मुख्य बिंदु:
- सिटी कोतवाली क्षेत्र में सुबह-सुबह कुत्तों ने बुजुर्ग महिला को बनाया निशाना।
- 3-4 खूंखार कुत्तों ने महिला को चारों ओर से घेरकर किया हमला।
- चीख-पुकार सुन मोहल्ले वासियों ने लाठी-डंडों के जोर पर बचाई बुजुर्ग की जान।
- बीकानेर की पुरानी सिटी में आवारा कुत्तों का ग्राफ प्रतिदिन बढ़ रहा है।
- नगर निगम की कार्यशैली पर खड़े हुए सवाल, निगम प्रशासन बना हुआ है मौन।
मंदिर जा रही वृद्धा पर जानलेवा हमला
बीकानेर। शहर के परकोटा क्षेत्र में आवारा कुत्तों का खौफ अब इतना बढ़ गया है कि बुजुर्गों और बच्चों का घर से निकलना मुहाल हो गया है। **ग़ौरतलब है** कि आज सुबह सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के पास एक हृदयविदारक घटना सामने आई। एक बुजुर्ग महिला, जो अपनी रोजमर्रा की दिनचर्या के अनुसार मंदिर में भगवान के दर्शन के लिए जा रही थीं, उन्हें अचानक 3-4 आवारा कुत्तों के झुंड ने घेर लिया।
इससे पहले कि महिला कुछ समझ पातीं, कुत्तों ने उन पर हमला कर उन्हें लहूलुहान कर दिया। महिला की जान बचाने के लिए उनके पास कोई साधन नहीं था, लेकिन उनकी चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी और मोहल्ले के लोग तुरंत बाहर निकल आए। स्थानीय निवासियों ने लाठी-डंडों से कुत्तों को खदेड़ा, तब कहीं जाकर बुजुर्ग महिला की जान बच सकी।
नगर निगम की उदासीनता: जनता में भारी रोष
घटना के बाद घायल वृद्धा को प्राथमिक उपचार दिया गया, लेकिन उनके शरीर पर कुत्तों के काटने के गहरे घाव नगर निगम की विफलता की कहानी बयां कर रहे हैं। मोहल्ले वासियों का आरोप है कि बीकानेर नगर निगम इस गंभीर समस्या की तरफ रत्ती भर भी ध्यान नहीं दे रहा है। **सूत्रों के अनुसार**, शहर के कई इलाकों में आवारा कुत्तों की संख्या अनियंत्रित रूप से बढ़ चुकी है, फिर भी कोई ठोस नसबंदी या धरपकड़ अभियान नहीं चलाया जा रहा है।
क्षेत्र के निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि नगर निगम ने जल्द ही कुत्तों के आतंक से निजात नहीं दिलाई, तो वे सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे। इस समस्या की **तफ्तीश** करने पर पता चला कि न केवल पुरानी सिटी, बल्कि बीकानेर के कई रिहायशी इलाकों में भी यही स्थिति बनी हुई है। फिलहाल, पीड़ित महिला के परिवार और मोहल्ले के लोगों में निगम प्रशासन के खिलाफ भारी गुस्सा देखा जा रहा है।