ख़बर बीकानेर | 11 फ़रवरी 2026

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राजस्थान की भाजपा सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पेश किए गए बजट में आम जनता की सबसे बड़ी आवश्यकताओं में से एक— पेयजल आपूर्ति—को मजबूत बनाने के लिए कई बड़े ऐलान किए हैं। उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दीया कुमारी ने विधानसभा में सरकार का तीसरा बजट पेश करते हुए बताया कि यह बजट सेवा, समर्पण और संकल्प की भावना पर आधारित है और ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की ओर बढ़ने का रोडमैप पेश करता है।
💧 6245 गांव शामिल, 14 लाख नए जल कनेक्शन का ऐलान
पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए मुख्यमंत्री जल स्वास्थ्य योजना (CM Jal Swasthya Yojana) के दायरे को बढ़ाकर इसमें 6245 नए गांवों को शामिल किया है। इससे लाखों ग्रामीण परिवारों को नियमित और स्वच्छ पेयजल प्राप्त करने में बड़ी राहत मिलेगी।
साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के कामों को तेज गति देने के लिए सरकार ने 14 लाख से अधिक नए जल कनेक्शन जारी करने का ऐलान किया है। यह अब तक का सबसे बड़ा विस्तार माना जा रहा है।
पानी की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार मोबाइल वॉटर टेस्टिंग लैब्स भी शुरू करेगी, ताकि गांवों में पानी की नियमित जांच हो सके और दूषित पानी की समस्या पर तुरंत कार्रवाई संभव हो सके।
🚰 राजस्थान राज्य जल नीति— एक व्यापक जल नीति
दीया कुमारी ने अपने बजट भाषण में सबसे अहम घोषणा “राजस्थान राज्य जल नीति” की की। यह नीति राज्य में सामान्य जनता, उद्योगों और विभिन्न संस्थानों को नियमित, सुरक्षित और दीर्घकालिक जल आपूर्ति सुनिश्चित करेगी।
इस नई नीति में शामिल होंगे:
- पेयजल के स्पष्ट प्रावधान
- उद्योगों के लिए कच्चे पानी और ट्रीटेड वॉटर की नीति
- जल संरक्षण और पुनर्चक्रण के दिशा-निर्देश
- जल स्रोतों के बेहतर प्रबंधन की रणनीति
- शहरों में वर्षा जल संग्रहण को अनिवार्य किए जाने की रूपरेखा
नई नीति के आने से राज्य में जल प्रबंधन अधिक वैज्ञानिक और व्यावहारिक हो सकेगा।
🏙️ अमृत सिटीज़ योजना के तहत नए जल कनेक्शन
शहरी क्षेत्रों में जल संकट को दूर करने के लिए सरकार ने घोषणा की कि अमृत सिटीज़ योजना के तहत आने वाले साल में नए जल कनेक्शन जारी किए जाएंगे।
इससे उन शहरों को लाभ मिलेगा जहां जनसंख्या बढ़ने और औद्योगिक विस्तार के कारण पानी की मांग लगातार बढ़ रही है।
बजट में बारां, कोटा और झालावाड़ के लिए ₹3,500 करोड़ का बड़ा आवंटन किया गया है। यह निवेश शहरी जल आपूर्ति, सीवरेज सिस्टम, और आधुनिक जल अवसंरचना के विकास में खर्च होगा।
🏭 बीकानेर, जोधपुर और झालावाड़ जैसे क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ेंगी Industrial Disparity कम करने की योजना
राजस्थान के कई शहरों में औद्योगिक विकास असमान रहा है। इसे संतुलित करने के लिए सरकार ने तेज कार्रवाई योजना (Rapid Action Plan) लागू करने की घोषणा की है।
इससे बीकानेर, जोधपुर और झालावाड़ जैसे क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ेंगी और निवेशक नई इकाइयाँ स्थापित कर सकेंगे।
🚱 बिसलपुर पेयजल परियोजना — 20 लाख लोगों को राहत
टोंक जिले में जल संकट लंबे समय से बना हुआ है। इस समस्या को खत्म करने के लिए सरकार ने बिसलपुर पेयजल परियोजना से निवाई, टोंक, टोडारायसिंह और डूंगरी क्षेत्रों में बेहतर जलापूर्ति हेतु ₹650 करोड़ से अधिक के कार्य कराने का ऐलान किया है।
यह कार्य सूरजपुर से शुरू होंगे और लगभग 20 लाख लोगों को लाभ मिलेगा। उम्मीद है कि इस प्रोजेक्ट से टोंक जिले में गर्मियों के दौरान पानी की कमी की परेशानी काफी हद तक समाप्त हो जाएगी।
🌍 निष्कर्ष: पानी पर फोकस करते हुए बड़ा बजट
राजस्थान बजट 2026-27 में पेयजल को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।
6245 गांवों का विस्तार, 14 लाख नए कनेक्शन, मोबाइल लैब, बिसलपुर प्रोजेक्ट, और राज्य जल नीति—ये सभी घोषणाएँ साफ दर्शाती हैं कि सरकार जल संकट को गंभीरता से लेकर दीर्घकालिक समाधान की दिशा में आगे बढ़ रही है।
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