📰 ख़बर बीकानेर 📰 ख़बर बीकानेर 📰 ख़बर बीकानेर
📰 ख़बर बीकानेर 📰 ख़बर बीकानेर 📰 ख़बर बीकानेर
📰 ख़बर बीकानेर 📰 ख़बर बीकानेर 📰 ख़बर बीकानेर
📰 ख़बर बीकानेर 📰 ख़बर बीकानेर 📰 ख़बर बीकानेर
📰 ख़बर बीकानेर 📰 ख़बर बीकानेर 📰 ख़बर बीकानेर
📲 ‘ख़बर बीकानेर’ के WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — पल-पल की ताज़ा ख़बरों के लिए!
मुख्य विवरण:
- चौतिना कुआं क्षेत्र में 50 साल पुरानी जर्जर पाइपलाइन से पेयजल व्यवस्था ध्वस्त।
- क्षेत्रवासी पिछले 4 साल से गंदे और दूषित पानी की सप्लाई से हैं त्रस्त।
- जनवरी 2026 में शुरू हुआ नई पाइपलाइन का काम 80 दिनों से पड़ा है बंद।
- अधूरी खुदी सड़कों और खुले गड्ढों के कारण आवाजाही में हो रही है भारी परेशानी।
- SE ने कांग्रेस शिष्टमंडल को 7 दिनों के भीतर कार्य पुनः शुरू करने का दिया भरोसा।
आधी सदी पुरानी पाइपलाइन: जनता पर भारी लापरवाही
बीकानेर। शहर के पुराने मोहल्लों में बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी अब विकराल रूप ले चुकी है। ग़ौरतलब है कि चौतिना कुआं क्षेत्र की जनता पिछले चार वर्षों से दूषित जलापूर्ति का दंश झेल रही है। आज शहर कांग्रेस अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल, पूर्व विधानसभा प्रत्याशी यशपाल गहलोत और बी ब्लॉक अध्यक्ष आनंद सिंह सोढा के नेतृत्व में एक विशाल प्रतिनिधिमंडल ने जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियंता (SE) का घेराव किया। प्रतिनिधियों ने बताया कि विभाग ने जनवरी 2026 में नई पाइपलाइन डालने का काम शुरू तो किया, लेकिन महज 700 मीटर के बाद उसे अधर में छोड़ दिया गया। कलेक्टर कार्यालय पर पूर्व में हुए प्रदर्शन के बाद काम शुरू हुआ, मगर पिछले 80 दिनों से स्थिति जस की तस बनी हुई है।

कांग्रेस नेताओं की एकजुटता और प्रशासनिक आश्वासन
इस प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने विभाग की कार्यशैली की कड़ी समीक्षा की। ज्ञापन देने वालों में संगठन महासचिव रमजान अली कच्छावा, शहजाद खान भुट्टा, जाकिर नागौरी और सुमित कोचर सहित दर्जनों नेता शामिल रहे। पूर्व जिला सचिव अब्दुल रहमान लोदरा ने बताया कि अधूरे पड़े गड्ढों के कारण आए दिन राहगीर चोटिल हो रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए अधीक्षण अभियंता ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि एक सप्ताह के भीतर तकनीकी बाधाओं को दूर कर पाइपलाइन का शेष कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया जाएगा।
इस अवसर पर पार्षद पूनम मेघवाल, शांतिलाल मोदी, मनोज जनागल, जयदीप सिंह जावा और फरमान कोहरी सहित सैकड़ों मोहल्लेवासी उपस्थित रहे। उपस्थित जनसमूह ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय में समाधान नहीं हुआ, तो यह आंदोलन उग्र रूप धारण करेगा। सूत्रों के अनुसार, विभाग के पास फंड की कमी और तकनीकी मिलान की समस्याओं के कारण काम अटका हुआ था, जिसकी अब उच्च स्तर पर समीक्षा की जा रही है। बीकानेर की जनता अब खोखले आश्वासनों के बजाय धरातल पर परिणाम चाहती है।
✅ अभी क्लिक करें और ‘ख़बर बीकानेर’ WhatsApp ग्रुप जॉइन करें!
रिपोर्ट: विशेष प्रतिनिधि, बीकानेर