साथ बैठकर चर्चा की और प्रवेशोत्सव अभियान की सफलता की समीक्षा की। उन्होंने सभी ग्रामीणों से अपने बालक-बालिकाओं को अधिक से अधिक संख्या में राजकीय विद्यालयों (सरकारी स्कूलों) में प्रवेश दिलाने की पुरज़ोर अपील की। इस पूरे औचक निरीक्षण के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक और माध्यमिक) किशन दान चारण लगातार निदेशक के साथ मौजूद रहे।
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⚠️ कानूनी अस्वीकरण
इस पोर्टल पर प्रकाशित सभी समाचार शिक्षा विभाग (माध्यमिक शिक्षा निदेशालय) द्वारा जारी की गई आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति और अधिकारियों के औचक निरीक्षण (कार्रवाई) रिपोर्ट पर आधारित हैं। निलंबित किए गए शिक्षकों और प्राचार्यों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई (नियम सोलह) की विभागीय जांच अभी जारी है। तथ्य आगे आने वाली आधिकारिक पुष्टि या सरकारी आदेशों के अनुसार अपडेट किए जा सकते हैं। ‘ख़बर बीकानेर’ किसी भी त्रुटि या परिवर्तन के लिए उत्तरदायी नहीं है।
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