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📍 नगर निगम, बीकानेर
💰 यूडी टैक्स वसूली
📌 खबर के मुख्य बिंदु
- ▶ निगम आयुक्त मयंक मनीष ने सादुल क्लब को जारी किया पहला नोटिस
- ▶ सादुल क्लब पर लगभग 1.5 करोड़ रुपये का यूडी (UD) टैक्स बकाया
- ▶ निगम की 50% छूट योजना के बावजूद क्लब ने नहीं जमा कराया टैक्स
- ▶ बिजली कंपनी BKESL पर भी करोड़ों का UD टैक्स बकाया होने की चर्चा
- ▶ आमजन में रोष: “हमारा बिल 1 महीने लेट तो कनेक्शन कटता है, तो VIP पर मेहरबानी क्यों?”
बीकानेर। बीकानेर नगर निगम द्वारा बकाया अर्बन डेवलपमेंट (UD) टैक्स की वसूली के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान ने अब रफ्तार पकड़ ली है। निगम अब छोटे-मोटे बकायेदारों के साथ-साथ शहर के बड़े और रसूखदार संस्थानों पर भी शिकंजा कस रहा है। इसी कड़ी में निगम आयुक्त मयंक मनीष ने सख्ती दिखाते हुए शहर के प्रतिष्ठित सादुल क्लब (Sadul Club) को पहली बार वसूली का नोटिस जारी किया है।
सादुल क्लब पर 1.5 करोड़ बकाया, 50% छूट भी बेअसर
जानकारी के अनुसार, सादुल क्लब पर करीब डेढ़ करोड़ रुपये का UD टैक्स बकाया चल रहा है। हैरानी की बात यह है कि नगर निगम की ओर से टैक्स जमा कराने पर 50 प्रतिशत तक की भारी छूट दी जा रही थी, इसके बावजूद क्लब प्रबंधन ने अब तक टैक्स का भुगतान नहीं किया।
उल्लेखनीय है कि सादुल क्लब मैदान में साल भर समय-समय पर बड़े व्यावसायिक मेले, प्रदर्शनियां और अन्य आयोजन होते रहते हैं, जिनसे क्लब को मोटी आय होती है। इसके बावजूद नगर निगम का इतना बड़ा बकाया न चुकाना शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। सूत्रों का कहना है कि अब तक किसी भी पूर्व आयुक्त ने सादुल क्लब जैसे प्रतिष्ठित संस्थान को नोटिस जारी करने की जहमत नहीं उठाई थी, लेकिन मौजूदा प्रशासन ने बिना किसी दबाव के यह बड़ी कार्रवाई की है।
⚡ बिजली कंपनी (BKESL) पर उठे सवाल
सादुल क्लब के अलावा, बीकानेर में बिजली आपूर्ति करने वाली निजी कंपनी BKESL पर भी करोड़ों रुपये का यूडी टैक्स बकाया बताया जा रहा है। इस खुलासे के बाद शहरवासियों में गहरा रोष है और दोहरे मापदंड को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
आम आदमी का कटता है कनेक्शन, तो VIP पर मेहरबानी क्यों?
इस मामले के सामने आने के बाद आम जनता में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि जब एक आम आदमी अपने घर का बिजली बिल एक महीने भी जमा नहीं करा पाता, तो BKESL तुरंत लाइनमैन भेजकर उसका कनेक्शन काट देती है। लेकिन जब खुद BKESL और सादुल क्लब जैसे रसूखदारों पर नगर निगम के करोड़ों रुपये बकाया हैं, तो उनके खिलाफ जब्ती या कुर्की जैसी सख्त कार्रवाई क्यों नहीं की जाती?
“निगम का वसूली अभियान आगे भी बिना किसी भेदभाव के जारी रहेगा। जो भी संस्थान या व्यक्ति यूडी टैक्स जमा नहीं कराएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।”
— नगर निगम प्रशासन
निगम के इस सख्त कदम से शहर के अन्य बड़े बकायेदारों में भी हड़कंप मच गया है। देखना यह होगा कि नोटिस मिलने के बाद सादुल क्लब और अन्य बड़े डिफाल्टर अपना बकाया चुकाते हैं या निगम को सीलिंग/कुर्की जैसी अगली कार्रवाई करनी पड़ती है।