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📍 बेरूत / तेहरान
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📌 महायुद्ध के मुख्य अपडेट्स
- ▶ लेबनान पर इज़राइली हमलों में एक दिन में दो सौ चौवन मौतें, ग्यारह सौ से ज़्यादा लोग गंभीर रूप से घायल
- ▶ लेबनान सरकार ने राष्ट्रीय शोक घोषित किया, देश की स्वास्थ्य और मेडिकल सेवाएं पूरी तरह चरमराईं
- ▶ अमेरिका और इज़राइल ने साफ़ किया— “शांति समझौते या युद्धविराम का लेबनान हिस्सा नहीं है”
- ▶ ईरान का नया दांव: होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुज़रने वाले तेल के जहाजों पर प्रति बैरल एक डॉलर का टैक्स लगाने की तैयारी
- ▶ टैक्स का भुगतान डिजिटल करेंसी (क्रिप्टो) में होगा, हथियारों की आवाजाही रोकने के लिए जहाजों की होगी कड़ी तलाशी
बेरूत / तेहरान। मध्य-पूर्व का खूनी संघर्ष अब एक ऐसे विनाशकारी मोड़ पर पहुंच गया है, जहां से वापसी का रास्ता नामुमकिन सा लग रहा है। लेबनान पर इज़राइल के ताज़ा और ताबड़तोड़ हवाई हमलों ने पूरे देश को श्मशान में तब्दील कर दिया है। एक ही दिन में हुई भारी बमबारी के कारण दो सौ चौवन मासूम लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी और ग्यारह सौ पैंसठ से अधिक लोग खून से लथपथ होकर अस्पतालों में जीवन और मौत के बीच झूल रहे हैं।
🛑 लेबनान में हाहाकार, अस्पताल पड़े फुल
इस भयंकर तबाही और मौतों के आंकड़े को देखते हुए लेबनान सरकार ने पूरे देश में राष्ट्रीय शोक की घोषणा कर दी है। लगातार हो रहे हमलों से नागरिकों में भारी दहशत और खौफ का माहौल बना हुआ है।
देश की स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से दबाव में चरमरा गई हैं। अस्पतालों के बाहर घायलों की लंबी-लंबी कतारें लगी हुई हैं, लेकिन वहां दवाइयों, खून और अन्य बुनियादी मेडिकल संसाधनों की भारी कमी साफ नज़र आ रही है।
शांति समझौते की उम्मीदों पर फिरा पानी
लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने इस भयानक स्थिति को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि उनकी सरकार अपने सभी कूटनीतिक हथकंडे अपनाकर इन इज़राइली हमलों को रोकने का प्रयास कर रही है। देश के स्वास्थ्य मंत्री रकान नासेरद्दीन ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हाथ जोड़कर तत्काल मदद की गुहार लगाई है।
लेकिन दूसरी तरफ, युद्धविराम या शांति समझौते की बात पूरी तरह से खारिज होती दिख रही है। इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने एकदम स्पष्ट कर दिया है कि लेबनान इस प्रस्तावित शांति समझौते का हिस्सा नहीं है। अमेरिका का साफ़ कहना है कि “हमने ऐसा कोई वादा नहीं किया था,” जिससे यह संकेत मिलता है कि लेबनान पर हमले फिलहाल नहीं रुकेंगे।
“इस बीच, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका पर सीधा दबाव बनाते हुए कहा है कि उसे यह तय करना होगा कि वह शांति चाहता है या इज़राइल के ज़रिए इस विनाशकारी युद्ध को जारी रखना चाहता है, क्योंकि शांति और युद्ध दोनों चीजें एक साथ कभी संभव नहीं हो सकतीं।”
ईरान का बड़ा दांव: होर्मुज़ से गुज़रने वाले तेल पर टैक्स
युद्ध के इस मैदान में ईरान ने एक ऐसा नया और बड़ा आर्थिक दांव चला है, जो पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को हिला सकता है। ईरान दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण और व्यस्त समुद्री व्यापारिक मार्ग ‘होर्मुज़ जलडमरूमध्य’ से गुजरने वाले सभी तेल के जहाजों (टैंकरों) पर प्रति बैरल एक डॉलर का भारी टैक्स लगाने की तैयारी कर रहा है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ईरान यह भुगतान किसी भी देश की मुद्रा (रुपये या डॉलर) में नहीं, बल्कि डिजिटल करेंसी (क्रिप्टो) के माध्यम से वसूलने की योजना बना रहा है। यदि ईरान ने इस योजना को ज़मीन पर लागू कर दिया, तो इसका सीधा और भयंकर असर वैश्विक तेल बाज़ार, महंगाई और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ेगा।
इसके साथ ही, ईरान के अधिकारी हामिद होसैनी के अनुसार, हथियारों की आवाजाही रोकने के लिए अब इस समुद्री मार्ग से गुज़रने वाले हर जहाज पर सख्त निगरानी रखी जाएगी। सभी जहाजों को पहले अपने सामान (कार्गो) की पूरी जानकारी ईरान को देनी होगी और कड़ी तलाशी प्रक्रिया से गुज़रना होगा, जिससे व्यापारिक जहाजों की आवाजाही में भारी देरी होगी। आने वाले दिनों में यह तनाव पूरी दुनिया की कूटनीति और अर्थव्यवस्था के लिए एक भयानक चुनौती बन सकता है।
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🌍 अंतरराष्ट्रीय समाचार डेस्क
यह अंतरराष्ट्रीय समाचार विश्व की प्रमुख समाचार एजेंसियों (विदेशी मीडिया) और मध्य-पूर्व के विभिन्न आधिकारिक बयानों पर आधारित है। लेबनान में बदलते युद्ध के घटनाक्रम और होर्मुज़ जलडमरूमध्य में ईरान के नए टैक्स संबंधी नियमों पर ‘ख़बर बीकानेर’ की पैनी नज़र बनी हुई है। किसी भी नए वैश्विक अपडेट या शांति समझौते के साथ इस खबर को तुरंत संशोधित किया जाएगा। पोर्टल किसी भी त्रुटि या परिवर्तन के लिए उत्तरदायी नहीं है।
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