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📍 भादला गांव (नोखा), बीकानेर
🏥 स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई
📌 खबर के मुख्य बिंदु
- ▶ नोखा के भादला गांव में ‘आशापुरा मेडिकल एवं जनरल स्टोर’ की आड़ में चल रहा था अवैध क्लीनिक
- ▶ झोलाछाप संचालक राजेंद्र नाई और उसकी पत्नी ने तीन महीने की गर्भवती महिला (शारदा कंवर) का किया गलत इलाज
- ▶ महिला को लगाए गए दो गलत इंजेक्शन और ग्लूकोज़ की ड्रिप, जिससे भारी रक्तस्राव हुआ और गर्भ गिर गया
- ▶ पीड़िता के पति छैलू सिंह राजपूत और ग्रामीणों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से की सख्त कार्रवाई की मांग
- ▶ मामले के तूल पकड़ते ही पांचू के चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर राम रतन बिश्नोई ने मौके पर पहुंचकर मेडिकल स्टोर को किया सीज़
बीकानेर। ग्रामीण इलाकों में मेडिकल स्टोर की आड़ में फर्जी डॉक्टर (झोलाछाप) बनकर भोले-भाले लोगों की जान से खिलवाड़ करने का एक बेहद खौफनाक मामला सामने आया है। बीकानेर जिले के नोखा ब्लॉक स्थित भादला गांव में एक झोलाछाप पति-पत्नी के गलत इलाज ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। गलत इंजेक्शन लगने के कारण एक महिला का तीन महीने का गर्भ गिर गया और उसकी हालत बेहद गंभीर हो गई।
🛑 कैसे शुरू हुआ यह मौत का खेल?
पीड़िता के पति छैलू सिंह राजपूत ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को दी गई अपनी लिखित शिकायत में बताया कि दो अप्रैल को उनकी पत्नी शारदा कंवर को पेट में हल्का दर्द महसूस हुआ।
वह अपनी पत्नी को पहले सरकारी अस्पताल ले गए, जहाँ डॉक्टर ने जाँच के बाद पत्नी को तीन माह का गर्भवती बताया और किसी अच्छे स्त्री रोग विशेषज्ञ से इलाज करवाने की सलाह दी। लेकिन तभी गांव में ‘आशापुरा मेडिकल एवं जनरल स्टोर’ चलाने वाले राजेंद्र नाई और उसकी पत्नी उनके पास आए और झांसा दिया कि महिला को कोई बड़ी बीमारी नहीं है, वे गांव में ही अपने क्लीनिक पर इसका इलाज कर देंगे।
दो इंजेक्शन और ड्रिप ने ली अजन्मे बच्चे की जान
छैलू सिंह उन झोलाछाप डॉक्टरों की चिकनी-चुपड़ी बातों में आ गए और अपनी पत्नी को उनके तथाकथित ‘क्लीनिक’ में ले गए। वहां खुद को डॉक्टर बताने वाले राजेंद्र नाई और उसकी पत्नी ने बिना किसी डिग्री या अनुभव के, गर्भवती शारदा कंवर को दो भारी इंजेक्शन लगा दिए और ग्लूकोज़ की एक ड्रिप भी चढ़ा दी।
दवाओं का रिएक्शन इतना भयंकर हुआ कि कुछ ही देर में विवाहिता की तबीयत अचानक तेजी से बिगड़ने लगी और उसे भारी रक्तस्राव (ब्लीडिंग) शुरू हो गया। महिला की ऐसी गंभीर हालत देखकर झोलाछाप पति-पत्नी घबरा गए और उन्होंने अपना पल्ला झाड़ते हुए तुरंत महिला को नोखा ले जाने के लिए कह दिया। छैलू सिंह का सीधा आरोप है कि इन्हीं फर्जी डॉक्टरों के गलत इलाज की वजह से उनकी पत्नी का गर्भ गिर गया और उसकी जान पर बन आई।
“ग्रामीणों का गुस्सा भी फूट पड़ा। रविवार को भादला गांव के दो दर्जन से ज्यादा ग्रामीणों ने भी मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र लिखकर शिकायत की कि गांव में करीब 10 ऐसे फर्जी डॉक्टर सक्रिय हैं, जो मेडिकल स्टोर की आड़ में ग्रामीणों को नशीली गोलियां और प्रतिबंधित दवाइयां देकर मोटी रकम वसूल रहे हैं।”
मामला तूल पकड़ते ही स्वास्थ्य विभाग का ‘एक्शन’
इस सनसनीखेज घटना के स्थानीय मीडिया में प्रमुखता से उजागर होने और ग्रामीणों के भारी दबाव के बाद, अंततः सोमवार को स्वास्थ्य विभाग नींद से जागा। पांचू क्षेत्र के बीसीएमओ (ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी) डॉक्टर राम रतन बिश्नोई अपनी टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे।
अधिकारियों ने छानबीन के बाद तुरंत प्रभाव से उस विवादित ‘आशापुरा मेडिकल एवं जनरल स्टोर’ को सीज़ (सील) कर दिया है। साथ ही, फर्जी तरीके से क्लीनिक चलाने और गलत इलाज करने के मामले में एक विस्तृत जांच कमेटी भी बिठा दी गई है। ग्रामीणों की मांग है कि इन झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ हत्या और धोखाधड़ी का सख्त मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाए।
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⚠️ कानूनी अस्वीकरण एवं जनहित अपील
यह समाचार स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई, पीड़ित परिवार की आधिकारिक शिकायत और ग्रामीणों द्वारा दिए गए ज्ञापन के आधार पर तैयार किया गया है। ‘ख़बर बीकानेर’ आम जनता से अपील करता है कि किसी भी बीमारी या गर्भावस्था (प्रेगनेंसी) की स्थिति में हमेशा सरकारी अस्पताल या किसी मान्यता प्राप्त (डिग्रीधारी) विशेषज्ञ डॉक्टर से ही अपना इलाज करवाएं।
चिकित्सा विभाग की जांच रिपोर्ट और पुलिस द्वारा एफआईआर (FIR) दर्ज होने के बाद नए तथ्यों के आधार पर इस खबर को अपडेट किया जाएगा। पोर्टल किसी भी त्रुटि या परिवर्तन के लिए उत्तरदायी नहीं है।
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