बीकानेर: रेलवे कर्मचारियों ने मांग दिवस पर किया प्रदर्शन, सरकार को चेतावनी – “जल्द समाधान नहीं तो बड़ा आंदोलन”

ख़बर बीकानेर | 3 फ़रवरी 2026

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बीकानेर। ऑल इंडिया रेलवे मैन्स फेडरेशन के आह्वान पर भारतीय रेल के कर्मचारियों ने आज देशभर में मांग दिवस के रूप में विरोध प्रदर्शन किया। इसी क्रम में उत्तर पश्चिम रेलवे के बीकानेर मंडल में कॉम. प्रमोद यादव (मंडल सचिव) के नेतृत्व में नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे एम्प्लॉइज यूनियन ने मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन किया।

रेल कर्मचारियों व पेंशनर्स ने अपनी लंबित, जायज मांगों को उठाते हुए रेलवे के विभिन्न स्टेशनों व यूनिटों पर विरोध जताया।


मुख्य मांगें – 8वां वेतन आयोग, OPS जैसी सुविधाएँ, बोनस सीमा हटाने की मांग

संयुक्त उद्बोधन में कॉम. प्रमोद यादव एवं ब्रजेश ओझा ने कहा कि—

  • आठवें वेतन आयोग की कार्यवाही तुरंत शुरू की जाए और संशोधित वेतन-भत्ते 1 जनवरी से लागू किए जाएं।
  • पुराने व नए पेंशनर्स में भेदभाव समाप्त किया जाए।
  • कैडर रिस्ट्रक्चरिंग के आदेश शीघ्र जारी हों।
  • विभिन्न पेंशन योजनाओं में OPS जैसी सुविधाएँ उपलब्ध करवाई जाएं।
  • बोनस की अधिकतम सीमा 7,000 रुपये प्रतिमाह को हटाया जाए।
  • रनिंग स्टाफ के किलोमीटर भत्ते में 25% वृद्धि की जाए और इसके 70% हिस्से को आयकर से मुक्त किया जाए।
  • विद्युत कोचिंग/आरएसी का नियंत्रण विद्युत विभाग के अधीन ही रखा जाए।
  • ट्रैकमैन की पेट्रोलिंग सीमा 12 किमी तय हो और उन्हें लेवल-6 दिया जाए।

पोस्टिंग, आउटसोर्सिंग पर रोक और 8 घंटे से अधिक ड्यूटी समाप्त करने की मांग

प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा—

  • पॉइंट्समैन के विभिन्न ग्रेडों की संरचना का आदेश तुरंत जारी हो।
  • वर्षों पुरानी HIR प्रणाली समाप्त की जाए।
  • सभी कैटेगरी में 8 घंटे से अधिक की ड्यूटी बंद हो।
  • कारखानों में आउटसोर्सिंग तत्काल बंद की जाए और पदों के स्थानांतरण पर रोक लगे।
  • S&T, TRD सहित विभागों में कार्यभार के अनुसार पद सृजित किए जाएं।
  • कम्यूटेशन अवधि 15 साल से घटाकर 12 साल की जाए।
  • रेलवे कॉलोनियों के पुराने आवासों की मरम्मत और नए आवास निर्माण को प्राथमिकता दी जाए।
  • लेवल-1 से लेवल-7 तक के रिक्त पदों को तुरंत भरा जाए।

कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार और रेल प्रशासन ने मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया तो उन्हें कड़े आंदोलनात्मक कदम उठाने पड़ेंगे


स्थानीय समस्याओं का हल नहीं – कर्मचारियों में रोष बढ़ा

यूनियन ने कहा कि स्थानीय स्तर पर कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं होने से भारी नाराज़गी है।
सैकड़ों कर्मचारियों ने प्रदर्शन में शामिल होकर अपनी आवाज बुलंद की और सरकार व रेल मंत्रालय को ध्यान आकर्षित किया।


12 फरवरी की प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी हड़ताल में शामिल होने का आह्वान

प्रदर्शन के दौरान 12 फरवरी को देश की ट्रेड यूनियनों द्वारा प्रस्तावित हड़ताल में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील भी की गई।


प्रदर्शन में ये कर्मचारी रहे शामिल

गणेश वशिष्ठ, अंसार अहमद, मोहम्मद सलीम कुरैशी, जितेंद्र, राजेंद्र खत्री, दीनदयाल, संजीव मलिक, संजय, पवन, सतीश, सोनू कुमार, जगदीश, निरंजन, विष्णु, सुरेंद्र कुमार, प्रताप सिंह राहुल, मूलचंद, मनीष, शत्रुघ्न पारीक, शिवानंद, लक्ष्मण, सेवानिवृत्त हसन अली, लालचंद इनखिया, गंगाराम, रईस अली, मदनलाल, रहमत अली, भीखचंद सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे

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