हनुमानगढ़ पुलिस का ‘सर्जिकल स्ट्राइक’: चलती कार से चल रहा था करोड़ों का ‘आईपीएल सट्टा’, पांच हज़ार यूज़र्स और विदेशी नंबरों वाले नेटवर्क का भंडाफोड़, दो मास्टरमाइंड गिरफ्तार!

🚨 क्राइम अलर्ट | साइबर ठगी | आईपीएल सट्टा

हनुमानगढ़ जिले की पीलीबंगा पुलिस ने क्रिकेट सट्टेबाजी के एक बहुत बड़े और हाई-टेक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस को चकमा देने के लिए आरोपी एक चलती कार से करोड़ों का ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहे थे। पुलिस ने दो मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर भारी मात्रा में नकदी और उपकरण ज़ब्त किए हैं।

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📍 पीलीबंगा, हनुमानगढ़
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📌 पुलिस कार्रवाई के मुख्य बिंदु

  • पीलीबंगा पुलिस ने रावतसर रोड (एसटीजी नहर पुलिया के पास) एक संदिग्ध कार पर अचानक दबिश दी
  • कार में बैठकर पुलिस को चकमा देने वाले दो मुख्य सटोरिये— पुनित कुमार (चौंतीस वर्ष) और पंकज कुमार (तैंतीस वर्ष) को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया
  • बड़ी ज़ब्ती: आरोपियों के पास से दो लाख तीस हज़ार रुपये नकद (कैश), ग्यारह स्मार्टफोन, एक कीपैड मोबाइल और एक लैपटॉप बरामद हुआ
  • हैरतअंगेज़ खुलासा: ठगों के पास उन्नीस अलग-अलग बैंकों के एटीएम कार्ड (डेबिट कार्ड) भी मिले हैं, जिनका इस्तेमाल काले धन को छिपाने के लिए किया जा रहा था
  • नेटवर्क में करीब पांच हज़ार यूज़र्स जुड़े थे और महज़ अठारह दिन में पैंतालीस लाख रुपये का भारी-भरकम लेन-देन किया गया

हनुमानगढ़ / पीलीबंगा। क्रिकेट के महाकुंभ ‘आईपीएल’ के खुमार के साथ ही सट्टेबाजों और जुआरियों का काला कारोबार भी अपने पूरे चरम पर पहुंच जाता है। लेकिन इस बार पुलिस और साइबर सुरक्षा एजेंसियों ने संगठित अपराधों (सिंडिकेट) पर लगाम कसने के लिए एक बेहद मज़बूत जाल बिछा रखा है। इसी कड़ी में हनुमानगढ़ जिले की पीलीबंगा पुलिस ने एक ऐसी ‘फिल्मी स्टाइल’ की सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया, जिसने पूरे प्रदेश के सट्टा बाजार में भूचाल ला दिया है।

🛑 पुलिस को चकमा देने का ‘कार’ वाला प्लान

पुलिस सूत्रों और एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) की गुप्त तकनीकी निगरानी (सर्विलांस) से एक बेहद अहम सूचना मिली थी। सूचना यह थी कि कुछ बड़े बुकी (सटोरिये) पुलिस की रेड से बचने के लिए किसी एक जगह (मकान या होटल) पर रुकने के बजाय, एक चलती हुई कार में बैठकर अपना करोड़ों का ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहे हैं।

पुलिस की एक विशेष टीम ने बिना कोई सायरन बजाए रावतसर रोड स्थित ‘एसटीजी नहर पुलिया’ के पास घेराबंदी की। वहां एक संदिग्ध कार खड़ी मिली। जब पुलिस ने अचानक कार के दरवाज़े खुलवाए, तो अंदर मौजूद दोनों मास्टरमाइंड क्रिकेट मैचों पर ऑनलाइन दांव (करोड़ों का सट्टा) लगवा रहे थे। पुलिस ने तुरंत पुनित कुमार और पंकज कुमार को रंगे हाथों धर-दबोचा।

