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📍 छत्तरगढ़, बीकानेर
👨⚖️ पोक्सो न्यायालय
📌 खबर के मुख्य बिंदु
- ▶ बीकानेर पोक्सो कोर्ट (POCSO) की पीठासीन अधिकारी अनु अग्रवाल ने सुनाया सख्त फैसला
- ▶ आरोपी अणुताराम उर्फ अणदाराम को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा
- ▶ कोर्ट ने दरिंदे पर 3 लाख रुपए का भारी अर्थदंड (जुर्माना) भी लगाया
- ▶ मामला 23 नवंबर, 2022 का है, जब छत्तरगढ़ पुलिस थाने में दर्ज हुई थी FIR
- ▶ राज्य की ओर से विशिष्ट लोक अभियोजक चतुर्भुज सारस्वत ने की मामले की पैरवी
बीकानेर। समाज को शर्मसार कर देने वाले एक जघन्य अपराध के मामले में न्याय की जीत हुई है। बीकानेर की विशेष पोक्सो कोर्ट (POCSO Court) ने 7 साल की एक मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म करने वाले दरिंदे को उसके किए की कड़ी सजा दी है। पोक्सो कोर्ट की पीठासीन अधिकारी (जज) अनु अग्रवाल ने इस सनसनीखेज मामले की सुनवाई करते हुए आरोपी को 20 साल के कठोर कारावास (Rigorous Imprisonment) और 3 लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।
🛑 क्या था पूरा मामला? माँ ने रंगे हाथों पकड़ा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह रूह कंपा देने वाली घटना 23 नवंबर 2022 को बीकानेर के छत्तरगढ़ पुलिस थाना क्षेत्र में घटी थी।
पीड़िता के परिजनों द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी 7 साल की बच्ची स्कूल गई थी, लेकिन शाम होने तक जब वह घर वापस नहीं लौटी तो परिवार वालों ने उसकी खोजबीन शुरू की।
ढूंढते-ढूंढते बच्ची की मां जब सूरतगढ़ रोड की तरफ पहुंची, तो उसे एक जगह से अपनी मासूम बच्ची के चीखने और रोने की आवाज़ सुनाई दी। मां ने जब खिड़की से झांक कर देखा, तो आरोपी अणुताराम उर्फ अणदाराम उसकी बच्ची के साथ बर्बरतापूर्वक दुष्कर्म (Rape) कर रहा था।
20 साल की जेल और 3 लाख का जुर्माना
मां के चीखने और लोगों के जुटने पर आरोपी को पकड़ने की कोशिश की गई, लेकिन वह मौका पाकर वहां से फरार होने में कामयाब हो गया। हालांकि, छत्तरगढ़ पुलिस ने त्वरित और सख्त कार्रवाई करते हुए कुछ ही समय बाद दरिंदे को गिरफ्तार कर लिया और ठोस सबूतों के साथ कोर्ट में चालान पेश कर दिया।
“कोर्ट में चली लंबी सुनवाई के दौरान, अभियोजन पक्ष की ओर से 17 गवाहों के अहम बयान दर्ज करवाए गए। राज्य सरकार की ओर से इस केस की मजबूत पैरवी विशिष्ट लोक अभियोजक (Special Public Prosecutor) चतुर्भुज सारस्वत ने की।”
सभी गवाहों और पक्के सबूतों को मद्देनजर रखते हुए कोर्ट ने आरोपी अणुताराम को पोक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत पूरी तरह दोषी माना। कोर्ट ने उसे 20 साल के कठोर कारावास के साथ-साथ 3 लाख रुपए का अर्थदंड (Fine) भी लगाया है। कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि यदि दोषी यह जुर्माना राशि जमा नहीं कराता है, तो उसे 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
बीकानेर पुलिस, कोर्ट के फैसले और क्राइम अलर्ट्स सबसे पहले पाने के लिए👇
⚠️ जनहित में जारी (Child Safety Awareness)
यह समाचार बीकानेर की माननीय पोक्सो कोर्ट (POCSO Court) द्वारा सुनाए गए आधिकारिक और अंतिम फैसले पर आधारित है। ख़बर बीकानेर सभी अभिभावकों से अपील करता है कि अपने छोटे बच्चों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें। बच्चों को ‘गुड टच’ और ‘बैड टच’ के बारे में जागरूक करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत पुलिस हेल्पलाइन 112 या चाइल्डलाइन 1098 पर कॉल करें।
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