🏆 ब्रेकिंग न्यूज़ | बीकानेर मेयर चुनाव परिणाम
बीकानेर नगर निगम में तमाम सियासी दावों और सस्पेंस पर पूर्णविराम लग गया है। सोमवार को संपन्न हुए मतदान में कांग्रेस प्रत्याशी अनिल कल्ला ने रिकॉर्ड 50 वोट हासिल कर महापौर की प्रतिष्ठित कुर्सी पर शानदार कब्जा जमा लिया है। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी डॉ. सुरेंद्र सिंह शेखावत (30 वोट) को 20 वोटों के भारी अंतर से शिकस्त देकर भाजपा के क्रॉस-वोटिंग के तमाम दावों की हवा निकाल दी।
📍 स्थान: नगर निगम परिसर, बीकानेर
🕒 नतीजा: आधिकारिक घोषणा
📂 जनादेश: अनिल कल्ला बीकानेर के नए मेयर
📌 महा-जीत के 5 सबसे बड़े फैक्टर:
- विशाल जीत: कांग्रेस के अनिल कल्ला को मिले 50 वोट, भाजपा के सुरेंद्र सिंह शेखावत 30 वोटों पर सिमटे।
- 20 वोटों का अंतर: 80 सदस्यीय बोर्ड में बहुमत के लिए 41 वोट जरूरी थे, कल्ला ने जादुई आंकड़े से 9 वोट अधिक पाए।
- 42 से 50 का करिश्मा: कांग्रेस ने अपने 42 पार्षदों को एकजुट रखते हुए 8 अतिरिक्त (निर्दलीय/अन्य) वोट अपने पाले में खींचे।
- भाजपा का दांव उल्टा पड़ा: सोशल मीडिया पर ’51+’ और 8 निर्दलीयों का दावा करने वाली भाजपा को मिले मात्र 30 वोट (27 मूल + 3 अतिरिक्त)।
- प्रमाण पत्र सौंपा: जिला निर्वाचन अधिकारी ने अनिल कल्ला को आधिकारिक रूप से महापौर निर्वाचन का प्रमाण पत्र प्रदान किया।
ख़बर बीकानेर। बीकानेर नगर निगम की राजनीति में सोमवार को एक नया इतिहास रच गया। पिछले कई दिनों से चल रही बाड़ेबंदी, शह-मात की बिसात और सोशल मीडिया पर चले तीखे वार-पलटवार के बीच कांग्रेस ने अपना परचम लहराते हुए निगम का बोर्ड बना लिया है। पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला के भतीजे और वार्ड संख्या 73 से पार्षद अनिल कल्ला बीकानेर के नए प्रथम नागरिक (महापौर) चुन लिए गए हैं।
कैसे पलटा खेल: 42 से सीधे 50 पर पहुंची कांग्रेस, 8 निर्दलीयों ने दिया साथ
ग़ौरतलब है कि मतदान की शुरुआत तक भाजपा खेमे की ओर से 35 से अधिक वोटों के पक्के होने और कांग्रेस के 6 पार्षदों की क्रॉस-वोटिंग कराने के बड़े दावे किए जा रहे थे। भाजपा प्रत्याशी डॉ. सुरेंद्र सिंह शेखावत ने 8 निर्दलीय पार्षदों संग तस्वीर साझा कर ’51+’ का सनसनीखेज दावा भी ठोका था। लेकिन जब मतपेटियों से मतपत्र निकले, तो पूरी तस्वीर इसके उलट साबित हुई।
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस की रणनीतिक ‘होटल पॉलिटिक्स’ और वरिष्ठ नेताओं की चौबीसों घंटे की सघन मॉनिटरिंग पूरी तरह सफल रही। कांग्रेस न सिर्फ अपने सभी 42 पार्षदों को एकजुट रखने में कामयाब रही, बल्कि उसने भाजपा खेमे में सेंध लगाते हुए कुल 10 में से 8 निर्दलीय पार्षदों का समर्थन भी कल्ला के पक्ष में हासिल कर लिया। इसी रणनीति के दम पर कांग्रेस 42 के अपने मूल आंकड़े से छलांग लगाकर सीधे 50 वोटों के प्रचंड शिखर तक पहुंच गई।
“कुल वैध मत: 80 | बहुमत का आंकड़ा: 41
अनिल कल्ला (कांग्रेस): 50 मत (विजेता)
डॉ. सुरेंद्र सिंह शेखावत (भाजपा): 30 मत
जीत का अंतर: 20 मतों की एकतरफा प्रचंड विजय।”
सदन से सड़क तक जश्न का सैलाब: कल्ला को सौंपा गया जीत का प्रमाण पत्र
परिणाम की आधिकारिक घोषणा होते ही मतगणना कक्ष के बाहर खड़े कांग्रेस कार्यकर्ताओं और कल्ला समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों की थाप और आतिशबाजी के बीच अनिल कल्ला को फूल-मालाओं से लाद दिया। कार्यकर्ताओं ने ‘डॉ. बी.डी. कल्ला जिंदाबाद’ और ‘कांग्रेस पार्टी जिंदाबाद’ के गगनभेदी नारे लगाए।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने रिटर्निंग कक्ष में अनिल कल्ला को बीकानेर नगर निगम के महापौर पद का आधिकारिक प्रमाण पत्र सुपुर्द किया। जीत के बाद नवनिर्वाचित महापौर अनिल कल्ला ने शहर की जनता, सभी 50 समर्थक पार्षदों और कांग्रेस आलाकमान का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे दलगत राजनीति से ऊपर उठकर शहर के समग्र विकास, सफाई व्यवस्था और बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए पूरी निष्ठा से काम करेंगे।