📅 05 मार्च 2026
📍 बीकानेर, राजस्थान
⚡ ऊर्जा संकट
📌 खबर के मुख्य बिंदु
- ▶ अमेरिका-इजराइल के ईरान पर हमले के बाद स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में LPG जहाज फंसे
- ▶ बीकानेर समेत पूरे भारत में रसोई गैस सप्लाई पर खतरा
- ▶ देश में सिर्फ 30 दिन का LPG स्टॉक बचा है
- ▶ अमेरिका से गैस अप्रैल से पहले भारत नहीं पहुंच सकती
- ▶ LPG के साथ CNG और PNG सप्लाई पर भी असर पड़ सकता है
- ▶ सरकार का बयान — गैस की कमी नहीं होगी, स्टॉक संतोषजनक
बीकानेर। पश्चिम एशिया में दिनों दिन बढ़ते युद्ध की आंच अब बीकानेर समेत पूरे राजस्थान की रसोई तक पहुंच गई है। अमेरिका और इजराइल की ओर से ईरान पर हमले के बाद हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। फारस की खाड़ी में बढ़ती जंग ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा को हिलाकर रख दिया है। अगर यह तनाव जल्द खत्म नहीं हुआ तो बीकानेर के लाखों परिवारों को रसोई गैस की बड़ी किल्लत का सामना करना पड़ सकता है।
हॉर्मुज में फंसे LPG जहाज — बीकानेर तक असर
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक फारस की खाड़ी में युद्ध की वजह से गैस से भरे कई जहाज स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के पास फंस गए हैं। बीकानेर में इंदिरा रसोई और घरेलू सिलेंडर उपयोगकर्ताओं की संख्या लाखों में है। ऐसे में अगर सप्लाई रुकी तो स्थानीय स्तर पर गंभीर असर पड़ सकता है।
🌊 स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज क्या है?
होर्मुज स्ट्रेट फारस की खाड़ी के मुहाने पर स्थित एक संकरा समुद्री रास्ता है जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है। इसके उत्तर में ईरान और दक्षिण में ओमान व UAE है। सऊदी अरब, कुवैत, कतर और इराक इसी रास्ते से तेल भेजते हैं। हर दिन करीब 1.5 करोड़ बैरल कच्चा तेल इसी रास्ते से गुजरता है — जो दुनिया की सप्लाई का पांचवां हिस्सा है।
बीकानेर में क्या होगा असर?
बीकानेर जिले में हजारों घरों में घरेलू LPG सिलेंडर का उपयोग होता है। शहर के पुराने इलाकों से लेकर कोलोनियों तक गैस एजेंसियों पर निर्भरता बहुत अधिक है। अगर सप्लाई में रुकावट आई तो बीकानेर जैसे मरुभूमि शहर में जहां पहले से ही वैकल्पिक ऊर्जा साधन सीमित हैं, आम परिवारों के लिए खाना पकाना भी महंगा और मुश्किल हो सकता है।
“भारत के पास LPG के लिए दूसरे सप्लायर ढूंढने के विकल्प सीमित हैं। कुछ अतिरिक्त गैस अमेरिका, रूस या अर्जेंटीना से मिल सकती है, लेकिन मात्रा कम होगी।”
— सुमित रितोलिया, एनालिस्ट, केप्लर
सिर्फ 30 दिन का स्टॉक बचा
एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि भारत का LPG स्टॉक अभी सिर्फ एक महीने (30 दिन) का बचा है। पश्चिम एशिया में हमलों के बाद भारतीय रिफाइनरी कंपनियों ने सरकारी अधिकारियों के साथ बैठक कर ऊर्जा सप्लाई की आपात योजना पर चर्चा की है। राजस्थान में भी इसका सीधा असर पड़ सकता है।
📊 भारत की ऊर्जा निर्भरता — आंकड़े
- ● 90%+ LPG — मिडिल ईस्ट से
- ● 66% LNG — इसी क्षेत्र से
- ● 50% कच्चा तेल — पश्चिम एशिया से
- ● 30 दिन — मौजूदा LPG स्टॉक
आम आदमी पर क्या होगा असर?
अगर सप्लाई चेन में रुकावट नहीं हटी तो न केवल गैस की किल्लत होगी बल्कि कीमतों में भी तेज उछाल आ सकता है। बीकानेर जैसे शहर में जहां आम नागरिक पहले से महंगाई की मार झेल रहा है, वहां घरेलू बजट और बिगड़ सकता है। सिर्फ LPG ही नहीं, CNG और PNG की सप्लाई पर भी असर दिखना शुरू हो जाएगा।
सरकार ने दी राहत
इस बीच भारत सरकार ने राहत भरा बयान दिया है। सरकार ने साफ कहा है कि देश में गैस की कमी नहीं होगी और आपूर्ति लगातार बनी रहेगी। सरकारी सूत्रों के मुताबिक वर्तमान में भंडार की स्थिति संतोषजनक है और भारत अन्य आपूर्तिकर्ताओं के साथ भी संपर्क में है।
🏛️ सरकार का बयान
- ✔ LPG या LNG की कोई कमी नहीं है
- ✔ भंडार की स्थिति संतोषजनक, प्रतिदिन भरपाई जारी
- ✔ विश्व में कच्चे तेल की भी कोई कमी नहीं
- ✔ भारत अन्य आपूर्तिकर्ताओं से भी संपर्क में
ख़बर बीकानेर इस मामले पर नज़र बनाए हुए है। बीकानेर और राजस्थान पर पड़ने वाले असर की ताज़ा जानकारी लगातार अपडेट की जाएगी।
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यह खबर उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर प्रकाशित की गई है। ख़बर बीकानेर इस खबर की सत्यता की पुष्टि नहीं करता। पाठकों से अनुरोध है कि वे आधिकारिक स्रोतों से जानकारी की पुष्टि करें।
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