विदेशी नंबर, 5000 यूज़र्स और 45 लाख का खेल

यह कोई गली-मोहल्ले का छोटा-मोटा जुआ नहीं था, बल्कि सट्टे का एक पूरा का पूरा हाई-टेक ‘अंतरराष्ट्रीय कंट्रोल रूम’ उस कार के अंदर स्थापित किया गया था। जब पुलिस ने पकड़े गए ग्यारह स्मार्टफोन और लैपटॉप को खंगाला (जांच की), तो जो तथ्य सामने आए, उसने खुद पुलिस अधिकारियों के भी कान खड़े कर दिए।

प्रारंभिक जांच में पता चला है कि ये दोनों आरोपी ‘क्रिकेट सट्टा आईडी’ के मुख्य संचालक (मास्टर ऑपरेटर) थे। वे अलग-अलग राज्यों में करीब पांच हज़ार (5000) यूज़र्स (ग्राहकों) को अपनी सट्टा आईडी बेच चुके थे। सबसे ज़्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपियों के मोबाइल फोन में ऐसे कई व्हाट्सएप ग्रुप मिले हैं, जिन्हें संचालित करने के लिए लगभग पचास (50) से अधिक विदेशी मोबाइल नंबरों (वर्चुअल नंबरों) का इस्तेमाल किया जा रहा था। केवल पिछले अठारह (18) दिनों के भीतर ही इस मास्टर सट्टा आईडी के माध्यम से पैंतालीस लाख रुपये से अधिक का भारी-भरकम लेन-देन (ट्रांजेक्शन) किया जा चुका है।

“सट्टेबाज़ी के इस काले धन (ब्लैक मनी) को छिपाने और पुलिस की ट्रैकिंग से बचने के लिए आरोपी ‘म्यूल खातों’ (किराए के बैंक खातों) का धड़ल्ले से इस्तेमाल कर रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से अलग-अलग व्यक्तियों के नाम पर जारी किए गए उन्नीस (19) एटीएम कार्ड (एटीएम) भी बरामद किए हैं।”

अन्य राज्यों से जुड़े हैं तार, जांच हुई तेज़

पीलीबंगा पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ सट्टेबाजी (जुआ अधिनियम) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आईटी एक्ट) की बेहद सख्त धाराओं के तहत नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने सभी पच्चीस मोबाइल फोन, लैपटॉप, उन्नीस एटीएम कार्ड और दो लाख तीस हज़ार रुपये की नकद राशि को ज़ब्त (सीज़) कर लिया है।

इस पूरे ऑपरेशन (कार्रवाई) में एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) की अहम और सराहनीय भूमिका रही है। पुलिस की साइबर और तकनीकी टीम अब पकड़े गए लैपटॉप और मोबाइलों का पूरा डेटा (कच्चा-चिट्ठा) खंगालने में जुटी हुई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस विशाल सट्टा रैकेट के तार किन-किन अन्य राज्यों (जैसे महाराष्ट्र या पंजाब) और बड़े बुकीज़ (सटोरियों) से जुड़े हैं। पुलिस रिमांड के दौरान इस मामले में अभी और भी कई बड़े और चौंकाने वाले खुलासे होने की पूरी उम्मीद है।

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⚠️ कानूनी अस्वीकरण एवं साइबर अलर्ट

यह समाचार पीलीबंगा थाना पुलिस (हनुमानगढ़) द्वारा दी गई आधिकारिक प्राथमिक जानकारी, ज़ब्ती रिपोर्ट और एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) की कार्रवाई पर आधारित है। ‘ख़बर बीकानेर’ आम जनता और विशेषकर युवाओं से अपील करता है कि ऑनलाइन सट्टेबाजी, जुआ या किसी भी तरह के रातों-रात अमीर बनने वाले ‘शॉर्टकट’ (गैरकानूनी ऐप्स) और लालच से पूरी तरह दूर रहें। अपने बैंक खाते या एटीएम (डेबिट कार्ड) किसी भी अनजान व्यक्ति को किराए या कमीशन पर इस्तेमाल करने के लिए न दें, आप सीधे जेल जा सकते हैं।

आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ जारी है और मामला न्यायालय के अधीन है। पुलिस की आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद नए तथ्यों (डायरियों और मोबाइलों में मिले नामों) के आधार पर इस खबर को अपडेट किया जाएगा। पोर्टल किसी भी त्रुटि या परिवर्तन के लिए उत्तरदायी नहीं है।

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