📰 ख़बर बीकानेर 📰 ख़बर बीकानेर 📰 ख़बर बीकानेर
📰 ख़बर बीकानेर 📰 ख़बर बीकानेर 📰 ख़बर बीकानेर
📰 ख़बर बीकानेर 📰 ख़बर बीकानेर 📰 ख़बर बीकानेर
📰 ख़बर बीकानेर 📰 ख़बर बीकानेर 📰 ख़बर बीकानेर
📰 ख़बर बीकानेर 📰 ख़बर बीकानेर 📰 ख़बर बीकानेर
🚨 प्रशासनिक एक्शन | बीकानेर अलर्ट
बीकानेर जिले में युवाओं को नशे की गर्त में धकेल रही गैर-एनडीपीएस दवाओं के अवैध इस्तेमाल पर जिला प्रशासन ने अब तक का सबसे कड़ा प्रहार किया है। जिला मजिस्ट्रेट एवं कलेक्टर निशांत जैन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू करते हुए प्रेगाबालिन, टेपेंटाडोल सहित विशेष साल्ट युक्त दवाओं की खुली व अनियंत्रित बिक्री पर तत्काल प्रभाव से पाबंदी लगा दी है।
📍 स्थान: कलेक्ट्रेट, बीकानेर
🕒 प्रभावी अवधि: 28 नवंबर 2026 तक
📂 आदेश: BNSS धारा 163 लागू
📌 आदेश के 5 सबसे सख्त प्रावधान:
- खुली बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध: Pregabalin (75 mg से अधिक), Tapentadol, Zopiclone व Quetiapine साल्ट युक्त दवाओं की बिना पक्के बिल बिक्री अवैध।
- डॉक्टर की मूल पर्ची अनिवार्य: रिटेल मेडिकल संचालक केवल पंजीकृत चिकित्सक की मूल पर्ची (प्रिस्क्रिप्शन) पर ही दवा देंगे और उस पर अपनी सील-तारीख अंकित करेंगे।
- दैनिक स्टॉक व ईमेल रिपोर्टिंग: थोक विक्रेताओं को बैच नंबर सहित दैनिक स्टॉक रजिस्टर रखना होगा और प्रति सप्ताह ईमेल से रिपोर्ट भेजनी होगी।
- हर माह औचक निरीक्षण: सहायक औषधि नियंत्रक, एसडीएम और पुलिस की संयुक्त टीमें हर महीने की 3 से 5 तारीख तक मेडिकल स्टोर्स पर रेड करेंगी।
- BNS धारा 223 में मुकदमा: आदेश का उल्लंघन करने वाले दवा कारोबारियों पर सीधे आपराधिक केस दर्ज कर लाइसेंस निरस्त किया जाएगा।
ख़बर बीकानेर। जिले में नई पीढ़ी के भविष्य को खोखला कर रहे सिंथेटिक और फार्मास्यूटिकल नशे के बढ़ते कारोबार पर जिला प्रशासन ने अत्यंत सख्त रुख अपनाया है। तकनीकी रूप से एनडीपीएस (NDPS) कानून के दायरे से बाहर होने का फायदा उठाकर कुछ दवा व्यापारियों द्वारा बेची जा रही नशे की गोलियों और इंजेक्शनों की अनियंत्रित आपूर्ति को रोकने के लिए जिला मजिस्ट्रेट एवं कलेक्टर निशांत जैन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत संपूर्ण जिले में निषेधाज्ञा जारी की है।
युवाओं में नशे के रूप में हो रहा था दुरुपयोग: प्रेगाबालिन-75 mg से अधिक पर पाबंदी
प्रशासनिक जांच और खुफिया रिपोर्टों में यह तथ्य उजागर हुआ था कि बीकानेर शहर और देहात के कई मेडिकल स्टोर्स पर नसों के दर्द और अवसाद में काम आने वाली दवाओं को युवा नशे के विकल्प के रूप में भारी मात्रा में खरीद रहे हैं। इसे देखते हुए कलेक्टर निशांत जैन ने आदेश जारी किए हैं कि कोई भी थोक या खुदरा विक्रेता प्रेगाबालिन (Pregabalin) 75 मिलीग्राम से अधिक क्षमता तथा टेपेंटाडोल (Tapentadol), जोपिक्लोन (Zopiclone) व क्वेटियापाइन (Quetiapine) साल्ट युक्त दवाओं का बेचान बिना पक्के जीएसटी बिल के कतई नहीं करेगा।
आदेश के तहत थोक दवा विक्रेताओं के लिए यह अनिवार्य किया गया है कि वे इन चिन्हित दवाओं के क्रय-विक्रय का संपूर्ण रिकॉर्ड बैच नंबर सहित दैनिक स्टॉक रजिस्टर में संधारित करेंगे। इतना ही नहीं, हर सप्ताह का स्टॉक स्टेटमेंट विभागीय ईमेल पर प्रेषित करना होगा। खुदरा विक्रेताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे डॉक्टर की ओरिजिनल पर्ची देखे बिना एक भी गोली नहीं बेचेंगे और बेचान के वक्त पर्ची पर स्टोर की रबर सील व तारीख दर्ज करेंगे।
“ग़ौरतलब है कि आदेशों की जमीनी पालना सुनिश्चित करने के लिए सहायक औषधि नियंत्रक (ADC), संबंधित उपखंड अधिकारी (SDM) और पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में विशेष संयुक्त जांच दल गठित किए गए हैं। यह टीमें प्रत्येक माह की 3 से 5 तारीख के मध्य जिलेभर के मेडिकल प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण करेंगी।”
28 नवंबर 2026 तक रहेगा लागू, नियम तोड़ा तो दर्ज होगा आपराधिक मुकदमा
जिला प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि यह प्रतिबंधात्मक आदेश तत्काल प्रभाव से संपूर्ण बीकानेर जिले में लागू हो गया है और आगामी 28 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा। यदि कोई भी मेडिकल स्टोर संचालक, थोक विक्रेता या अनाधिकृत व्यक्ति इन प्रतिबंधित साल्ट की अवैध जमाखोरी, बिना बिल बिक्री या बिना डॉक्टर पर्ची वितरण में लिप्त पाया जाता है, तो ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत मेडिकल स्टोर का लाइसेंस तुरंत निरस्त किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, लोकसेवक के विधिक आदेश की अवज्ञा करने पर दोषी व्यापारी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 223 के तहत गैर-जमानती आपराधिक प्रकरण दर्ज कर कठोर दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। प्रशासन ने आमजन से भी अपील की है कि यदि किसी क्षेत्र में मेडिकल नशे की अवैध बिक्री की जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस व प्रशासन को सूचित करें।