ख़बर बीकानेर | 24 फ़रवरी 2026

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ईरान–अमेरिका तनाव एक बार फिर चरम पर पहुँच गया है। परमाणु कार्यक्रम को लेकर दोनों देशों के बीच लंबे समय से चली आ रही खींचतान अब खाड़ी क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों, कूटनीतिक दबाव और वैश्विक अनिश्चितता का कारण बन चुकी है। हालात इतने गंभीर हैं कि भारत सहित कई देशों ने अपने नागरिकों को ईरान छोड़ने की सलाह जारी कर दी है। दूसरी ओर, अमेरिका और ईरान के बीच जिनेवा में नई वार्ता की तैयारी भी चल रही है, लेकिन वार्ता के साथ-साथ सैन्य कार्रवाई की चेतावनी ने स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की चेतावनी – “सैन्य कार्रवाई पर विचार कर रहा हूँ”
मीडिया को दिए एक बयान में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने दावा किया कि राष्ट्रपति यह समझना चाहते हैं कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर अब तक झुकाव क्यों नहीं दिखा रहा है। ट्रंप से जब पूछा गया कि क्या वे वार्ता के दौरान भी सैन्य कार्रवाई की अनुमति दे सकते हैं, तो उन्होंने कहा,
“हाँ, मैं इस पर विचार कर रहा हूँ — ऐसा कह सकता हूँ।”
इस बयान ने कूटनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।
अमेरिका की “जीरो एनरिचमेंट” की मांग ईरान के लिए अस्वीकार्य रही है, जबकि तेहरान अपने परमाणु अधिकारों को “राष्ट्रीय संप्रभुता” से जोड़कर देखता है।
ईरान का जवाब – ‘पारस्परिक सम्मान’ पर आधारित प्रस्ताव तैयार
ईरान के विदेश उपमंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि तेहरान 48–72 घंटे के भीतर एक नया कूटनीतिक प्रस्ताव पेश करेगा।
यह प्रस्ताव “mutual respect” पर आधारित होगा, लेकिन यह साफ नहीं है कि क्या ईरान अमेरिका की “लाल रेखा” यानी घरेलू यूरेनियम संवर्द्धन पर कोई समझौता करेगा या नहीं।
इजरायल हाई-अलर्ट पर — संयुक्त अभियान की तैयारी तेज
इजरायल का मानना है कि ईरान–अमेरिका वार्ता एक निर्णायक मोड़ पर पहुँच चुकी है।
इस बीच अमेरिकी विमानवाहक पोत USS Gerald R. Ford और USS Abraham Lincoln की तैनाती को खाड़ी क्षेत्र में पिछले कई दशकों की सबसे बड़ी सैन्य मौजूदगी माना जा रहा है। विशेषज्ञ इसे “pre-positioning for rapid action” बता रहे हैं।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य—विश्व ऊर्जा आपूर्ति पर खतरा
हाल ही में IRGC द्वारा लाइव फायर ड्रिल के कारण कुछ समय के लिए जलडमरूमध्य बंद करना पड़ा था।
ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका हमला करता है, तो
“सभी अमेरिकी सैन्य ठिकाने वैध लक्ष्य होंगे।”
यह क्षेत्र दुनिया की लगभग 30% समुद्री तेल आपूर्ति का मार्ग है, इसलिए किसी भी टकराव का वैश्विक बाजार पर असर निश्चित है।
भारत ने जारी की एडवाइजरी—सभी भारतीय तुरंत ईरान छोड़ें
भारत के तेहरान स्थित दूतावास ने सोमवार को एक बेहद महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी करते हुए छात्रों, तीर्थयात्रियों, पर्यटकों और व्यापारियों सहित सभी भारतीयों को देश छोड़ने की सलाह दी है।
दूतावास ने कहा कि लोग अपने सभी आवश्यक दस्तावेज (पासपोर्ट, वीज़ा, आईडी) हमेशा तैयार रखें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत संपर्क करें।
कूटनीतिक समाधान की उम्मीद—पर अनिश्चितता बरकरार
जिनेवा में गुरुवार से होने वाली नई वार्ता से उम्मीदें जरूर बंधी हैं, लेकिन सैन्य तैयारी, चेतावनियों और प्रतिचेतावनियों ने स्थिति को और जटिल बना दिया है।
फिलहाल दुनिया की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि—
क्या ईरान और अमेरिका समझौते के रास्ते पर आगे बढ़ेंगे,
या यह गतिरोध किसी बड़े संघर्ष का रूप ले लेगा?
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