📰 ख़बर बीकानेर 📰 ख़बर बीकानेर 📰 ख़बर बीकानेर
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🏙️ जनआक्रोश | बीकानेर नगर निगम
बीकानेर नगर निगम क्षेत्र में चरमराई सफाई व्यवस्था, बदहाल सड़कों, उफनती नालियों और पेयजल संकट को लेकर जनअसंतोष गहराने लगा है। शहर के सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने निगम की उदासीन कार्यप्रणाली पर गंभीर चिंता जताते हुए चेतावनी दी है कि यदि बुनियादी सुविधाओं का समयबद्ध समाधान नहीं हुआ तो व्यापक आंदोलन छेड़ा जाएगा।
📍 स्थान: बीकानेर
🕒 अपडेटेड: नागरिक मुद्दा
📂 फोकस: मूलभूत नागरिक सुविधाएं
📌 जनसमस्याओं के 5 प्रमुख बिंदु:
- सफाई व्यवस्था बेपटरी: कई वार्डों में कचरे के ढ़ेर और नियमित डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण न होने से त्रस्त जनता।
- टूटी सड़कें और उफनती नालियां: प्रमुख आवासीय कॉलोनियों में गड्ढों में तब्दील सड़कें और जाम नालियां बनीं सिरदर्द।
- साझा आवाज: ब्लॉक अध्यक्ष शहजाद भुट्टा, अविनाश राठौड़, अब्दुल रहमान लोदरा सहित प्रमुख नेताओं ने खोला मोर्चा।
- निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल: शिकायतों के बावजूद अधिकारियों द्वारा कागजी खानापूर्ति करने पर रोष व्यक्त किया।
- समयबद्ध समाधान की मांग: समस्याओं को वार्डवार चिन्हित कर तत्काल स्थायी निराकरण करने की रखी मांग।
ख़बर बीकानेर। बीकानेर नगर निगम के नए बोर्ड के गठन के बाद भी शहर की जमीनी तस्वीर में कोई सकारात्मक बदलाव न आने से आम नागरिकों का सब्र जवाब देने लगा है। शहर के दर्जनों वार्डों में सफाई का अभाव, टूटी-फूटी सड़कें, अवरुद्ध नालियों का गंदा पानी सड़कों पर बहना और दूषित पेयजल आपूर्ति जैसी रोजमर्रा की मूलभूत समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। इस बदहाली को लेकर शहर के प्रबुद्ध सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने निगम प्रशासन के विरुद्ध लामबंद होकर मोर्चा खोल दिया है।
वार्डों में फैली गंदगी और बदहाल सड़कें: बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे लोग
कार्यकर्ताओं ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि नगर निगम का मुख्य दायित्व नागरिकों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है। लेकिन वर्तमान में शहर के अंदरूनी परकोटे से लेकर बाहरी विस्तारित कॉलोनियों तक कचरे के ढेर लगे हुए हैं। कई प्रमुख मार्गों पर सीवरेज और नालियों का गंदा पानी जमा होने से संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा मंडरा रहा है, जबकि बारिश के बाद उखड़ी सड़कों की मरम्मत तक नहीं कराई गई है।
“ग़ौरतलब है कि प्रतिनिधियों ने कहा—’निगम केवल बैठकों और दावों तक सीमित रह गया है। जनता टैक्स भरती है, लेकिन उसे बुनियादी नागरिक सुविधाओं के लिए भी अधिकारियों के चक्कर काटने पड़ते हैं। यदि प्रशासन ने शीघ्र ही जमीनी स्तर पर ठोस सुधारात्मक कदम नहीं उठाए, तो जनहित में सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया जाएगा।'”
प्रमुख नेताओं व समाजसेवियों ने उठाई प्राथमिकता के आधार पर समाधान की मांग
शहर की लचर व्यवस्थाओं को लेकर ब्लॉक अध्यक्ष शहजाद भुट्टा, अविनाश राठौड़, कांग्रेस नेता अब्दुल रहमान लोदरा, जोगेंद्र जोईया, मोहम्मद आरिफ भुट्टा, नारायण जैन, मनोज चौधरी, प्रदीप शर्मा, राजेश पुनिया, जयदीप सिंह जावा, निलेश पांडे, मौसिम भुट्टा, जाकिर पड़िहार और राजू वाल्मीकि सहित अनेक कार्यकर्ताओं ने निगम के आला अधिकारियों से तत्काल प्रभाव से वार्डवार अभियान चलाने की मांग की है।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि जनसमस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सूचीबद्ध कर उनका त्वरित एवं पारदर्शी समाधान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही सफाई ठेकेदारों और फील्ड कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाए, ताकि बीकानेर के आमजन को राहत मिल सके और शहर को वास्तविक रूप से स्वच्छ बनाया जा सके।