बीकानेर: पीबीएम ट्रॉमा सेंटर में क्लबफुट प्लास्टर मैनेजमेंट पर अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला, पोन्सेटी विधि से जन्मजात विकृति का सफल इलाज

ख़बर बीकानेर | 17 फ़रवरी 2026

WhatsApp Image 2026 02 17 at 8.32.54 PM 2

Sources..

बीकानेर। संगठन स. प. मेडिकल कॉलेज के अस्थि रोग विभाग के तत्वाधान में पीबीएम ट्रॉमा सेंटर सभागार में “क्लबफुट प्लास्टर मैनेजमेंट” पर अंतरराष्ट्रीय सप्रयोग कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें देश-विदेश के विशेषज्ञों ने भाग लिया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य था—जन्मजात टेढ़े-मेढ़े पांव (Clubfoot) के बिना ऑपरेशन Ponseti Technique द्वारा सफल उपचार की जानकारी और प्रशिक्षण देना।

कार्यशाला का शुभारंभ ट्रॉमा सेंटर निदेशक एवं विभागाध्यक्ष डॉ. बी. एल. खजोटिया ने विषय प्रवर्तन के साथ किया। उन्होंने बताया कि क्लबफुट एक जन्मजात विकृति है, जिसका शुरुआती अवस्था में पॉन्सेटी विधि द्वारा 100% तक सुधार संभव है। यह विश्व स्तर पर स्वीकृत, सरल और कम खर्चीली तकनीक है, जो बिना बड़े ऑपरेशन के बच्चों को सामान्य जीवन दे सकती है।

WhatsApp Image 2026 02 17 at 8.32.55 PM 1

उन्होंने CURE India International एवं अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम चिकित्सा गुणवत्ता और युवा चिकित्सकों के कौशल में महत्वपूर्ण योगदान करते हैं।


अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का प्रशिक्षण

फ्लोरिडा (अमेरिका) से आए प्रसिद्ध क्लबफुट विशेषज्ञ
कार्लटन ब्रूस स्मिथ ने विस्तृत प्रशिक्षण सत्र का संचालन किया। उन्होंने—

  • पिरानी स्कोरिंग प्रणाली
  • ब्रेसेस का सही प्रोटोकॉल
  • Relapse रोकथाम
  • क्लबफुट की वैज्ञानिक व्याख्या
  • Ponseti Plaster Technique की चरणबद्ध प्रक्रिया

पर सप्रयोग प्रशिक्षण दिया।

ब्रूस स्मिथ ने कहा कि बिना ऑपरेशन क्रमिक प्लास्टर तकनीक ही क्लबफुट का सबसे सफल इलाज है, और माता-पिता को जन्म के तुरंत बाद उपचार शुरू करवाना चाहिए। उन्होंने पीबीएम ट्रॉमा सेंटर में बच्चों का लाइव प्लास्टर डेमो भी किया।

उनके साथ इंग्लैंड के रेजिडेंट
हेनरी टिम्बर वर्गीस वुड भी मौजूद रहे।


राजस्थान में 7000 बच्चे उपचाराधीन — क्योर इंडिया इंटरनेशनल

शुभाशीष गिरायन, (क्योर इंडिया इंटरनेशनल – प्रोजेक्ट सक्सेस एवं क्वालिटी, राजस्थान) ने बताया कि पूरे राज्य में लगभग 7000 बच्चे क्लबफुट उपचाराधीन हैं।
राजस्थान में 10-दिवसीय कार्यक्रम के दौरान जयपुर, अजमेर, जोधपुर, कोटा के अलावा चुरू, बाड़मेर, झालावाड़, भीलवाड़ा में नए केंद्र शुरू किए जा रहे हैं।

पीबीएम ट्रॉमा सेंटर में नियमित रूप से कार्यरत क्लबफुट तकनीशियन एवं जिला कॉर्डिनेटर
कोमल वर्मा ने मरीजों की तैयारी और लाइव सत्र में विशेष सहयोग दिया। उन्होंने बताया कि 1500 बच्चे बीकानेर में उपचाराधीन हैं और उन्हें प्लास्टर, ब्रेसेस और जूते निशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

वरिष्ठ लेखक अशफ़ाक कादरी ने पीबीएम की क्लबफुट सेवाओं की सराहना की।


सरकारी अस्पतालों को नई दिशा — CMO डॉ. एल. के. कपिल

कार्यक्रम के समापन पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एल. के. कपिल ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि यह कार्यशाला सरकारी अस्पतालों में उपचार गुणवत्ता को नई दिशा प्रदान करेगी और क्षेत्र के बच्चों को विश्वस्तरीय सुविधा उपलब्ध कराएगी।

कार्यशाला में रेजिडेंट डॉक्टरों, फैकल्टी, प्लास्टर तकनीशियन और नर्सिंग स्टाफ ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top