बीकानेर के जांबाज ‘अरविन्द-भानू-सूर्य’ की याद में 40वां साल; धौलाधार की चोटियों में खोए साहसियों को कल दी जाएगी पुष्पांजलि

🏔️ शौर्य एवं स्मरण | बीकानेर

बीकानेर के तीन जांबाज पर्वतारोही अरविन्द बोड़ा, भानू सोनी और सूर्य सुथार, जो आज से ठीक 40 साल पहले धौलाधार की बर्फीली पर्वत श्रृंखलाओं में लापता हो गए थे, उनका स्मरण किया जाएगा। ‘दी पायोनियर्स एडवेंचर सोसायटी’ द्वारा 26 मई को उनके अदम्य साहस को नमन करते हुए विशेष कार्यक्रम आयोजित होगा।

📰 ख़बर बीकानेर | 📅 25 मई, 2026 | 📍 डॉ. करणी सिंह स्टेडियम, बीकानेर



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स्मरण की मुख्य बातें:

  • 26 मई 1986 को धौलाधार पर्वत श्रृंखला में पर्वतारोहण के दौरान लापता हुए थे तीन साहसी।
  • अरविन्द बोड़ा, भानू सोनी और सूर्य सुथार के लापता होने के अब 40 वर्ष पूर्ण हुए।
  • दी पायोनियर्स एडवेंचर सोसायटी 26 मई को सुबह 8:30 बजे अर्पित करेगी पुष्पांजलि।
  • डॉ. करणी सिंह स्टेडियम के वॉल परिसर में निर्मित शिलालेख पर होगा कार्यक्रम।
  • बीकानेर के एडवेंचर प्रेमी और गणमान्य नागरिक साहसियों के शौर्य को करेंगे याद।

40 वर्षों की अमिट यादें: वह बर्फीली शाम

बीकानेर। मरुधरा के तीन सपूतों के साहस की दास्तां आज भी बीकानेर की रगों में दौड़ती है। ग़ौरतलब है कि 26 मई 1986 को बीकानेर के जांबाज पर्वतारोही अरविन्द बोड़ा, भानू सोनी और सूर्य सुथार धौलाधार की पर्वत श्रृंखलाओं को फतह करने के मिशन पर निकले थे। प्रकृति की विकट परिस्थितियों और बर्फीले तूफानों के बीच ये तीनों साहसी अचानक लापता हो गए। आज इस घटना को पूरे 40 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन उनकी वीरता का शिलालेख बीकानेर के हर एडवेंचर प्रेमी के दिल में अंकित है।

“अरविन्द, भानू और सूर्य का नाम बीकानेर के साहसिक खेलों के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा है। उनकी कमी आज भी मरुधरा को खलती है।”

कल स्टेडियम परिसर में जुटेगा शहर, तफ्तीश की यादें ताज़ा

सोसायटी के सचिव आर.के. शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि इन साहसियों के स्मरण हेतु प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी 26 मई को विशेष आयोजन किया जाएगा। तफ्तीश और उस वक्त के खोज अभियानों की स्मृतियों को ताजा करने के लिए शहर के गणमान्य लोग डॉ. करणी सिंह स्टेडियम के वॉल परिसर में एकत्रित होंगे। शिलालेख पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन अमर साहसियों को भावभीनी विदाई दी जाएगी।

सूत्रों के अनुसार, यह कार्यक्रम न केवल एक शोक सभा है, बल्कि बीकानेर की आने वाली युवा पीढ़ी को साहस और एडवेंचर के प्रति प्रेरित करने का एक माध्यम भी है। पायोनियर्स एडवेंचर सोसायटी बीकानेर के उन तमाम साहसिक अभियानों की मशाल जलाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसकी नींव अरविन्द, भानू और सूर्य जैसे रणबांकुरों ने रखी थी।



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