बीकानेर पुलिस की ‘दबंगई’ का शर्मनाक वीडियो वायरल: आधी रात को होटल में घुसे खाकी वर्दीधारी, सफाईकर्मी से की मारपीट, कपड़े फाड़े और दी जातिसूचक गालियां!

🚨 पुलिस की दबंगई | बीकानेर | वायरल वीडियो

बीकानेर पुलिस का नारा है ‘आमजन में विश्वास और अपराधियों में डर’, लेकिन बीछवाल थाना इलाके में पुलिसकर्मियों का एक ऐसा खौफनाक और शर्मनाक चेहरा सामने आया है, जो इस नारे की धज्जियां उड़ा रहा है। आधी रात को एक होटल में घुसकर तीन पुलिसवालों ने एक गरीब सफाईकर्मी की जमकर धुनाई कर दी, जिसका वीडियो अब आग की तरह फैल रहा है।

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📍 श्रीगंगानगर रोड, बीकानेर
🚓 बीछवाल थाना पुलिस

📌 खबर के मुख्य बिंदु

  • घटना बारह अप्रैल की देर रात करीब साढ़े बारह बजे श्रीगंगानगर रोड पर स्थित ‘होटल नाइट आउट’ में घटी
  • बीछवाल थाने के तीन पुलिसकर्मी होटल बंद होने के बावजूद पीछे वाली गली से रसोई (रसोईघर) का गेट खुलवाकर अंदर घुस गए
  • अंदर घुसते ही पुलिसकर्मियों ने जबरन तलाशी लेनी शुरू कर दी, जिसका वहां मौजूद सफाईकर्मी अरुण वाल्मीकि ने विरोध किया
  • आरोप है कि पुलिसवालों ने सफाईकर्मी के बाल खींचे, कपड़े फाड़े, जमकर पीटा और उसे गंदी व जातिसूचक गालियां दीं
  • विवादित रवैया: पीड़ित ने उसी दिन बीछवाल थाने में लिखित शिकायत दी, लेकिन पुलिस खुद के महकमे को बचाने और मामले में लीपापोती करने में जुटी है

बीकानेर। जिन पुलिसवालों के कंधों पर आम जनता की हिफाज़त और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की ज़िम्मेदारी होती है, अगर वही वर्दी के नशे में चूर होकर गुंडों की तरह बर्ताव करने लगें, तो फिर आम आदमी न्याय मांगने कहां जाए? बीकानेर के बीछवाल पुलिस थाना क्षेत्र से एक ऐसा ही सनसनीखेज़ और रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है। कुछ पुलिसकर्मियों ने रात के अंधेरे में एक होटल में घुसकर जो नंगा नाच (गुंडागर्दी) किया है, उससे पूरे शहर में पुलिस महकमे की भारी किरकिरी हो रही है।

🛑 आधी रात होटल में घुसी पुलिस (देखें वीडियो)

पुलिस की इस गुंडागर्दी और बर्बरता का एक वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो और शिकायत के अनुसार, घटना बारह अप्रैल की रात करीब साढ़े बारह बजे की है।

श्रीगंगानगर रोड पर स्थित ‘होटल नाइट आउट’ उस वक्त बंद हो चुका था। लेकिन तभी बीछवाल थाने के तीन पुलिसकर्मी अचानक वहां धमक पड़े। जब मुख्य गेट नहीं खुला, तो वे होटल के पीछे वाली गली में गए और वहां से ज़ोर-ज़बरदस्ती कर रसोई (किचन) का दरवाज़ा खुलवाया और बिना किसी आधिकारिक सर्च वारंट के अंदर घुस गए।




यहाँ क्लिक कर वायरल वीडियो देखें

बाल खींचे, कपड़े फाड़े और दी जातिसूचक गालियां

होटल के अंदर घुसते ही पुलिसकर्मियों ने अपना रौब झाड़ना शुरू कर दिया और इधर-उधर ज़बरन तलाशी लेने लगे। इसी दौरान होटल का एक गरीब सफाई कर्मचारी अरुण वाल्मीकि (पुत्र संतोष वाल्मीकि) उनके सामने आ गया। जब अरुण ने पुलिसकर्मियों से इतनी रात गए इस तरह अंदर घुसने और बेवजह परेशान करने का कारण (विरोध) पूछा, तो खाकी वर्दी का सारा गुस्सा उसी गरीब पर टूट पड़ा।

आरोप है कि तीनों पुलिसकर्मियों ने अरुण को पकड़ लिया और उसे अत्यंत गंदी और भद्दी गालियां देनी शुरू कर दीं। इसके साथ ही, उन्होंने जानबूझकर उसे अपमानित करने के लिए जातिसूचक गालियों का भी इस्तेमाल किया। बात सिर्फ गालियों तक नहीं रुकी; उन पुलिसकर्मियों ने अरुण को रसोई में धकेल कर उसके बाल खींचे, उसके कपड़े फाड़ डाले और लात-घूंसों से उसकी जमकर धुनाई (मारपीट) कर दी।

“होटल में लगे सीसीटीवी कैमरे में यह पूरी शर्मनाक वारदात कैद हो गई है, जिसने पुलिस प्रशासन के उस दावे की हवा निकाल दी है जिसमें कहा जाता है कि आमजन को पुलिस से डरने की जरूरत नहीं है।”

शिकायत दर्ज, लेकिन पुलिस कर रही है लीपापोती

पुलिस की इस बर्बर पिटाई से सहमा और घायल हुआ पीड़ित अरुण वाल्मीकि न्याय की गुहार लगाने उसी दिन बीछवाल पुलिस थाने पहुंचा। उसने वहां अपने साथ हुई इस अमानवीय घटना की पूरी लिखित शिकायत दर्ज कराई।

लेकिन पीड़ित पक्ष का सीधा और बेहद गंभीर आरोप है कि शिकायत मिलने के बावजूद, बीछवाल थाना पुलिस अपने ही साथी पुलिसकर्मियों (सहकर्मियों) को बचाने के लिए पूरे मामले को रफा-दफा करने और दबाने (लीपापोती करने) की भरपूर कोशिश कर रही है। अब तक उन आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोई भी ठोस विभागीय या कानूनी कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है। इस घटना के बाद से वाल्मीकि समाज और स्थानीय व्यापारियों में भारी रोष है। आम जनता अब जिले के बड़े पुलिस अधिकारियों और पुलिस अधीक्षक (एसपी) से इस मामले में तुरंत संज्ञान लेकर दोषी पुलिसवालों को निलंबित (सस्पेंड) करने और उन्हें जेल भेजने की मांग कर रही है।

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⚠️ कानूनी अस्वीकरण

यह समाचार सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहे सीसीटीवी फुटेज, पीड़ित सफाईकर्मी द्वारा पुलिस थाने में दर्ज करवाई गई लिखित शिकायत और स्थानीय लोगों के आरोपों पर आधारित है। ‘ख़बर बीकानेर’ इस वायरल वीडियो की सत्यता और पुलिसकर्मियों पर लगे आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है।

कानून का दुरुपयोग करना और किसी के साथ मारपीट करना एक गंभीर अपराध है। पुलिस महकमे के उच्चाधिकारियों द्वारा मामले की आधिकारिक और निष्पक्ष जांच पूरी होने के बाद नए तथ्यों के आधार पर इस खबर को तुरंत अपडेट किया जाएगा। पोर्टल किसी भी त्रुटि या परिवर्तन के लिए उत्तरदायी नहीं है।

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