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वारदात की मुख्य बातें:
- गोडू निवासी सचिन सोनी को व्हाट्सऐप कॉल के जरिए फंसाया गया जाल में।
- ₹3,000 निवेश करने पर ₹15,000 वापस देने का दिया गया था झांसा।
- फर्जी ‘प्रॉफिट’ दिखाकर विड्रॉल के नाम पर कई बार में वसूले ₹30,660।
- पैसे देने से मना करने पर आरोपियों ने की गाली-गलौज और नंबर किया ब्लॉक।
- बज्जू पुलिस ने विजय पाटिल, आशुतोष और मनोज मीणा के खिलाफ दर्ज किया केस।
व्हाट्सऐप कॉल से शुरू हुआ ठगी का ‘ट्रेडिंग’ खेल
बीकानेर। ऑनलाइन निवेश के नाम पर आमजन को लूटने वाले ठगों का जाल अब ग्रामीण अंचलों तक फैल चुका है। ग़ौरतलब है कि बज्जू थाना क्षेत्र के गोडू निवासी सचिन पुत्र लीलाधर सोनी ने पुलिस को दी रिपोर्ट में अपनी पीड़ा बयान की है। सचिन के अनुसार, 16 जुलाई को उनके मोबाइल पर अलग-अलग नंबरों से व्हाट्सऐप कॉल आए। कॉल करने वाले व्यक्तियों ने खुद को ट्रेडिंग एक्सपर्ट बताते हुए दावा किया कि यदि वे मात्र ₹3,000 ट्रांसफर करते हैं, तो उन्हें दो घंटे के भीतर ₹15,000 का रिटर्न मिलेगा। इस लुभावने ऑफर के झांसे में आकर पीड़ित ने बताए गए डिजिटल वॉलेट (PhonePe) खाते में पैसे भेज दिए।
टैक्स और विड्रॉल चार्ज के नाम पर वसूली, छानबीन जारी
ठगों ने सचिन को विश्वास में लेने के लिए डिजिटल तरीके से दिखाया कि उनकी निवेशित राशि बढ़कर ₹88,400 हो गई है। इस बड़ी रकम को निकालने के लालच में पीड़ित से 20 प्रतिशत कमीशन और अन्य शुल्कों के नाम पर किश्तों में कुल ₹30,660 ट्रांसफर करवा लिए गए। जब सचिन ने और रुपये देने में असमर्थता जताई, तो ठगों ने अपनी असलियत दिखाते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी और पीड़ित का नंबर ब्लॉक कर दिया।
थानाधिकारी चन्द्रजीतसिंह भाटी ने मामले की समीक्षा करते हुए बताया कि व्हाट्सऐप पर आरोपियों के नाम विजय कुमार पाटिल और आशुतोष शर्मा के रूप में प्रदर्शित हो रहे थे, जबकि जिस खाते में पैसे गए वह मनोज कुमार मीणा के नाम पर है। पुलिस ने आईटी एक्ट और धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर एएसआई झंवरलाल को मामले की पड़ताल सौंपी है। पुलिस अब उन बैंक खातों और मोबाइल नंबरों के डिजिटल फुटप्रिंट्स खंगाल रही है ताकि गिरोह तक पहुँचा जा सके। बीकानेर पुलिस ने एक बार फिर जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान स्कीम में निवेश करने से पहले उसकी सत्यता की पुष्टि अवश्य करें।
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