📅 ताज़ा ख़बर
📍 वाशिंगटन / तेहरान
🕵️♂️ खुफिया जांच रिपोर्ट
📌 खबर के मुख्य बिंदु
- ▶ ईरान में मार गिराए गए अमेरिकी एफ-15 लड़ाकू विमान के पायलट का सफल बचाव अभियान
- ▶ विमान दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद अमेरिकी पायलट ईरान के खतरनाक पहाड़ों में छिप गया था
- ▶ ईरानियों को भटकाने के लिए सीआईए ने रची थी एक खौफनाक और भ्रामक साज़िश
- ▶ सीआईए ने जानबूझकर यह फर्जी खबर फैलाई कि पायलट को सड़क मार्ग से बाहर निकाला जा रहा है
- ▶ ईरान की पूरी सेना सड़क और समंदर पर खोजती रही, और अमेरिका ने पहाड़ों से हवाई मार्ग के जरिए निकाल लिया अपना जवान
वाशिंगटन डीसी / तेहरान। मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच चल रही भयंकर सैन्य तनातनी के बीच एक ऐसा खुफिया बचाव अभियान सामने आया है, जिसने पूरी दुनिया की सैन्य एजेंसियों को हैरान कर दिया है। जब ईरान ने अपनी सीमा में घुसपैठ कर रहे एक अमेरिकी एफ-15 लड़ाकू विमान को मिसाइल से मार गिराया था, तो उसके बाद वहां फंसे अमेरिकी पायलट को ज़िंदा निकालने के लिए अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए ने जो जाल बिछाया, वह बहुत ही अचरज भरा है।
🛑 ईरानियों को भटकाने का चला गया ब्रह्मास्त्र
मशहूर अमेरिकी अखबार द न्यूयॉर्क टाइम्स की हालिया विस्तृत रिपोर्ट के अनुसार, विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के तुरंत बाद अमेरिकी पायलट किसी तरह अपनी जान बचाकर ईरान के दुर्गम और खतरनाक पहाड़ों में छिपने में कामयाब हो गया था।
ईरानी सेना उस पायलट को पागलों की तरह चप्पे-चप्पे पर तलाश रही थी। इस खोज अभियान को भटकाने के लिए सीआईए ने एक भ्रामक अभियान शुरू किया। सीआईए ने बड़ी ही चालाकी से अपने जासूसों के ज़रिए ईरान में यह फर्जी खबर फैला दी कि अमेरिकी सेना ने अपने पायलट को ढूंढ लिया है और उसे एक जमीनी काफिले के ज़रिए सड़क मार्ग से देश से बाहर निकाला जा रहा है।
ईरान की बौखलाहट और इनाम की घोषणा
सीआईए की यह साज़िश पूरी तरह से कामयाब रही। इस फर्जी खबर से ईरानी सुरक्षा बलों और उनके कमांडरों के बीच भारी भ्रम पैदा हो गया। ईरानियों ने पहाड़ छोड़कर अपना पूरा ध्यान सड़कों, मुख्य मार्गों और समुद्री रास्तों की घेराबंदी पर लगा दिया।
ईरानी प्रशासन की बौखलाहट इस कदर बढ़ गई थी कि उन्होंने अपने सरकारी टीवी चैनलों पर बाकायदा ऐलान कर दिया और आम जनता से अपील की कि वे दुश्मन के पायलटों को पकड़ने में मदद करें। ईरान ने अमेरिकी पायलट को जिंदा पकड़कर सुरक्षा बलों को सौंपने वाले के लिए भारी-भरकम इनाम की घोषणा भी कर दी थी।
“सीआईए के पूर्व स्टेशन प्रमुख डैन हॉफमैन ने कहा कि सीआईए ईरानियों को यह विश्वास दिलाने में पूरी तरह से सफल रही कि अमेरिका एक समुद्री बचाव अभियान की तैयारी कर रहा है। जबकि ठीक उसी समय, असली अमेरिकी पायलट को बहुत ही खामोशी से पहाड़ों के बीच से हवाई मार्ग द्वारा सुरक्षित निकाल लिया गया था।”
ईरान के साइबर नेटवर्क को किया गया हैक
डैन हॉफमैन ने सीआईए की इस पूरी कार्यप्रणाली का खुलासा करते हुए बताया कि अमेरिकी खुफिया टीम ज़मीन पर मौजूद उस पायलट की सटीक जगह भी ट्रैक कर रही थी, और साथ ही साथ ईरानी सुरक्षा बलों की हर एक गतिविधि पर भी पैनी नज़र रखे हुए थी।
हॉफमैन ने बताया कि ईरान के पास काफी उन्नत साइबर क्षमताएं हैं। सीआईए को उन संचार माध्यमों के बारे में अच्छी तरह से पता था, जिन्हें ईरानी सुरक्षा बल सुन रहे थे। उन्होंने जानबूझकर उन चैनलों पर कुछ सच्ची और कुछ फर्जी सूचनाएं लीक कर दीं, ताकि उन्हें उस जानकारी पर पूरा भरोसा हो जाए। और फिर, इसी जाल में फंसाकर उन्होंने यह पूरा का पूरा असाधारण बचाव अभियान सफलतापूर्वक अंजाम दे दिया।
हालांकि, ईरानी अधिकारियों ने अमेरिका के इस पूरे पायलट रेस्क्यू के दावे को खारिज किया है और इसे ‘ऑपरेशन ईगल क्लॉ’ जैसी मनगढ़ंत कहानी करार दिया है। लेकिन, अमेरिका के इस बड़े खुलासे ने एक बार फिर ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे इस खुफिया युद्ध को दुनिया के सामने लाकर खड़ा कर दिया है।
मध्य पूर्व का युद्ध, अंतरराष्ट्रीय हलचल और देश-दुनिया की हर बड़ी खबर सीधे अपने मोबाइल पर पाने के लिए👇
🌍 अंतरराष्ट्रीय समाचार डेस्क
यह समाचार विश्व की प्रमुख समाचार एजेंसियों (द न्यूयॉर्क टाइम्स और फॉक्स न्यूज़ की रिपोर्ट्स) तथा सीआईए के पूर्व अधिकारियों के बयानों पर आधारित है। मध्य पूर्व में बदलते घटनाक्रम और इन सैन्य कार्रवाइयों के दावों-प्रतिदावों पर ‘ख़बर बीकानेर’ की नज़र बनी हुई है। किसी भी नए अपडेट या आधिकारिक खंडन के साथ इस खबर को तुरंत संशोधित किया जाएगा।
#F15FighterJet
#CIARescueOperation
#MiddleEastCrisis
#DanHoffman
#MilitaryNews
#ख़बर_बीकानेर
© ख़बर बीकानेर | सभी अधिकार सुरक्षित