सावधान! 20 मई को देशभर में दवाओं का ‘महा-ब्लैकआउट’; 12 लाख से अधिक मेडिकल स्टोर रहेंगे बंद, आज ही खरीदें जरूरी दवाइयां

🚨 देशव्यापी हड़ताल | स्वास्थ्य अलर्ट

भारत के 12 लाख से अधिक केमिस्टों ने ‘ई-फार्मेसी’ और ऑनलाइन दवाओं की बिक्री के खिलाफ निर्णायक जंग का ऐलान कर दिया है। आगामी 20 मई को देशभर के मेडिकल स्टोर 24 घंटे के लिए बंद रहेंगे, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी किल्लत का सामना करना पड़ सकता है।

📰 ख़बर बीकानेर | 📅 ताज़ा अपडेट: मई 2026 | 📍 बीकानेर – भारत



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हड़ताल से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी:

  • दिनांक: बुधवार, 20 मई 2026 को सुबह 6 बजे से अगले 24 घंटों तक बंदी।
  • विस्तार: राजस्थान सहित पूरे देश के 12.4 लाख मेडिकल स्टोर रहेंगे बंद।
  • कारण: ऑनलाइन दवा बिक्री और कॉर्पोरेट प्लेटफार्मों द्वारा दिए जा रहे भारी डिस्काउंट का विरोध।
  • खतरा: केमिस्टों ने नकली दवाओं के प्रसार और बिना पर्चे की बिक्री पर जताई गंभीर चिंता।
  • राहत: सरकारी मेडिकल स्टोर और अस्पतालों से जुड़े दवा केंद्र खुले रहने की संभावना।

ई-फार्मेसी के खिलाफ ‘आर-पार’ की जंग

बीकानेर। ‘ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स’ (AIOCD) ने केंद्र सरकार की नीतियों और ऑनलाइन दवा प्लेटफार्मों की मनमानी के खिलाफ राष्ट्रव्यापी हड़ताल का बिगुल फूंक दिया है। ग़ौरतलब है कि छोटे और पारंपरिक रिटेल केमिस्ट अब कॉर्पोरेट दिग्गजों द्वारा दिए जा रहे भारी डिस्काउंट के आगे अस्तित्व के संकट से जूझ रहे हैं। केमिस्ट एसोसिएशन का आरोप है कि ई-फार्मेसी न केवल उनके व्यापार को नष्ट कर रही है, बल्कि यह सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए भी एक बड़ा जोखिम है।

“अपील: यदि आपके परिवार में मधुमेह (Diabetes), हाई ब्लड प्रेशर या थायराइड जैसी गंभीर बीमारियों के मरीज हैं, तो कृपया 19 मई तक अपनी जरूरी दवाइयों का स्टॉक कर लें।”

तफ्तीश: नकली दवाओं और नशे का बढ़ता खतरा

केमिस्टों की इस हड़ताल के पीछे केवल व्यापारिक हित ही नहीं, बल्कि सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी प्रमुख हैं। तफ्तीश और चर्चा के दौरान एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि ऑनलाइन प्लेटफार्मों पर डॉक्टर के पर्चे (Prescription) के बार-बार उपयोग और नशीली दवाओं की अवैध बिक्री पर कोई प्रभावी नियंत्रण नहीं है। इससे नकली दवाओं के बाजार में पहुँचने की संभावना भी बढ़ गई है।

सूत्रों के अनुसार, बीकानेर जिले के सभी प्रमुख दवा विक्रेता संगठनों ने इस बंदी को पूर्ण समर्थन दिया है। हालांकि, आपातकालीन स्थिति को देखते हुए अस्पताल के भीतर संचालित फार्मेसी और सरकारी अमृत स्टोरों को इस बंदी से मुक्त रखा जा सकता है। फिर भी, आमजन को असुविधा से बचने के लिए समय रहते तैयारी करने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने भी स्थिति पर नजर बनाए रखी है ताकि गंभीर मरीजों को इलाज में बाधा न आए।



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