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उत्सव का मुख्य विवरण:
- 29 व 30 अगस्त को नागरी भण्डार में सजेगी साहित्य और सृजन की महफ़िल।
- प्रथम दिन ‘क़ासिम बीकानेरी की सृजन यात्रा’ पर होगा रचना पाठ और संवाद।
- महारानी सुदर्शन आर्ट गैलरी में प्रदर्शित की जाएगी उनकी कालजयी पुस्तकों की प्रदर्शनी।
- दूसरे दिन होगा निबंध संग्रह ‘मैं हूं कोरोना इक्कीसवीं सदी का’ का भव्य लोकार्पण।
- साहित्य अकादमी, उदयपुर के सहयोग से प्रकाशित कृति पर जुटेंगे प्रदेश के दिग्गज विद्वान।
सृजन यात्रा का प्रथम सोपान: आर्ट गैलरी में चर्चा
बीकानेर। शहर के कला जगत में अपनी विशिष्ट पहचान रखने वाले प्रज्ञालय संस्थान और अदब सराय ने साहित्यकारों को सम्मानित करने की एक नई पहल की है। ग़ौरतलब है कि आगामी शनिवार, 29 अगस्त को शाम 5:30 बजे महारानी सुदर्शन आर्ट गैलरी में इस दो दिवसीय समारोह का शुभारंभ होगा। इस दिन का मुख्य केंद्र ‘क़ासिम बीकानेरी की सृजन यात्रा’ रहेगी। कार्यक्रम के विवरण के अनुसार, इस दौरान क़ासिम बीकानेरी स्वयं अपनी चुनिंदा रचनाओं का पाठ करेंगे। साथ ही, उनके द्वारा अब तक रचित साहित्य की एक विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जहाँ पाठक उनके बहुआयामी व्यक्तित्व और कृतित्व से रूबरू हो सकेंगे। प्रज्ञालय संस्थान के राजेश रंगा ने बताया कि इस सत्र की अध्यक्षता और मुख्य वक्ताओं का चयन साहित्य की गहराई को ध्यान में रखकर किया गया है।
लोकार्पण और नवाचार: नई पीढ़ी को जोड़ने का प्रयास
समारोह के दूसरे दिन, 30 अगस्त को सुबह 10:00 बजे महाराजा नरेंद्र सिंह ऑडिटोरियम में एक महत्वपूर्ण कृति का लोकार्पण होगा। कार्यक्रम समन्वयक शाहिन फ़ातिमा ने बताया कि क़ासिम बीकानेरी द्वारा उर्दू से हिंदी में अनूदित निबंध संग्रह ‘मैं हूं कोरोना इक्कीसवीं सदी का’ का विमोचन किया जाएगा। इस पुस्तक के मूल लेखक टोंक के प्रख्यात साहित्यकार डॉ. अज़ीज़ुल्लाह शीरानी हैं।
समीक्षा और आयोजन की रूपरेखा के अनुसार, इस भव्य समारोह की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार मालचन्द तिवाड़ी करेंगे, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. मदन सैनी अपनी बात रखेंगे। गौरतलब है कि क़ासिम बीकानेरी की अब तक 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं और उनकी यह नई कृति राजस्थान साहित्य अकादमी, उदयपुर के आर्थिक सहयोग से पाठकों तक पहुँच रही है। प्रज्ञालय संस्थान के इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं और नई पीढ़ी के पाठकों को गंभीर साहित्य से जोड़ना है। सूत्रों के अनुसार, समारोह में शहर के गणमान्य नागरिकों के साथ-साथ बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी उपस्थित रहेंगे।
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रिपोर्ट: राजेश रंगा एवं शाहिन फ़ातिमा, बीकानेर
