बीकानेर PBM अस्पताल की बड़ी लापरवाही: जनाना और नर्सरी वार्ड के पीछे लगा गंदगी का अंबार, मरीजों-नवजातों पर मंडरा रहा जहरीले जानवरों का खतरा!

🚨 जनहित अलर्ट | बीकानेर | पीबीएम अस्पताल

बीकानेर के सबसे बड़े सरकारी पीबीएम अस्पताल का जनाना और नर्सरी वार्ड इन दिनों बीमारी और खतरे का घर बनता जा रहा है। वार्ड के ठीक पीछे गंदगी का विशाल अंबार लगा है, जिससे न केवल संक्रमण फैल रहा है, बल्कि वहां जहरीले जानवरों का खौफ भी लगातार बना हुआ है।

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📍 पीबीएम अस्पताल, बीकानेर
🏥 स्वास्थ्य विभाग (लापरवाही)

📌 खबर के मुख्य बिंदु

  • पीबीएम अस्पताल के जनाना अस्पताल और नर्सरी वार्ड (एल वार्ड) की व्यवस्थाएं बदहाल
  • वार्ड के ठीक पीछे कचरे और गंदगी का विशाल ढेर लगा हुआ है
  • गंदगी के कारण वार्ड में सांप-बिच्छू जैसे जहरीले जानवरों का खतरा हर पल मंडरा रहा है
  • सबसे बड़ी चिंता: कचरे के ढेर के पास ही मरीजों और तीमारदारों के पीने के पानी का होद बना है
  • अस्पताल प्रशासन की इस घोर अनदेखी से प्रसूताओं और नवजात शिशुओं को भारी संक्रमण का डर

बीकानेर। मरीजों को नई ज़िंदगी देने वाला संभाग का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल— पीबीएम— खुद गंभीर रूप से बीमार नज़र आ रहा है। अस्पताल प्रशासन की घोर लापरवाही और सफाई व्यवस्था की अनदेखी ने यहां भर्ती मरीजों और उनके परिजनों की जान को सांसत में डाल दिया है। सबसे बुरे हालात जनाना अस्पताल के हैं, जहाँ नवजात बच्चों और उनकी माताओं को संक्रमण और जहरीले जानवरों से भारी खतरा बना हुआ है।

🛑 एल वार्ड और नर्सरी के पीछे पसरी गंदगी

प्राप्त जानकारी और मौके की स्थिति के अनुसार, पीबीएम के जनाना अस्पताल के एल वार्ड और अति-संवेदनशील नर्सरी वार्ड के ठीक पीछे के हिस्से में गंदगी का भारी आलम है।

यहां लंबे समय से कचरे का निस्तारण नहीं किया गया है, जिसके कारण पीछे एक बड़ा डंपिंग यार्ड (कचरे का ढेर) बन गया है। इस गंदगी से उठने वाली बदबू और पनप रहे मच्छरों ने वार्ड में भर्ती प्रसूताओं और छोटे-छोटे मासूम बच्चों का जीना मुहाल कर दिया है।

जहरीले जानवरों का खौफ, पानी का होद भी असुरक्षित

सबसे ज़्यादा चौंकाने वाली और डरावनी बात यह है कि इस भयंकर गंदगी के कारण वहां सांप, बिच्छू और कीड़े-मकोड़ों जैसे जहरीले जानवरों का खतरा हर पल बना रहता है। रात के समय यह खतरा और भी कई गुना बढ़ जाता है, जब तीमारदार (परिजन) वार्ड के बाहर या ज़मीन पर आराम करने को मजबूर होते हैं।

“लापरवाही की इंतहा देखिए! जिस जगह यह सड़ांध मारती गंदगी और कचरे का ढेर लगा है, उसके बिल्कुल पास ही मरीजों और उनके परिजनों के पीने के पानी का होद बना हुआ है। गंदे पानी का रिसाव और कीटाणु सीधे पीने के पानी में मिल सकते हैं, जिससे हैजा, डायरिया और अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा पैदा हो गया है।”

सवाल यह उठता है कि करोड़ों रुपए के सफाई टेंडर पास होने के बावजूद, अस्पताल के सबसे संवेदनशील वार्डों— जहाँ नवजात शिशु अपनी पहली सांस लेते हैं— वहां सफाई व्यवस्था इतनी लचर क्यों है? पीबीएम प्रशासन आखिर किस बड़े हादसे या संक्रमण फैलने का इंतज़ार कर रहा है? आमजन अब अस्पताल प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन से इस ओर तुरंत ध्यान देकर सफाई सुनिश्चित करने की कड़ी मांग कर रहे हैं।

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⚠️ Legal Disclaimer (जनहित अपील)

इस पोर्टल पर प्रकाशित सभी समाचार उपलब्ध स्रोतों, सार्वजनिक जानकारी, मौके की स्थिति और मरीजों के परिजनों की शिकायतों के आधार पर तैयार किए जाते हैं। ‘ख़बर बीकानेर’ पीबीएम प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से अपील करता है कि नवजात बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तुरंत सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। तथ्य आगे आने वाली आधिकारिक पुष्टि या प्रशासनिक कार्रवाई (सफाई अभियान) के अनुसार अपडेट किए जा सकते हैं। पोर्टल किसी भी त्रुटि या परिवर्तन के लिए उत्तरदायी नहीं है।

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