🗳️ महा-परिणाम | राजस्थान निकाय चुनाव 2026
राजस्थान के 306 नगर निकायों के 10,121 वार्डों की तस्वीर पूरी तरह साफ हो चुकी है। राज्यभर के कुल वार्डों में भाजपा 4,132 सीटें जीतकर सबसे बड़ा दल बनी है, जबकि कांग्रेस 3,569 सीटों पर सिमटी है। हालांकि, बीकानेर नगर निगम में कांग्रेस ने 42 सीटों का जादुई आंकड़ा छूकर पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता पर कब्जा जमा लिया है।
📍 स्थान: जयपुर / बीकानेर
🕒 अपडेटेड: पूर्ण राज्य सांख्यिकी बुलेटिन
📂 जनादेश: निकाय चुनाव संपूर्ण रिपोर्ट
📌 राजस्थान निकाय चुनाव के 5 सबसे बड़े राजनीतिक निष्कर्ष:
- राज्यव्यापी आंकड़े: कुल 10,121 घोषित वार्डों में भाजपा को 4,132, कांग्रेस को 3,569 और 2,250 वार्डों पर निर्दलीयों को जीत मिली।
- बीकानेर में कांग्रेस का डंका: 80 वार्डों वाले बीकानेर नगर निगम में कांग्रेस ने 42 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत का आंकड़ा पार किया।
- 10 नगर निगमों का गणित: 10 निगमों में भाजपा ने 402 और कांग्रेस ने 306 सीटें जीतीं; जोधपुर में 44-44 का टाई मुकाबला रहा।
- बारां में आप की ऐतिहासिक एंट्री: बारां नगर परिषद में आम आदमी पार्टी ने 31 सीटें जीतकर दोनों पारंपरिक दलों को स्तब्ध कर दिया।
- निर्दलीयों का बोलबाला: भरतपुर निगम (36 सीट), हनुमानगढ़ (35), हिंडौन (39), बहरोड़ (29) व डीग में निर्दलीय सबसे बड़ी ताकत बने।
ख़बर बीकानेर। राजस्थान के स्थानीय निकाय चुनावों में जनता का बेहद रोचक और मिला-जुला जनादेश सामने आया है। प्रदेश के 311 में से 306 निकायों के 10,121 वार्डों के अंतिम परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। समूचे राज्य के परिप्रेक्ष्य में देखें तो सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने 4,132 वार्डों में जीत दर्ज कर अपनी सांगठनिक ताकत साबित की है। वहीं, मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने 3,569 वार्डों पर कामयाबी हासिल की है। इस पूरे चुनाव में 2,250 सीटों पर निर्दलीयों की अप्रत्याशित जीत ने यह साफ कर दिया है कि स्थानीय स्तर पर जनता ने बागी और क्षेत्रीय चेहरों को खुलकर तरजीह दी है। अन्य दलों में भारतीय लोजपा (BLP) ने 63 और आम आदमी पार्टी (AAP) ने 42 सीटों पर जीत का परचम लहराया है।
सभी 10 नगर निगमों का लेखा-जोखा: बीकानेर में कांग्रेस का दबदबा, जोधपुर में टाई
प्रदेश के 10 बड़े नगर निगमों की सियासत बेहद रोमांचक मोड़ पर पहुंच गई है। बीकानेर नगर निगम में तमाम अटकलों को धता बताते हुए कांग्रेस ने कुल 80 में से 42 सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत का परचम लहराया है, जिससे यहां कांग्रेस का मेयर बनना तय हो गया है। भाजपा यहां 27 सीटों पर सिमट गई, जबकि 10 निर्दलीयों ने बाजी मारी।
ग़ौरतलब है कि मुख्यमंत्री के गृह जिले जोधपुर में ऐतिहासिक मुकाबला देखने को मिला, जहां 99 घोषित सीटों में भाजपा और कांग्रेस दोनों 44-44 सीटों पर बराबरी पर आ खड़ी हुईं। यहां 10 निर्दलीय पार्षद अब महापौर की कुर्सी का फैसला करेंगे। दूसरी ओर, जयपुर में भाजपा 78 सीटों के साथ मजबूत स्थिति में है। उदयपुर (53), कोटा (54) और भीलवाड़ा (45) में भाजपा ने एकतरफा बढ़त बनाई, जबकि अजमेर (37) और पाली (29) में कांग्रेस ने भाजपा को पछाड़ते हुए बढ़त कायम रखी। भरतपुर में स्थानीय राजनीति का अजब नजारा दिखा, जहां 65 में से 36 सीटों पर निर्दलीयों ने कब्जा जमाकर दोनों दलों का खेल बिगाड़ दिया।
| नगर निगम | भाजपा | कांग्रेस | निर्दलीय | स्थिति / कुल वार्ड |
|---|---|---|---|---|
| बीकानेर | 27 | 42 | 10 | 80/80 ✓ |
| जयपुर | 78 | 53 | 15 | 146/150 |
| जोधपुर | 44 | 44 | 10 (टाई) | 99/100 |
| कोटा | 54 | 38 | 4 | 96/100 |
| उदयपुर | 53 | 23 | 3 | 80/80 ✓ |
| अजमेर | 32 | 37 | 11 | 80/80 ✓ |
| भीलवाड़ा | 45 | 10 | 15 | 70/70 ✓ |
| अलवर | 28 | 23 | 13 | 65/65 ✓ |
| पाली | 21 | 29 | 15 | 65/65 ✓ |
| भरतपुर | 20 | 7 | 36 (निर्दलीय आगे) | 65/65 ✓ |
| कुल योग (10 निगम) | 402 | 306 | 132 | 961 सीट |
“हाड़ौती अंचल के बारां नगर परिषद चुनाव में अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (AAP) ने राजनीतिक विश्लेषकों को चौंकाते हुए 31 वार्डों में एकतरफा फतह हासिल की है। यहां कांग्रेस 18 सीटों पर अटक गई, जबकि राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा महज़ 9 सीटों पर सिमटकर तीसरे पायदान पर खिसक गई।”
नगर परिषदों के रुझान: कई गढ़ों में निर्दलीय बने निर्णायक
प्रदेश की प्रमुख 24 नगर परिषदों के सामने आए आंकड़ों की तफ्तीश करें तो मुकाबला बेहद कड़ा रहा है। भाजपा ने बालोतरा (28), बांसवाड़ा (34), बाड़मेर (29), ब्यावर (23), भीवाड़ी (30), बूंदी (29), चित्तौड़गढ़ (32), चौमूं (30), चूरू (30), डूंगरपुर (24) और जैसलमेर (25) में अपना परचम फहराया है।
वहीं दूसरी ओर, कांग्रेस ने दौसा (24), धौलपुर (27), डीडवाना (16), गंगापुर सिटी (27), जालोर (19), झालावाड़ (28) और झुंझुनूं (30) नगर परिषदों में स्पष्ट बढ़त दर्ज की है। सबसे चौंकाने वाला प्रदर्शन निर्दलीयों का रहा, जिन्होंने हनुमानगढ़ (35), हिंडौन (39), बहरोड़ (29), डीग (24) और फतेहपुर (21 सीटें, कांग्रेस के बराबर) में दोनों मुख्य दलों को शिकस्त देकर अपने बोर्ड गठन की दावेदारी ठोक दी है। डूंगरपुर में नवोदित भारत आदिवासी पार्टी (BAP) ने भी 3 वार्डों में जीत दर्ज कर अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई है।