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📍 बीकानेर – श्रीगंगानगर बॉर्डर
🛡️ बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स
📌 खबर के मुख्य बिंदु
- ▶ बीकानेर और श्रीगंगानगर की अंतर्राष्ट्रीय सीमा (बॉर्डर) पर पाकिस्तान की खुफिया जासूसी और तस्करी को रोकने की बड़ी तैयारी
- ▶ पुलिस ने सीमावर्ती एक सौ इक्यासी (181) गांवों के करीब 500 लोगों (ग्रामीणों) का एक पूरा ‘खुफिया डेटाबेस’ तैयार किया है
- ▶ यह पांच सौ लोगों की ‘विशेष फौज’ पाकिस्तानी ड्रोन से होने वाली हथियारों और हेरोइन (ड्रग्स) की ‘ड्रॉपिंग’ पर सीधा नज़र रखेगी
- ▶ कड़ी चेतावनी: बॉर्डर एरिया में अगर किसी भी ग्रामीण ने जासूसों, तस्करों या किसी संदिग्ध (अनजान) व्यक्ति को पनाह दी या जानकारी छिपाई, तो उसे जेल भेजा जाएगा
- ▶ इस खुफिया नेटवर्क में ग्राम रक्षक, सरपंच, पटवारी, ग्राम विकास अधिकारी और सीमा सुरक्षा बल के अधिकारी शामिल रहेंगे
बीकानेर / श्रीगंगानगर। भारत और पाकिस्तान की अंतर्राष्ट्रीय सीमा (बॉर्डर) पर इन दिनों दुश्मनों की नापाक हरकतें लगातार बढ़ती जा रही हैं। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियां और खूंखार तस्कर मिलकर राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में लगातार ‘ड्रोन’ के ज़रिए ज़हरीली हेरोइन (मादक पदार्थ) और घातक हथियारों की तस्करी कर रहे हैं। देश के इस सामरिक (रणनीतिक) खतरे को भांपते हुए बीकानेर पुलिस और सीमा सुरक्षा बल ने अब एक ऐसा अचूक ‘मास्टरस्ट्रोक’ चला है, जिससे दुश्मनों के हौसले पस्त हो जाएंगे।
🛑 500 ग्रामीणों की ‘खुफिया फौज’ तैयार
प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, बीकानेर रेंज के तहत आने वाले श्रीगंगानगर की दो सौ दस (210) किलोमीटर और बीकानेर की एक सौ अड़सठ (168) किलोमीटर लंबी सीमा सीधे पाकिस्तान से सटी हुई है। इसी सन्नाटे का फायदा उठाकर तस्कर अक्सर आधी रात को ड्रोन से खेप गिरा (ड्रॉप कर) देते हैं और भारतीय सीमा में बैठे गद्दार (स्लीपर सेल) उसे उठा लेते हैं।
इसे जड़ से खत्म करने के लिए पुलिस ने अपनी सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर ‘ग्रामीणों की एक खुफिया फौज’ खड़ी करने की शानदार रणनीति बनाई है। बीकानेर जिले के तीन थानों के 24 गांव और श्रीगंगानगर के 10 थानों के 157 गांव— कुल 181 गांवों के करीब पांच सौ (500) जागरूक और देशभक्त लोगों का एक बहुत ही मजबूत और गोपनीय ‘डेटाबेस’ तैयार किया गया है।
कौन-कौन होंगे इस खुफिया ‘नेटवर्क’ का हिस्सा?
