ख़बर बीकानेर | 13 फ़रवरी 2026

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बीकानेर। पंजाब के अमृतसर से एक किलो हेरोइन लेकर बीकानेर लौट रहे दो युवकों की गिरफ्तारी ने अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया है। प्रारंभिक पूछताछ के बाद पुलिस को पता चला है कि यह गिरोह पाकिस्तान स्थित तस्करों से सीधे संपर्क में था और सीमापार से मंगाई गई हेरोइन को राजस्थान व पंजाब के कई जिलों में सप्लाई किया जाता था। गिरफ्तार आरोपियों के खुलासे ने सुरक्षा एजेंसियों को भी सतर्क कर दिया है, क्योंकि नेटवर्क की जड़ें सीमा पार तक फैली हुई पाई गई हैं।
■ अमृतसर में सौदा, एनएच-62 पर दबोचे गए आरोपी
मामला 26 जनवरी का है। बीकानेर के भुट्टों का बास निवासी शबीर अली और छत्तरगढ़ के गोरीसर निवासी आलम खां अमृतसर से एक किलो हेरोइन लेकर बीकानेर लौट रहे थे। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी अमृतसर में एक अज्ञात व्यक्ति को 7 लाख 40 हजार रुपये देकर हेरोइन प्राप्त कर बीकानेर की ओर निकले थे। लेकिन श्रीगंगानगर जिले के राजियासर क्षेत्र में एनएच–62 पर पुलिस ने उन्हें रोककर पकड़ लिया। शक के आधार पर हुई तलाशी में कार से एक किलो हेरोइन बरामद की गई।
आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने जब गहन पूछताछ की तो मादक पदार्थों की सप्लाई का एक विस्तृत नेटवर्क सामने आया, जिसमें पाकिस्तान से हेरोइन मंगवाने से लेकर राजस्थान व पंजाब के कई जिलों में उसकी खरीद–फरोख्त तक की पुष्टि हुई।
■ व्हाट्सऐप के जरिए पाकिस्तान से हुआ था संपर्क
पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने पाकिस्तान के एक तस्कर इमरान से व्हाट्सऐप पर संपर्क किया था। इमरान ही उन्हें हेरोइन सप्लाई करवाता था। पाकिस्तान में बैठे तस्कर अमृतसर और फिर राजस्थान के रास्ते हेरोइन को विभिन्न जिलों तक पहुंचाते थे। पुलिस के अनुसार हेरोइन का भुगतान भारत स्थित नेटवर्क के सदस्यों द्वारा अलग–अलग चरणों में किया जाता था ताकि लेन–देन का कोई स्पष्ट रिकॉर्ड न रहे।
इस पूरे रैकेट में पंजाब, बीकानेर, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ के तस्करों की सक्रिय भूमिका सामने आई है। नेटवर्क में शामिल लोग पाकिस्तान से सप्लाई आने के बाद अपने–अपने क्षेत्र में हेरोइन को छोटे पैमाने पर बांटकर आगे बेचते थे।
■ सूरतगढ़ पुलिस की जांच में 10 लोगों के नाम आए सामने
मामले की जांच सूरतगढ़ शहर पुलिस थाने के एसएचओ दिनेश सहारण कर रहे हैं। उनके अनुसार अब तक हेरोइन तस्करी और खरीद–फरोख्त में शामिल 10 लोगों के नामजद होने की पुष्टि हुई है। शबीर अली और आलम खां के अलावा पुलिस ने बीकानेर के बंगला नगर निवासी रामलाल नायक, छत्तरगढ़ के लाखूसर निवासी सहीराम जाट, सूरतगढ़ के वार्ड 33 निवासी अमीन खान, तथा हनुमानगढ़ के रावतसर निवासी विजय कुमार सोनी को भी गिरफ्तार किया है।
इनसे पूछताछ के दौरान नेटवर्क में जुड़े अन्य लोगों के नाम और उनकी भूमिकाएं भी सामने आई हैं। पुलिस का कहना है कि हर आरोपी एक–दूसरे से किसी न किसी रूप में जुड़ा हुआ है। कुछ लोग पाकिस्तान से आने वाली खेप के भुगतान में शामिल हैं, कुछ खेप को प्राप्त करने वाले हैं, जबकि कुछ राजस्थान और पंजाब में इसे आगे सप्लाई करते हैं।
■ तस्करी का व्यापक नेटवर्क, और गिरफ्तारियां होने की संभावना
पुलिस के अनुसार यह नेटवर्क काफी संगठित तरीके से काम करता था। पाकिस्तान में मौजूद मुख्य तस्कर भारत में अपने संपर्कों को व्हाट्सऐप के जरिए लोकेशन और कोड वर्ड भेजते थे। खेप सीमा पार करवाने के लिए अलग–अलग मार्ग और वाहन का उपयोग किया जाता था ताकि सुरक्षा एजेंसियों को चकमा दिया जा सके।
जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था और कई जिलों में इसकी जड़ें फैली हुई हैं। पुलिस का मानना है कि अभी कई और आरोपी शामिल हो सकते हैं जिनकी भूमिका की तस्दीक की जा रही है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारी होने की पूरी संभावना है।
■ पुलिस और सुरक्षा एजेंसियाँ सतर्क
सीमावर्ती इलाकों में मादक पदार्थों की लगातार बढ़ रही गतिविधियां सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय हैं। पाकिस्तान से ड्रोन, सीमापार स्लीपर सेल और पारंपरिक तस्करी मार्गों के जरिए हेरोइन भेजने की घटनाएँ बढ़ी हैं। ऐसे में इस मामले ने एक बार फिर इस समस्या को उजागर किया है कि राजस्थान–पंजाब बॉर्डर पर सक्रिय गिरोह कितने बड़े पैमाने पर इस अवैध व्यापार को अंजाम दे रहे हैं।
एसएचओ दिनेश सहारण ने कहा कि आरोपी युवकों से मिली जानकारी बेहद महत्वपूर्ण है और इसके आधार पर कई जिलों में छापेमारी की जा रही है। पुलिस ने नेटवर्क से जुड़े मोबाइल नंबर, व्हाट्सऐप चैट, बैंकिंग जानकारी और ट्रांजैक्शन का भी विश्लेषण शुरू कर दिया है जिससे पूरे नेटवर्क तक पहुंचने में मदद मिलेगी।
■ निष्कर्ष
अमृतसर से बीकानेर लाई जा रही एक किलो हेरोइन की बरामदगी ने पाकिस्तान समर्थित मादक पदार्थ तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस मामले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सीमापार तस्करी का जाल कितना मजबूत और संगठित है। पुलिस की जांच जारी है और आने वाले दिनों में कई और खुलासे एवं गिरफ्तारियां होने की उम्मीद है।
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