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📍 बीकानेर / जयपुर
🕵️♂️ इंटेलिजेंस ब्यूरो
📌 खबर के मुख्य बिंदु
- ▶ पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों को जानकारी लीक करने वाला ‘सुमित कुमार’ गिरफ्तार
- ▶ आरोपी असम के चाबुआ (Chabua) एयरफोर्स स्टेशन में बतौर MTS कर्मचारी तैनात था
- ▶ बीकानेर कनेक्शन: नाल एयरफोर्स स्टेशन के लड़ाकू विमानों व मिसाइलों की लोकेशन भेजी
- ▶ आरोपी ने पैसों के लालच में 2023 से पाकिस्तानी हैंडलर्स के साथ संपर्क साधा हुआ था
- ▶ ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट (Official Secrets Act, 1923) के तहत जयपुर में दर्ज हुआ मुकदमा

जयपुर / बीकानेर। राजस्थान इंटेलिजेंस (Rajasthan Intelligence) और भारतीय वायुसेना (IAF) की खुफिया इकाई ने देश की सुरक्षा से जुड़े एक बेहद गंभीर मामले का पर्दाफाश किया है। पाकिस्तानी हैंडलर्स को भारतीय वायुसेना और सैन्य ठिकानों की अति-संवेदनशील व गोपनीय जानकारी मुहैया कराने के आरोप में एक सिविलियन कर्मचारी (Civilian Employee) को गिरफ्तार किया गया है।
राजस्थान इंटेलिजेंस के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADG) प्रफुल्ल कुमार ने इस बड़ी कार्रवाई की पुष्टि की है। पकड़े गए आरोपी की पहचान सुमित कुमार (मूल निवासी लाहुरपार, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। सुरक्षा एजेंसियों का दावा है कि इस गिरफ्तारी से सीमा पार से संचालित हो रहे एक बहुत बड़े जासूसी नेटवर्क (Espionage Network) की कमर टूट गई है।
कैसे खुला यह बड़ा राज़?
दरअसल, इस ‘ऑपरेशन’ की पटकथा जनवरी 2026 में लिखी गई थी, जब राजस्थान पुलिस ने जैसलमेर निवासी झबरा राम को जासूसी के शक में गिरफ्तार किया था। झबरा राम से हुई कड़ी पूछताछ और उसके नेटवर्क की जांच के दौरान ही ‘सुमित कुमार’ का नाम पहली बार रडार पर आया, जो सीधे तौर पर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों के संपर्क में था।
🛑 बीकानेर का नाल एयरफोर्स स्टेशन भी था निशाने पर
गिरफ्तार आरोपी सुमित कुमार असम के चाबुआ (Chabua) एयरफोर्स स्टेशन, डिब्रूगढ़ में मल्टी टास्किंग स्टाफ (MTS) के पद पर तैनात था।
पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि उसने अपने पद का घोर दुरुपयोग करते हुए न केवल असम, बल्कि बीकानेर के नाल एयरफोर्स स्टेशन (Nal Air Force Station) सहित कई अन्य अहम सैन्य ठिकानों की गोपनीय जानकारियां (लड़ाकू विमानों की तैनाती, मिसाइल प्रणालियों की लोकेशन और अधिकारियों की जानकारी) सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तानी हैंडलर्स को भेजी थीं।
2023 से बिक रहा था देश का भेद
राजस्थान पुलिस और वायुसेना की इंटेलिजेंस यूनिट ने एक ‘जॉइंट ऑपरेशन’ (Joint Operation) चलाकर आरोपी को असम के चाबुआ से ही हिरासत में लिया और उसे कड़ी सुरक्षा के बीच जयपुर स्थित केंद्रीय पूछताछ केंद्र लाया गया। जांच एजेंसियों को पता चला है कि आरोपी चंद पैसों के लालच में वर्ष 2023 से ही पाकिस्तान के इशारों पर नाच रहा था।
आश्चर्य की बात यह भी है कि सुमित कुमार ने अपने मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल करके पाकिस्तानी जासूसों (हैंडलर्स) के लिए भारत में फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाने में भी सक्रिय रूप से मदद की थी, ताकि वे आसानी से भारतीय सेना के अन्य जवानों को भी ‘हनीट्रैप’ (Honeytrap) या लालच में फंसा सकें।
“आरोपी सुमित कुमार पर 22 मार्च को जयपुर के विशेष पुलिस स्टेशन में ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट (Official Secrets Act, 1923) और भारतीय न्याय संहिता (BNS, 2023) की विभिन्न सख्त धाराओं के तहत देशद्रोह और जासूसी का केस दर्ज किया गया है।”
सुरक्षा अधिकारियों का मानना है कि इस गिरफ्तारी के बाद पाकिस्तान समर्थित जासूसी नेटवर्क के और भी कई स्लीपर सेल बेनकाब हो सकते हैं। मामले की आगे की तहकीकात युद्ध स्तर पर जारी है।
⚠️ अस्वीकरण (Disclaimer)
यह समाचार राजस्थान पुलिस इंटेलिजेंस (Intelligence Bureau) और भारतीय वायुसेना द्वारा दी गई आधिकारिक प्रेस रिलीज के आधार पर तैयार किया गया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी कोई भी भ्रामक जानकारी साझा न करें। जांच पूरी होने पर ख़बर बीकानेर द्वारा इस खबर को अपडेट किया जाएगा।
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