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🏥 स्वास्थ्य एवं जनसमस्या | बीकानेर
शहर के प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र अणचा बाई डिस्पेंसरी में महीनों से दवा वितरण केंद्र (DDC) का एक काउंटर मनमाने तरीके से बंद रखे जाने से मरीजों में भारी आक्रोश है। पूर्व पार्षद व कांग्रेस नेता वसीम फ़िरोज़ अब्बासी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने सीएमएचओ डॉ. पुखराज साध से मुलाकात कर व्यवस्था बहाल करने की मांग की। सीएमएचओ ने दो दिन में काउंटर शुरू करने का आश्वासन दिया है, वहीं मांग पूरी न होने पर उग्र धरने की चेतावनी दी गई है।
📍 स्थान: अणचा बाई अस्पताल / सीएमएचओ कार्यालय
🕒 अपडेटेड: जनहित मामला
📂 मुद्दा: दवा काउंटर बंदी व कतारें
📌 मामले के 5 प्रमुख बिंदु:
- महीनों से काउंटर बंद: अणचा बाई डिस्पेंसरी में स्टाफ उपलब्ध होने के बावजूद बिना ठोस कारण के DDC काउंटर पर लगा ताला।
- मरीजों की दुर्दशा: एकमात्र काउंटर चालू रहने से बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर बीमारों को घंटों तक धूप व कतार में खड़ा रहना पड़ता है।
- स्थानीय स्तर पर मनमानी: निदेशालय (जयपुर) के अधिकार क्षेत्र का उल्लंघन कर स्थानीय अधिकारियों ने खुद ही लिया काउंटर बंद करने का फैसला।
- सीएमएचओ को ज्ञापन: पूर्व पार्षद वसीम फ़िरोज़ अब्बासी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने सीएमएचओ को वस्तुस्थिति से अवगत कराया।
- 2 दिन का अल्टीमेटम: सीएमएचओ पुखराज साध ने 48 घंटे में समाधान का भरोसा दिया; ऐसा न होने पर उग्र धरने की चेतावनी।
ख़बर बीकानेर। शहर के प्रमुख और घनी आबादी वाले क्षेत्र में स्थित अणचा बाई राजकीय स्वास्थ्य केंद्र (डिस्पेंसरी) में प्रशासनिक लापरवाही और अधिकारियों के मनमाने रवैये का खामियाजा गरीब व असहाय मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। अस्पताल में पर्याप्त नर्सिंग एवं फार्मासिस्ट स्टाफ मौजूद होने के बावजूद पिछले कई महीनों से एक दवा वितरण काउंटर (DDC) को पूरी तरह बंद कर रखा गया है, जिसके चलते डिस्पेंसरी में प्रतिदिन दवा लेने आने वाले सैकड़ों मरीजों को भारी जद्दोजहद का सामना करना पड़ रहा है।
एकमात्र काउंटर के सहारे पूरी डिस्पेंसरी: बुजुर्ग व गर्भवती महिलाएं बेहाल
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि डिस्पेंसरी में केवल एक ही दवा काउंटर चालू रहने के कारण सुबह से ही लंबी-लंबी कतारें लग जाती हैं। निशुल्क दवा योजना के तहत दवाइयां हासिल करने के लिए बुजुर्गों, गंभीर रोगियों और गर्भवती महिलाओं को दो से तीन घंटे तक खड़े रहकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। कई बार भीड़ और अव्यवस्था के चलते कतार में धक्का-मुक्की और नोकझोंक की नौबत आ जाती है।
“ग़ौरतलब है कि स्वास्थ्य विभाग के नियमों के अनुसार किसी भी सरकारी अस्पताल में डीडीसी काउंटर बंद करने अथवा शिफ्ट करने का वैधानिक अधिकार केवल जयपुर स्थित चिकित्सा एवं स्वास्थ्य निदेशालय के पास सुरक्षित है। इसके बावजूद अणचा बाई अस्पताल के स्थानीय अधिकारियों ने अपने स्तर पर ही मनमाना फैसला लेते हुए काउंटर को बंद कर दिया, जो कि गंभीर जांच का विषय है।”

वसीम फ़िरोज़ अब्बासी ने सीएमएचओ को घेरा, धरने और प्रदर्शन की दी चेतावनी
मरीजों की इस निरंतर पीड़ा को लेकर क्षेत्रवासियों का आक्रोश फूट पड़ा। पूर्व पार्षद एवं कांग्रेस नेता वसीम फ़िरोज़ अब्बासी के नेतृत्व में नागरिकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. पुखराज साध से उनके कार्यालय में मुलाकात की और अस्पताल की बदहाली का लिखित ज्ञापन सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल ने सीएमएचओ को दो-टूक शब्दों में कहा कि जब सरकार निशुल्क दवाओं का दावा कर रही है, तो स्थानीय अधिकारियों द्वारा मरीजों को परेशान क्यों किया जा रहा है? सीएमएचओ डॉ. पुखराज साध ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि अगले दो दिनों के भीतर अणचा बाई अस्पताल का दूसरा डीडीसी काउंटर विधिवत शुरू कर दिया जाएगा। वहीं, नेता वसीम फ़िरोज़ अब्बासी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि निर्धारित दो दिनों में काउंटर चालू नहीं हुआ, तो स्थानीय नागरिकों के साथ मिलकर अस्पताल परिसर में उग्र धरना और प्रदर्शन किया जाएगा।