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ऑपरेशन की मुख्य बातें:
- 23 अप्रैल को नाबालिग लड़की को भगा ले जाने का आरोपी चढ़ा पुलिस के हत्थे।
- केदारनाथ की 17 घंटे की भीषण और बर्फीली चढ़ाई पुलिस ने पैदल तय की।
- आरोपी को भ्रमित करने के लिए पुलिस जवानों ने धारण किया ‘चायवाले’ का भेष।
- साइबर सेल की मदद से 10 बार बदली गई लोकेशन को किया गया ट्रैक।
- आरोपी कन्हैयालाल उर्फ कान्हा भाट पर अपहरण और दुष्कर्म की धाराओं में केस दर्ज।
पहाड़ों के बीच 1200 KM का रोमांचक ‘चेज’
नोखा। पुलिस महकमे में एक पुरानी कहावत मशहूर है कि अपराधी कितना भी शातिर क्यों न हो, खाकी के हाथ उस तक पहुँच ही जाते हैं। नोखा पुलिस ने इस कहावत को चरितार्थ करते हुए 1200 किलोमीटर दूर बाबा केदार की शरण में छिपे एक शातिर अपहरणकर्ता को फिल्मी अंदाज़ में दबोचा है। ग़ौरतलब है कि 23 अप्रैल को नोखा थाने में एक नाबालिग लड़की के अपहरण का मामला दर्ज हुआ था। थानाधिकारी अरविंद भारद्वाज ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एएसआई हरिराम मीणा के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की, जिसमें महिला हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल खुशराज मीणा को शामिल किया गया।
साइबर इनपुट और ‘चायवाला’ बनकर बिछाया जाल
आरोपी कन्हैयालाल इतना शातिर था कि वह अपना फोन केवल कुछ सेकंड्स के लिए ऑन करता और लोकेशन बदलते रहता था। तफ्तीश के दौरान साइबर सेल के एएसआई दीपक यादव ने 10 बार लोकेशन ट्रेस कर पुलिस टीम को सही दिशा दिखाई। सोनप्रयाग से आगे का रास्ता बेहद कठिन था, जहाँ पुलिस टीम ने भारी भीड़ और ठंड के बीच पैदल मार्च किया। केदारनाथ पहुँचने पर जब पक्की सूचना मिली, तो पुलिस ने अपनी पहचान छुपाने के लिए ‘चायवाले’ का भेष धारण किया।
सूत्रों के अनुसार, सुबह 5 बजे जब पुलिस ने चाय बेचने के बहाने आरोपी के कमरे का दरवाजा खटखटाया, तो चाय की तलब में कन्हैयालाल ने जैसे ही गेट खोला, सामने काल बनकर खाकी खड़ी थी। पुलिस ने मौके से नाबालिग को सुरक्षित दस्तयाब कर लिया। 5 दिनों के इस कठिन ऑपरेशन के बाद टीम आरोपी को लेकर नोखा पहुँची है। अब आरोपी के खिलाफ अपहरण के साथ-साथ दुष्कर्म की गंभीर धाराओं में मुकदमा चलाकर उसे जेल भेजने की तैयारी की जा रही है।
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