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📍 भामटसर (पांचू थाना), बीकानेर
🏥 पीबीएम अस्पताल
📌 खबर के मुख्य बिंदु
- ▶ घटना बीकानेर जिले के पांचू थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले भामटसर गांव की है
- ▶ 3 वर्षीय मासूम राजवीर अपनी मां के साथ गांव में ननिहाल (मामा के घर) आया हुआ था
- ▶ खेत में खेलते समय अचानक आवारा कुत्तों के एक हिंसक झुंड ने बच्चे पर जानलेवा हमला कर दिया
- ▶ कुत्तों ने बच्चे के शरीर को जगह-जगह से बुरी तरह नोच डाला, परिजनों ने मुश्किल से बचाई जान
- ▶ हालत बेहद गंभीर (नाजुक) होने के कारण मासूम राजवीर को पीबीएम अस्पताल रेफर किया गया है
बीकानेर। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक इन दिनों आवारा और खूंखार कुत्तों का जानलेवा आतंक रुकने का नाम नहीं ले रहा है। बीकानेर के नोखा उपखंड स्थित पांचू थाना क्षेत्र में एक ऐसा ही दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां के भामटसर गांव में आवारा कुत्तों के एक हिंसक झुंड ने एक तीन साल के मासूम बच्चे को अपना शिकार बना लिया और उसके शरीर को बुरी तरह से नोच डाला।
🛑 कैसे हुआ हमला? खेत में खेल रहा था बच्चा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित बच्चा राजवीर (उम्र तीन वर्ष) रामलाल डूडी का पुत्र है और वह अपनी मां के साथ कुछ दिनों पहले ही भामटसर गांव (अपने ननिहाल) आया हुआ था।
घटना के समय परिवार के सभी बड़े लोग खेत में कृषि कार्य (खेती-बाड़ी) में व्यस्त थे, और मासूम राजवीर वहीं पास में मिट्टी में खेल रहा था। इसी दौरान, वहां अचानक आवारा और आक्रामक कुत्तों का एक बड़ा झुंड पहुंच गया। कुत्तों ने बिना कोई आहट दिए सीधे उस मासूम पर जानलेवा हमला कर दिया। कुत्तों ने बच्चे को चारों तरफ से घेरकर उसके शरीर के कई हिस्सों को अपने नुकीले दांतों से बुरी तरह नोच डाला।
चीख-पुकार सुनकर दौड़े परिजन, बचाई जान
हमले के कारण राजवीर ज़ोर-ज़ोर से रोने और चीखने लगा। बच्चे की दर्द भरी चीखें सुनकर खेत में काम कर रहे उसके माता-पिता और अन्य परिजन तुरंत मौके की तरफ दौड़े। परिजनों ने लाठियां फटकार कर जैसे-तैसे उन खूंखार कुत्तों को वहां से भगाया और बच्चे को उनके चंगुल से छुड़ाया। लेकिन तब तक कुत्तो के दांतों से राजवीर का शरीर पूरी तरह से खून से लथपथ हो चुका था।
घबराए हुए परिजन तुरंत लहूलुहान बच्चे को लेकर गांव के ही सरकारी अस्पताल पहुंचे। वहां के डॉक्टरों ने बच्चे को प्राथमिक उपचार दिया और उसके घावों पर पट्टी बांधी। लेकिन घाव बेहद गहरे होने और हालत गंभीर होने के कारण, डॉक्टरों ने बिना कोई जोखिम उठाए मासूम राजवीर को तुरंत बीकानेर के पीबीएम अस्पताल के लिए रेफर कर दिया, जहां फिलहाल उसका सघन इलाज जारी है।
“इस हृदयविदारक घटना के बाद से पूरे भामटसर गांव में भारी दहशत और मातम का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन और पंचायत पर भारी रोष व्यक्त किया है।”
दो महीने में दो दर्जन पशुओं को बनाया शिकार
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में आवारा कुत्तों का आतंक कोई नई बात नहीं है। पिछले मात्र दो महीनों के भीतर, इन खूंखार कुत्तों के झुंड ने गांव के दो दर्जन (चौबीस) से अधिक पालतू पशुओं (गायों के बछड़ों, बकरियों आदि) पर भी इसी तरह जानलेवा हमला कर उन्हें अपना शिकार बनाया है।
कई बार शिकायत करने के बावजूद, स्थानीय प्रशासन और ग्राम पंचायत ने इन आवारा कुत्तों को पकड़ने या उन पर लगाम लगाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। अब जब इन कुत्तों ने इंसानों (खासकर छोटे बच्चों) पर हमला करना शुरू कर दिया है, तो ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और वन विभाग से इन आदमखोर होते जा रहे कुत्तों को तुरंत पकड़कर गांव से दूर छोड़ने की सख्त मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसा कोई बड़ा और दर्दनाक हादसा न हो।
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⚠️ कानूनी अस्वीकरण एवं जनहित अपील
यह समाचार पीड़ित बच्चे के परिजनों, स्थानीय ग्रामीणों के बयानों और प्राथमिक अस्पताल की सूचना पर आधारित है। ‘ख़बर बीकानेर’ आम जनता से अपील करता है कि गर्मियों के इस मौसम में आवारा कुत्ते अत्यधिक आक्रामक (हिंसक) हो जाते हैं। इसलिए अपने छोटे बच्चों को घर से बाहर या सुनसान खेतों में बिल्कुल भी अकेला न छोड़ें।
किसी भी व्यक्ति को कुत्ते के काटने पर बिना देरी किए तुरंत नज़दीकी अस्पताल जाकर रेबीज़ (एंटी-रेबीज़) का इंजेक्शन अवश्य लगवाएं। प्रशासन की कार्रवाई के बाद नए तथ्यों के आधार पर इस खबर को अपडेट किया जाएगा। पोर्टल किसी भी त्रुटि या परिवर्तन के लिए उत्तरदायी नहीं है।
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