पुलिस प्रशासन द्वारा तैयार किए गए इस विशेष नेटवर्क में गांव के केवल आम लोग ही नहीं, बल्कि ज़िम्मेदार और मौजिज (प्रतिष्ठित) व्यक्तियों को भी शामिल किया गया है। इस कड़ी में मुख्य रूप से— ग्राम रक्षक, सुरक्षा सखी, सरपंच, पटवारी और ग्राम विकास अधिकारी शामिल होंगे। इन सभी की पूरी जानकारी पुलिस और सीमा पर तैनात सीमा सुरक्षा बल के पोस्ट अधिकारियों के पास हर समय मौजूद रहेगी।
“इस फौज का सबसे मुख्य काम (टास्क) यह होगा कि जैसे ही बॉर्डर एरिया में आधी रात को किसी ड्रोन की आवाज़ सुनाई दे, कोई अनजान गाड़ी दिखे या गांव में कोई भी बाहरी (संदिग्ध) व्यक्ति आकर रुके, तो वे इसकी भनक तुरंत पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को देंगे। इस बेहतरीन सहयोग के लिए पुलिस देशभक्त ग्रामीणों को विशेष रूप से प्रोत्साहित और सम्मानित (इनाम) भी करेगी।”
देश से गद्दारी की तो सीधे जाना पड़ेगा ‘जेल’
देश की सुरक्षा (सामरिक महत्व) से जुड़े इस बेहद संवेदनशील मुद्दे पर पुलिस ने अपनी सख्ती भी पूरी तरह से स्पष्ट कर दी है। जहां एक ओर सहयोग करने वालों को इनाम दिया जाएगा, वहीं गद्दारों के लिए एक बहुत ही कड़ी और खौफनाक चेतावनी भी जारी की गई है।
प्रशासन ने साफ कहा है कि यदि बॉर्डर एरिया के किसी भी ग्रामीण ने पैसों के लालच में आकर किसी तस्कर, अनजान संदिग्ध व्यक्ति या जासूस को अपने घर या खेत में पनाह (शरण) दी, या पुलिस से उसकी कोई भी जानकारी छिपाई, तो उसे सीधा देशद्रोह और तस्करी के गंभीर जुर्म में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया जाएगा। उसके खिलाफ बहुत ही सख्त और भयानक कानूनी कार्यवाही (मुकदमा) अमल में लाई जाएगी।
गौरतलब है कि इसी खौफनाक नेटवर्क को तोड़ने के लिए, पिछले ही दिनों पुलिस, खुफिया विभाग (इंटेलीजेंस) और सीमा सुरक्षा बल के बड़े आला अधिकारियों ने बॉर्डर एरिया के मौजिज लोगों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (संवाद) के जरिये सीधी बात भी की थी। अधिकारियों ने ग्रामीणों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि वे हमेशा सतर्क रहें और हर हाल में देश की सुरक्षा एजेंसियों का सहयोग करें। बीकानेर पुलिस की इस नई ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ से पाकिस्तान में बैठे तस्करों और आईएसआई के आकाओं में भारी खलबली मचना तय है।
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⚠️ कानूनी अस्वीकरण एवं राष्ट्रीय सुरक्षा अपील
यह समाचार राजस्थान पुलिस, खुफिया एजेंसियों और सीमा सुरक्षा बल द्वारा दी गई आधिकारिक प्राथमिक जानकारी और नई बॉर्डर सुरक्षा नीतियों पर आधारित है। ‘ख़बर बीकानेर’ आम जनता से अपील करता है कि देश की सुरक्षा सर्वोपरि (सबसे ऊपर) है। यदि आपको सीमावर्ती गांवों (बॉर्डर एरिया) में आसमान में कोई लावारिस ड्रोन, ज़मीन पर गिरा हुआ कोई संदिग्ध पैकेट या कोई अनजान व्यक्ति दिखाई दे, तो तुरंत स्थानीय पुलिस नियंत्रण कक्ष (डायल एक सौ बारह) या सैन्य अधिकारियों को इसकी पुख्ता सूचना दें।
आपकी एक सतर्कता किसी बहुत बड़ी साज़िश और देश के युवाओं को बर्बाद होने (ड्रग्स) से बचा सकती है। जांच और नीतियों में आगे आने वाली आधिकारिक पुष्टि के अनुसार इस खबर को अपडेट किया जाएगा। पोर्टल किसी भी त्रुटि या परिवर्तन के लिए उत्तरदायी नहीं है।
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