🗳️ सियासी घमासान | बीकानेर मेयर चुनाव
बीकानेर नगर निगम में महापौर के चुनाव ने बेहद अप्रत्याशित और हाई-वोल्टेज मोड़ ले लिया है। कागजों पर 42 पार्षदों के साथ कांग्रेस भले ही बहुमत में हो, लेकिन भाजपा प्रत्याशी डॉ. सुरेंद्र सिंह शेखावत ने रविवार सुबह ’51+’ पार्षदों के समर्थन का सनसनीखेज दावा ठोक कर खलबली मचा दी है। यही नहीं, फेसबुक लाइव आकर उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी अनिल कल्ला को शहर के विकास और विजन पर आमने-सामने लाइव डिबेट की खुली चुनौती दे डाली है।
📍 स्थान: बीकानेर
🕒 अपडेटेड: स्पेशल लाइव बुलेटिन
📂 सियासत: सोशल वॉर व खुला चैलेंज
📌 सियासी दंगल के 5 प्रमुख बिंदु:
- ’51+’ की रहस्यमयी पोस्ट: 8 निर्दलीयों संग फोटो के बाद शेखावत ने 51 से अधिक पार्षदों के समर्थन का दावा कर सनसनी फैला दी।
- अनिल कल्ला को खुला चैलेंज: बीकानेर के विकास पर विजन डॉक्युमेंट जारी करने और सीधे लाइव डिबेट करने की दी चुनौती।
- ‘मित्रता अपनी जगह, विजन जरूरी’: शेखावत बोले- अनिल कल्ला मेरे भाई जैसे हैं, लेकिन बीकानेर को सरकार से बजट लाने वाला मेयर चाहिए।
- अंतरात्मा की आवाज पर अपील: 80 वार्डों के सभी पार्षदों से पार्टी लाइन से ऊपर उठकर शहर के विकास के नाम पर वोट मांगा।
- जादुई आंकड़े का गणित: बहुमत के लिए जरूरी हैं 41 वोट; कांग्रेस के 42 के मुकाबले भाजपा 27 पर होते हुए भी आक्रामक।
ख़बर बीकानेर। बीकानेर नगर निगम के महापौर चुनाव में मतदान की तारीख जैसे-जैसे करीब आ रही है, मुकाबला कागजी गणित से निकलकर मनोवैज्ञानिक और सियासी युद्ध में तब्दील हो गया है। 80 सदस्यीय बोर्ड में 42 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत का दम भर रही कांग्रेस के सामने भाजपा प्रत्याशी डॉ. सुरेंद्र सिंह शेखावत ने एक के बाद एक चौंकाने वाले सियासी तीर चलाकर मुकाबले को पूरी तरह रोमांचक बना दिया है।
बीते दिन 8 नवनिर्वाचित निर्दलीय पार्षदों के साथ अपनी तस्वीर साझा कर शहर के राजनीतिक गलियारों में तूफान खड़ा करने वाले डॉ. शेखावत ने रविवार सुबह एक और सोशल मीडिया पोस्ट डाली, जिसमें महज़ “51+” लिखा हुआ था। 41 के जादुई आंकड़े वाले नगर निगम में 51 से अधिक पार्षदों के समर्थन का यह सीधा संकेत कांग्रेस के रणनीतिकारों के माथे पर पसीना लाने के लिए काफी है।
लाइव आकर बोले शेखावत: ‘अनिल कल्ला मेरे भाई, लेकिन बीकानेर को चाहिए विजन’
सोशल मीडिया पोस्ट के कुछ ही देर बाद डॉ. सुरेंद्र सिंह शेखावत फेसबुक पर लाइव रूबरू हुए और सीधे कांग्रेस प्रत्याशी अनिल कल्ला पर वैचारिक हमला बोला। उन्होंने बेहद नपे-तुले अंदाज में कहा, “अनिल कल्ला मेरे परम मित्र हैं, भाई समान हैं और उनसे मेरे दशकों पुराने आत्मीय संबंध हैं। लेकिन यह चुनाव व्यक्तिगत रिश्तों का नहीं, बल्कि बीकानेर के भविष्य और प्रथम नागरिक के चयन का है। जनता और पार्षदों को ऐसा महापौर चुनना है जिसके पास शहर के कायाकल्प का स्पष्ट विजन हो और जो राज्य सरकार से विकास के लिए भारी बजट खींचकर ला सके।”
“ग़ौरतलब है कि डॉ. शेखावत ने लाइव प्रसारण के दौरान सीधे तौर पर अनिल कल्ला को ललकारते हुए कहा कि वे बीकानेर के विकास को लेकर अपना विजन डॉक्युमेंट सार्वजनिक करें और यदि उनमें साहस है, तो शहर की जनता के सामने लाइव मंच पर आकर खुली बहस (ओपन डिबेट) करें।”
पार्षदों से पार्टी लाइन से ऊपर उठने की अपील: क्या होगी क्रॉस-वोटिंग?
अपने संबोधन में भाजपा प्रत्याशी ने सभी 80 वार्डों के पार्षदों की अंतरात्मा को झकझोरते हुए भावनात्मक अपील की। उन्होंने कहा कि स्थानीय निकाय चुनाव दलगत राजनीति की संकीर्ण सीमाओं से परे होते हैं। शहर की जनता ने इस बार भी 10 निर्दलीयों को चुनकर यह साबित किया है कि पार्टी से बड़ा जनविश्वास होता है। उन्होंने पार्षदों से कहा, “आपने चुनाव प्रचार के दौरान अपने-अपने वार्ड की जनता से विकास के जो वादे किए हैं, जो सपने संजोए हैं, उन्हें पूरा करने का वक्त आ गया है। इसके लिए सही नेतृत्व का चुनाव करें।”
सूत्रों के अनुसार, शेखावत के इस आक्रामक दांव के पीछे सोची-समझी रणनीति है। चूंकि राजस्थान में भाजपा की सरकार है, ऐसे में शेखावत ‘डबल इंजन विकास’ और फंड लाने की अपनी क्षमता को ढाल बना रहे हैं। यदि 27 भाजपा पार्षदों के साथ निर्दलीय और कांग्रेस के कुछ असंतुष्ट पार्षद गुप्त मतदान (सीक्रेट बैलेट) में पाला बदलते हैं, तो 21 सितंबर का परिणाम बीकानेर की राजनीति का सबसे बड़ा उलटफेर साबित हो सकता है।