📅 04 मार्च 2026
📍 नोखा, बीकानेर, राजस्थान
🏥 स्वास्थ्य लापरवाही
📌 खबर के मुख्य बिंदु
- ▶ भादला PHC में डॉक्टर व नर्सिंग स्टाफ समय पर नहीं था, गेट बंद मिला
- ▶ प्रसूता सुमन (35) को अस्पताल परिसर में खुले में देना पड़ा बच्चे को जन्म
- ▶ अस्पताल में केवल एक कंप्यूटर ऑपरेटर मौजूद था
- ▶ साथ आई महिलाओं ने चादर की ओट में करवाया प्रसव
- ▶ घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल
- ▶ ग्रामीणों ने लापरवाह कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की
बीकानेर। जिले के नोखा क्षेत्र में चिकित्सा व्यवस्था की लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। भादला गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में बुधवार दोपहर एक प्रसूता को डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ नहीं मिलने के कारण अस्पताल परिसर में ही खुले में नवजात को जन्म देना पड़ा। घटना के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं और इस पूरे मामले के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।

बंद गेट, गायब स्टाफ — तड़पती रही प्रसूता
प्रसूता के परिजनों का आरोप है कि जब वे महिला को अस्पताल लेकर पहुंचे तो अस्पताल का गेट बंद था और वहां कोई डॉक्टर या नर्सिंग कर्मी मौजूद नहीं था। प्रसव पीड़ा से तड़प रही महिला की स्थिति को देखते हुए उसके साथ आई अन्य महिलाओं ने चद्दर की ओट में ही अस्पताल परिसर में उसका प्रसव करवाया। इस दौरान परिसर में खून भी फैल गया और वहां मौजूद लोगों ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया।
🚨 वायरल हो रहा है वीडियो
घटना का पूरा वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। ग्रामीणों ने इसे लेकर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
“अस्पताल का गेट बंद था, कोई डॉक्टर नहीं था — मजबूरी में खुले में करवाना पड़ा प्रसव।”
— परिजनों का आरोप, भादला गांव
सिर्फ कंप्यूटर ऑपरेटर था मौजूद
ग्रामीणों का कहना है कि भादला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में अक्सर डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ समय पर मौजूद नहीं रहते हैं। जब महिला को अस्पताल लाया गया, तब वहां सिर्फ एक कंप्यूटर ऑपरेटर दिखाई दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि अस्पताल की अव्यवस्थाओं की शिकायत कई बार जिम्मेदार अधिकारियों को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिसके कारण कर्मचारियों की लापरवाही लगातार बढ़ती जा रही है।
ग्रामीणों ने किया वार्ड में भर्ती
खुले में प्रसव होने के बाद ग्रामीणों ने किसी तरह महिला और नवजात को अस्पताल के वार्ड में पहुंचाया। प्रसूता की पहचान भादला गांव निवासी 35 वर्षीय सुमन पत्नी किस्तूरा राम मेघवाल के रूप में हुई है। घटना के बाद गांव में आक्रोश का माहौल है।
🔊 ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
- ▶ लापरवाह डॉक्टर एवं नर्सिंग कर्मचारियों पर तत्काल कार्रवाई हो
- ▶ भादला PHC में 24×7 चिकित्सा कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए
- ▶ जिला प्रशासन मामले की जांच कर दोषियों को दंडित करे
- ▶ ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित निगरानी की जाए
यह घटना राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की दयनीय स्थिति को उजागर करती है। ख़बर बीकानेर इस मामले पर नज़र बनाए हुए है और आगे की जानकारी आने पर अपडेट किया जाएगा।
📲 हमसे जुड़ें — ख़बर बीकानेर
बीकानेर की सबसे तेज़ और भरोसेमंद खबरें सबसे पहले पाने के लिए हमारा WhatsApp Group Join करें!
#नोखा
#PHC लापरवाही
#भादला
#स्वास्थ्य
#खुले में प्रसव
#ख़बर बीकानेर
© ख़बर बीकानेर | 04 मार्च 2026 | सभी अधिकार सुरक्षित