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अभियान की मुख्य बातें:
- बचेंद्री पाल की अगुवाई में 10 सदस्यीय महिला दल ने पूरी की आदि कैलाश ट्रेकिंग।
- बीकानेर की डॉ. सुषमा बिस्सा और डॉ. आशु मलिक रहीं इस विशेष दल का हिस्सा।
- पार्वती सरोवर, गौरीकुंड और कुट्टी जैसे दुर्गम पड़ावों को पार कर ओम पर्वत पहुँचीं।
- पूर्व आईपीएस विमला रावत ने गुंजी में महिला दल का परंपरागत तरीके से किया स्वागत।
- आदि कैलाश की चोटियों पर पूर्व पर्वतारोही स्व. रीटा गौंबू मारवा को दी गई श्रद्धांजलि।
पहाड़ों के बीच नारी शक्ति का शंखनाद
बीकानेर। देश की दिग्गज महिला पर्वतारोहियों के एक दल ने हिमालय के दुर्गम क्षेत्रों में अपनी विजय पताका फहराई है। ग़ौरतलब है कि भारत की पहली एवरेस्ट विजेता बचेंद्री पाल के मार्गदर्शन में शुरू हुआ ‘आदि कैलाश’ अभियान अपनी पूर्णता के साथ संपन्न हुआ। दल की सदस्य और बीकानेर की शान, अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोही डॉ. सुषमा बिस्सा ने बताया कि इस यात्रा के दौरान व्यास घाटी पहुँचने पर स्थानीय ग्रामीणों और होमस्टे संचालकों ने परंपरागत पहाड़ी शैली में दल का आत्मीय स्वागत किया।
दुर्गम ट्रेकिंग और आध्यात्मिक अनुभव
यात्रा वृत्तांत के अनुसार, टीम ने पार्वती सरोवर की कठिन चढ़ाई पूरी करने के बाद आदि कैलाश और गौरीकुंड के बर्फीले रास्तों पर ट्रेकिंग की। इसके पश्चात दल कुट्टी होते हुए ओम पर्वत पहुँचा, जहाँ सभी ने दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। गुंजी पहुँचने पर पूर्व आईपीएस और वर्तमान प्रधान विमला रावत ने जांबाज महिलाओं का हौसला बढ़ाया।
आर.के. शर्मा के अनुसार, इस दल में बीकानेर से डॉ. सुषमा बिस्सा और डॉ. आशु मलिक के साथ देहरादून की हर्षवंती बिष्ट, नागपुर की विमला देओस्कर, गुजरात की गंगोत्री इंदुमती और लखनऊ की मेजर कृष्णा दुबे जैसी ख्यातनाम महिलाएं शामिल थीं। आदि कैलाश पहुँचकर टीम ने पूर्व एवरेस्ट पर्वतारोही और आईएमएफ की पूर्व उपाध्यक्ष स्वर्गीय रीटा गौंबू मारवा को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। नैनीताल के श्री अरविंदो आश्रम में ध्यान और योग के सत्र के साथ इस गौरवशाली अभियान का समापन हुआ, जिसके बाद सभी सदस्य अपने राज्यों के लिए रवाना हुए।
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