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📍 बज्जू (रणजीतपुरा), बीकानेर
🌲 वन विभाग अलर्ट
📌 खबर के मुख्य बिंदु
- ▶ बीकानेर जिले के बज्जू क्षेत्र (6 BDY इलाका) में तेंदुए का खौफनाक जानलेवा हमला
- ▶ खेत में फसल काट रहे ओम प्रकाश और कमल मेघवाल (पिता-पुत्र) पर पीछे से किया वार
- ▶ पिता-पुत्र ने बिना डरे अपने कृषि औजार ‘दरांती’ (Sickle) से तेंदुए से किया खूनी मुकाबला
- ▶ कुछ ही देर बाद पास ही स्थित एक नहर के ‘खाले’ (गड्ढे) में रहस्यमयी हालत में मिला तेंदुए का शव
- ▶ आशंका: ग्रामीणों द्वारा गुस्से में तेंदुए को पीट-पीटकर मारने की चर्चा जोरों पर, पुलिस जांच में जुटी
बीकानेर। मरुधरा के ग्रामीण इलाकों में जंगली जानवरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। बीकानेर जिले के बज्जू क्षेत्र (6 BDY इलाका) से एक बेहद चौंकाने वाली और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां अपने ही खेत में शांति से फसल काट रहे एक पिता और उसके बेटे पर एक आदमखोर तेंदुए (Leopard) ने घात लगाकर जानलेवा हमला कर दिया। हालांकि, दोनों ने अपनी जान बचाने के लिए जिस बहादुरी से तेंदुए का मुकाबला किया, वह किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था।
🛑 दरांती से किया खूनी संघर्ष
प्रारंभिक जानकारी और चश्मदीदों के अनुसार, ओम प्रकाश और उनका बेटा कमल मेघवाल खेत में फसल कटाई का काम कर रहे थे। इसी दौरान वहां छिपे एक तेंदुए ने अचानक उन पर झपट्टा मार दिया।
तेंदुए के इस भयानक हमले से घबराने की बजाय, पिता-पुत्र ने अदम्य साहस का परिचय दिया। उन्होंने अपने हाथ में पकड़े हुए फसल काटने के तेज़ औजार ‘दरांती’ (Sickle) से ही तेंदुए पर जवाबी पलटवार कर दिया। दोनों पक्षों के बीच हुए इस खूनी संघर्ष में तेंदुआ बुरी तरह घायल हो गया और अपनी जान बचाकर वहां से भाग खड़ा हुआ।
कुछ ही देर बाद ‘खाले’ में मिली लाश, गहराया रहस्य
तेंदुए के भागने के बाद घायल पिता-पुत्र और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। लेकिन इस कहानी का सबसे रहस्यमयी मोड़ तब आया जब कुछ ही देर बाद, खेत के पास ही स्थित एक सूखी नहर के ‘खाले’ (गड्ढे) में उसी तेंदुए का शव (Dead Body) पड़ा हुआ मिला। राववाला निवासी सदाम खान और आदिल खान ने तुरंत इस मृत तेंदुए की सूचना स्थानीय प्रशासन और वन विभाग (Forest Department) को दी।
सूचना मिलते ही रणजीतपुरा थाना पुलिस और वन विभाग की रेस्क्यू टीम घटनास्थल पर पहुंच गई। इलाके में यह चर्चा बहुत जोरों पर है कि पिता-पुत्र पर हमले के बाद, गुस्से में आए ग्रामीणों ने एकजुट होकर तेंदुए को घेर लिया और उसे लाठियों से पीट-पीटकर (Lynching) मौत के घाट उतार दिया। हालांकि, अभी तक पुलिस या वन विभाग के किसी भी अधिकारी ने इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
“मृत तेंदुए के शव को कब्जे में लेकर उसे बज्जू के सरकारी अस्पताल भिजवा दिया गया है। वहां पशु चिकित्सकों (Veterinary Doctors) के मेडिकल बोर्ड द्वारा उसका पोस्टमार्टम किया जाएगा, जिसके बाद ही मौत के असली कारणों (दरांती का घाव या लाठियों की चोट) का सही खुलासा हो सकेगा।”
— लक्ष्मण सिंह, थानाधिकारी (रणजीतपुरा)
रणजीतपुरा थानाधिकारी ने साफ किया है कि पुलिस इस पूरे मामले की बहुत ही गंभीरता से जांच कर रही है और घटना के हर पहलू (हमला और मौत) को ध्यान में रखकर पड़ताल की जा रही है। वन विभाग भी यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि यह तेंदुआ गांव के इतने नज़दीक कैसे पहुंच गया।
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इस पोर्टल पर प्रकाशित सभी समाचार उपलब्ध स्रोतों, सार्वजनिक जानकारी और प्रारंभिक रिपोर्ट्स के आधार पर तैयार किए जाते हैं। ‘ख़बर बीकानेर’ तेंदुए को पीट-पीटकर मारने की थ्योरी (Mob Lynching) की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है। यह विषय वन विभाग की आधिकारिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अधीन है। तथ्य आगे आने वाली आधिकारिक पुष्टि या जांच के अनुसार अपडेट किए जा सकते हैं। पोर्टल किसी भी त्रुटि या परिवर्तन के लिए उत्तरदायी नहीं है।
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