खाजूवाला में 12 साल पुरानी हत्या का फैसला: पिता की हत्या कर शव कुएं में छिपाने वाले बेटे को आजीवन कारावास

🔴 खाजूवाला | कोर्ट फैसला | उम्रकैद
खाजूवाला में 12 साल पहले लाठी-डंडों से पिता की हत्या कर शव कुएं में छिपाने के मामले में ADJ कोर्ट ने बेटे अजयपाल सिंह उर्फ मोंटी को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। पत्नी और दूसरे बेटे को संदेह का लाभ देकर बरी किया।
📰 ख़बर बीकानेर
📅 11 मार्च 2026
📍 खाजूवाला, बीकानेर
⚖️ ADJ कोर्ट खाजूवाला

📌 खबर के मुख्य बिंदु

  • 2014 में 23KND खाजूवाला में सुखपाल सिंह की लाठी-डंडों से हत्या
  • हत्या के बाद शव को कुएं में छिपाया — 2017 में पुलिस ने किया खुलासा
  • 23 गवाह और 63 साक्ष्य — 12 साल बाद आया कोर्ट का फैसला
  • ADJ विनोद कुमार गुप्ता ने बेटे अजयपाल सिंह उर्फ मोंटी को उम्रकैद सुनाई
  • पत्नी जसपाल कौर और बेटे रमनदीप सिंह को संदेह का लाभ — बरी

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खाजूवाला (बीकानेर)। करीब 12 साल पहले अपने ही पिता की लाठी-डंडों से हत्या कर शव कुएं में छिपाने के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (ADJ) कोर्ट खाजूवाला ने आरोपी बेटे को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुना दी।

क्या था पूरा मामला?

यह मामला वर्ष 2014 का है। खाजूवाला क्षेत्र के 23KND में सुखपाल सिंह की उनके बेटे अजयपाल सिंह उर्फ मोंटी ने लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। हत्या के बाद शव को कुएं में छिपा दिया गया। वर्ष 2017 में खाजूवाला पुलिस ने मामले का खुलासा किया।

⚖️ केस का विवरण

  • 📅 घटना: वर्ष 2014, 23KND, खाजूवाला
  • 💀 पीड़ित: सुखपाल सिंह
  • 🔍 खुलासा: वर्ष 2017 — खाजूवाला पुलिस
  • 📋 FIR: मृतक के भाई नक्षत्र सिंह ने दर्ज कराई
  • 👥 गवाह: 23 | साक्ष्य: 63
  • ⚖️ न्यायाधीश: अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश विनोद कुमार गुप्ता
  • 🔒 सजा: अजयपाल सिंह उर्फ मोंटी — आजीवन कारावास
  • ✅ बरी: जसपाल कौर (पत्नी) व रमनदीप सिंह — संदेह का लाभ

23 गवाह और 63 साक्ष्य — 12 साल बाद न्याय

मुकदमे के दौरान एपीपी बृजलाल चाहर ने अदालत में 23 गवाहों और 63 साक्ष्यों को पेश किया। साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने अजयपाल सिंह को हत्या और शव को कुएं में छिपाने का दोषी मानते हुए उसे उम्रकैद की सजा सुनाई।

वहीं मृतक की पत्नी जसपाल कौर और बेटे रमनदीप सिंह को पर्याप्त साक्ष्य न होने के कारण संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया। मृतक के भाई नक्षत्र सिंह ने लंबी कानूनी लड़ाई के बाद मिले इस फैसले पर संतोष जताया।

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📝 संपादकीय नोट

यह समाचार विश्वसनीय स्रोतों एवं उपलब्ध जानकारी के आधार पर ख़बर बीकानेर की संपादकीय टीम द्वारा तैयार किया गया है। नई जानकारी मिलने पर इसे अपडेट किया जाएगा।

यह खबर उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर प्रकाशित की गई है। ख़बर बीकानेर इस खबर की सत्यता की पूर्ण पुष्टि नहीं करता। पाठकों से अनुरोध है कि वे आधिकारिक स्रोतों से जानकारी की पुष्टि करें।

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