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🎵 कला एवं संगीत | राष्ट्रीय मंच
अजमेर में योगेश रंगा की टीम द्वारा आयोजित तीन दिवसीय ‘MIC Legacy Music Event’ में देशभर से जुटे 150 से अधिक फनकारों ने अपनी नायाब गायकी का जादू बिखेरा। कड़े सुर-ताल परीक्षण के बाद 35 गायकों ने सेमीफाइनल का टिकट पक्का किया। प्रतियोगिता के शीर्ष तीन विजेताओं को 50 हजार रुपये की नकद प्रोत्साहन राशि से नवाजा जाएगा।
📍 स्थान: अजमेर / बीकानेर
🕒 अवधि: त्रि-दिवसीय संगीत समागम
📂 आयोजन: माइक लीगेसी 2026
📌 संगीत महोत्सव के 5 प्रमुख बिंदु:
- 150+ राष्ट्रीय प्रतिभाएं: भारत के अलग-अलग राज्यों से आए 150 से अधिक युवा गायकों ने दी प्रस्तुतियां।
- 35 पहुंचे सेमीफाइनल में: तीन दिनों तक चले कड़े सुर संग्राम के बाद 35 उत्कृष्ट गायकों का हुआ चयन।
- विद्वान निर्णायक मंडल: संगीत मर्मज्ञ डॉ. सुषमा बिस्सा और जयपुर के देवेन्द्र चौहान ने किया मूल्यांकन।
- 50 हजार का नकद पुरस्कार: ग्रैंड फिनाले के शीर्ष 3 विजेताओं को संयुक्त रूप से 50,000 रुपये का नकद पुरस्कार मिलेगा।
- उभरते फनकारों को मंच: आयोजक योगेश रंगा व टीम द्वारा नई संगीत प्रतिभाओं को दिया जा रहा है राष्ट्रीय एक्सपोजर।
ख़बर बीकानेर। देश के विभिन्न प्रांतों से संगीत के उभरते हुए फनकारों को तलाशने और उन्हें एक गरिमामयी राष्ट्रीय मंच मुहैया कराने के उद्देश्य से राजस्थान के ऐतिहासिक शहर अजमेर में तीन दिवसीय ‘माइक लीगेसी म्यूजिक इवेंट’ (MIC Legacy Music Event) का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। संगीत अनुरागी योगेश रंगा और उनकी कर्मठ टीम द्वारा संयोजित इस महोत्सव में शास्त्रीय, उप-शास्त्रीय और आधुनिक गायन विधाओं का अनूठा संगम देखने को मिला।

सुर, ताल और संगीत की समझ की कसौटी: 35 गायक सेमीफाइनल में
तीन दिनों तक चले इस संगीतमय महाकुंभ में भारत के विभिन्न राज्यों से आए 150 से अधिक प्रतिभागियों ने एक से बढ़कर एक मधुर प्रस्तुतियां देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में संगीत शास्त्र की विशेषज्ञ डॉ. सुषमा बिस्सा तथा जयपुर के सुविख्यात संगीतज्ञ देवेन्द्र चौहान उपस्थित रहे।
निर्णायकों ने प्रत्येक गायक का मूल्यांकन सुर की शुद्धता, लय-ताल पर पकड़, आवाज की रेंज, गायकी के ठहराव और संगीत के तकनीकी मानदंडों के आधार पर बेहद बारीकी से किया। इस कड़े और निष्पक्ष परीक्षण के उपरांत 150 में से 35 सर्वश्रेष्ठ प्रतिभागियों ने सेमीफाइनल राउंड में अपनी जगह सुरक्षित की।
“ग़ौरतलब है कि आयोजकों ने नवोदित कलाकारों के प्रोत्साहन के लिए विशेष पुरस्कार की व्यवस्था की है। आगामी ग्रैंड फिनाले में अव्वल आने वाले शीर्ष तीन विजेताओं को संयुक्त रूप से 50 हजार रुपये की नकद पुरस्कार राशि, प्रशस्ति पत्र और आकर्षक ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा।”
उभरती प्रतिभाओं के लिए मजबूत लॉन्चपैड बना ‘MIC Legacy’
आयोजक योगेश रंगा ने बताया कि ‘माइक लीगेसी’ का मुख्य विजन उन जमीनी कलाकारों को बड़ा फलक उपलब्ध कराना है, जो प्रतिभा संपन्न होने के बावजूद उचित मार्गदर्शन और मंच के अभाव में पीछे रह जाते हैं। इस आयोजन के माध्यम से युवाओं को न केवल मंच मिला, बल्कि संगीत विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी कमियों को सुधारने के बहुमूल्य सुझाव भी प्राप्त हुए।
निर्णायक डॉ. सुषमा बिस्सा ने सभी प्रतिभागियों की सराहना करते हुए कहा कि नई पीढ़ी में संगीत के प्रति जबर्दस्त समर्पण और गहरा रुझान देखने को मिला है। ऐसे आयोजनों से देश की समृद्ध संगीत परंपरा को संजीवनी मिलती है। सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबलों को लेकर प्रतिभागियों व संगीत प्रेमियों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।